सितंबर 2026 के Bernstein आकलन की सबसे अहम बात एक सीमा के साथ आती है: Huawei का Kirin 9050 Pro, Apple के A17 Pro से Geekbench 6 के मल्टीकोर टेस्ट में आगे है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वह Apple की नवीनतम चिप से भी तेज़ है। Bernstein के अनुसार, समग्र प्रदर्शन में Kirin, A20 Pro से करीब 30% पीछे है। फर्म ने Kirin की निर्माण तकनीक को लगभग 7 नैनोमीटर के समकक्ष आंका है; रिपोर्टिंग के मुताबिक इसे EUV लिथोग्राफी के बिना बनाया गया है।
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तीन चिप, दो अलग तरह की तुलना
A17 Pro के मुकाबले: Apple की 3 नैनोमीटर A17 Pro चिप पर Kirin की बढ़त खास तौर पर Geekbench 6 मल्टीकोर में दर्ज हुई है। यह टेस्ट देखता है कि CPU के कई कोर मिलकर काम कितनी अच्छी तरह संभालते हैं। इससे सिंगल-कोर प्रदर्शन या फोन के हर इस्तेमाल में Kirin की बढ़त साबित नहीं होती। उपलब्ध रिपोर्टिंग तीनों चिप के तुलनीय Geekbench 6 सिंगल-कोर नतीजे भी नहीं देती।
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A20 Pro के मुकाबले: Bernstein का करीब 30% पिछड़ने का आंकड़ा समग्र प्रदर्शन का आकलन है, Geekbench 6 सिंगल-कोर स्कोर नहीं। Apple की 2 नैनोमीटर A20 Pro चिप के Geekbench 7 नतीजों को भी Geekbench 6 के मल्टीकोर नतीजे के साथ सीधे नहीं मिलाना चाहिए—दोनों संस्करणों के स्कोर का पैमाना अलग है।
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Bernstein का अनुमान है कि मोबाइल चिप में Huawei का Apple से फासला पिछली पीढ़ी के लगभग चार साल से घटकर तीन साल रह गया है। यह एक साल की प्रगति है, नवीनतम Apple चिप की बराबरी का दावा नहीं।
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बिना EUV के प्रगति कैसे संभव हो सकती है?
Huawei की LogicFolding वास्तुकला, उसके Tau Scaling Law दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसमें लॉजिक को आपस में जुड़ी परतों में व्यवस्थित कर सिग्नल का रास्ता छोटा करने की कोशिश होती है। यानी प्रदर्शन सुधारने के लिए सिर्फ ट्रांजिस्टर को छोटा बनाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ता—एक संभावित रास्ता, जब EUV निर्माण उपकरणों तक पहुंच प्रतिबंधित हो। हालांकि बेंचमार्क नतीजे से यह तय नहीं किया जा सकता कि बढ़त का कितना हिस्सा परतों वाली इस डिजाइन से आया और कितना दूसरे बदलावों से।
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Huawei के मुताबिक, Kirin 9030 Pro की तुलना में ट्रांजिस्टर घनत्व प्रति वर्ग मिलीमीटर करीब 15.5 करोड़ से बढ़कर 23.8 करोड़ हुआ—लगभग 55% की वृद्धि। कंपनी का यह भी कहना है कि तुलनीय प्रदर्शन स्तर पर NPU की बिजली खपत 66%, GPU की 58% और CPU के एक परफॉर्मेंस कोर की 41% घटी। ये अलग-अलग हिस्सों के लिए कंपनी की ओर से बताए गए आंकड़े हैं; इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि पूरा फोन हर काम में कम बिजली खर्च करेगा।
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अभी क्या जांचना बाकी है?
स्वतंत्र रूप से किए गए, समान परिस्थितियों वाले Geekbench 6 टेस्ट—खासकर सिंगल-कोर तुलना—तस्वीर साफ करेंगे। बाजार में मिलने वाले फोन में लंबे समय तक रफ्तार, तापमान और बिजली खपत कैसी रहती है, यह भी देखना होगा। चिप निर्माण में सफल उत्पादन की दर और लागत भी खुले सवाल हैं। एक मल्टीकोर जीत और कंपनी के अपने माप इन सवालों का जवाब नहीं देते।
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