Anbernic ने अपने RG DS डुअल‑स्क्रीन हैंडहेल्ड के लिए आधिकारिक Linux ऑपरेटिंग सिस्टम जारी किया है। यह नया फर्मवेयर खास तौर पर Nintendo DS‑स्टाइल लेआउट वाले इस डिवाइस के लिए डिज़ाइन किया गया है और इसे microSD कार्ड से चलाया जा सकता है—यानी मौजूदा Android 14 सिस्टम हटाने की जरूरत नहीं होती।
इस बदलाव से डिवाइस का अनुभव काफी अलग हो जाता है। Android की सामान्य टैबलेट‑जैसी इंटरफेस की जगह Linux सिस्टम सीधे रेट्रो गेम लॉन्च करने और दो स्क्रीन वाले गेमप्ले को आसान बनाने पर केंद्रित है।
RG DS को शुरुआत में Android 14 के साथ लॉन्च किया गया था। Android होने से ऐप्स और कस्टमाइजेशन के विकल्प तो मिलते हैं, लेकिन शुरुआती उपयोगकर्ताओं और समीक्षाओं में कहा गया कि डुअल‑स्क्रीन डिवाइस के लिए इसका इंटरफेस थोड़ा असहज महसूस होता है।
इसी वजह से कई यूज़र्स ने बेहतर अनुभव के लिए GammaOS या अन्य कम्युनिटी फर्मवेयर का सहारा लिया।
Anbernic का नया Linux सिस्टम उसी समस्या को हल करने की कोशिश करता है—एक ऐसा इंटरफेस देकर जो सीधे डुअल‑स्क्रीन गेमिंग के लिए बनाया गया हो।
सबसे बड़ा बदलाव इसका लेआउट है। Android होम स्क्रीन की जगह Linux सिस्टम खुलते ही Nintendo DS‑जैसा गेम मेनू दिखाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
एमुलेटर सेक्शन कई रेट्रो प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करता है, जैसे:
साथ ही Nintendo DS गेम भी चलाए जा सकते हैं।
इससे डिवाइस का व्यवहार एक साधारण Android टैबलेट की तरह नहीं बल्कि रेट्रो गेमिंग के लिए बने समर्पित हैंडहेल्ड जैसा लगता है।
Linux फर्मवेयर में कुछ ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो खास तौर पर RG DS के हार्डवेयर को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
मुख्य जोड़:
इन सेटिंग्स से खिलाड़ी गेम के दौरान दोनों स्क्रीन के व्यवहार को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं—जो Android इंटरफेस में प्राथमिकता नहीं थी।
Anbernic ने इस Linux सिस्टम के साथ तीन खास विज़ुअल थीम भी दी हैं:
ये थीम सिस्टम का लुक बदलती हैं लेकिन DS‑स्टाइल इंटरफेस को बरकरार रखती हैं ताकि गेम तक जल्दी पहुंचा जा सके।
इस फर्मवेयर की सबसे दिलचस्प बात इसका इंस्टॉलेशन तरीका है। यह सिस्टम microSD कार्ड से बूट होता है।
सामान्य प्रक्रिया:
अगर microSD कार्ड मौजूद है तो डिवाइस Linux में बूट होगा। कार्ड निकालकर फिर से चालू करने पर यह सीधे अपने मूल Android सिस्टम में लौट आता है।
इससे प्रयोग करना आसान और जोखिम कम हो जाता है।
Linux OS मुख्य रूप से यूज़र इंटरफेस और फ्रंट‑एंड अनुभव को बेहतर बनाता है।
इसके फायदे:
इससे RG DS ज्यादा हद तक Nintendo DS‑जैसे समर्पित एमुलेटर की तरह महसूस होता है।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट्स में अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि इससे एमुलेशन की सटीकता, कम्पैटिबिलिटी, टचस्क्रीन व्यवहार या परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार होता है या नहीं।
हालांकि आधिकारिक Linux सिस्टम उपयोग में आसान है, लेकिन यह हर मामले में सबसे शक्तिशाली विकल्प नहीं है।
Android‑आधारित या कम्युनिटी फर्मवेयर अभी भी कुछ फायदे देते हैं:
1. ऐप इकोसिस्टम
Android आधारित सिस्टम जैसे GammaOS Android ऐप्स और अतिरिक्त एमुलेटर चला सकते हैं, जिससे ज्यादा लचीलापन मिलता है।
2. गहरा कस्टमाइजेशन
कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स अक्सर अतिरिक्त ट्यूनिंग, सिस्टम ऑप्टिमाइज़ेशन और प्रयोगात्मक फीचर्स प्रदान करते हैं।
3. उन्नत डुअल‑स्क्रीन लॉन्चर
कुछ Android लॉन्चर जैसे iiSU या Cocoon बहुत अधिक कस्टम DS‑स्टाइल इंटरफेस बना सकते हैं, जिनसे आधिकारिक Linux सिस्टम पूरी तरह प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाता।
Anbernic का नया Linux OS RG DS को काफी हद तक plug‑and‑play DS‑स्टाइल रेट्रो हैंडहेल्ड में बदल देता है। डुअल‑स्क्रीन के लिए बनाया गया इंटरफेस, बिल्ट‑इन थीम और microSD‑आधारित इंस्टॉलेशन इसे मूल Android अनुभव से कहीं ज्यादा सरल बनाते हैं।
नए उपयोगकर्ताओं के लिए यह शायद सबसे सुविधाजनक विकल्प होगा। लेकिन जो लोग अधिक कस्टमाइजेशन, Android ऐप सपोर्ट और उन्नत सेटिंग्स चाहते हैं, वे अभी भी GammaOS या अन्य कम्युनिटी फर्मवेयर को प्राथमिकता दे सकते हैं।
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Anbernic का नया Linux OS RG DS के लिए DS‑स्टाइल गेम लॉन्चर, डुअल‑स्क्रीन कंट्रोल और तीन बिल्ट‑इन थीम देता है।
Anbernic का नया Linux OS RG DS के लिए DS‑स्टाइल गेम लॉन्चर, डुअल‑स्क्रीन कंट्रोल और तीन बिल्ट‑इन थीम देता है। यह सिस्टम microSD कार्ड से बूट होता है, इसलिए Android 14 हटाने की जरूरत नहीं पड़ती और कार्ड निकालते ही डिवाइस फिर Android में लौट आता है।
हालांकि इंटरफेस ज्यादा सरल और DS‑फोकस्ड है, लेकिन Android‑आधारित कस्टम फर्मवेयर जैसे GammaOS या अन्य कम्युनिटी विकल्प ज्यादा कस्टमाइजेशन और ऐप सपोर्ट देते हैं।