अब तक Google Search मुख्यतः pull‑based था—आप सवाल पूछते हैं, परिणाम देखते हैं और बाद में अपडेट जानने के लिए फिर से सर्च करते हैं।
Information agents इस मॉडल को बदल देते हैं। ये persistent और proactive होते हैं, यानी एक बार सेट होने के बाद ये खुद ही अपडेट ढूंढकर आपको बताते रहते हैं।
सरल शब्दों में:
Google के अनुसार यह बदलाव Search को अधिक conversational और task‑oriented बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Google Alerts कई वर्षों से मौजूद है और यह किसी कीवर्ड से मेल खाने वाली नई वेब सामग्री आने पर ईमेल भेजता है।
लेकिन information agents इस विचार को काफी आगे ले जाते हैं।
मुख्य अंतर:
Google ने इन्हें खास तौर पर उन कामों के लिए डिजाइन किया है जिनके लिए लोग बार‑बार सर्च करते हैं।
उदाहरण के तौर पर:
उदाहरण के लिए, यदि कोई उपयोगकर्ता किसी खास कंपनी को फॉलो कर रहा है, तो एजेंट उसके शेयर मूल्य, कमाई रिपोर्ट और संबंधित खबरों पर नज़र रख सकता है और महत्वपूर्ण बदलाव होने पर उसका सार भेज सकता है।
क्योंकि यह प्रणाली सामान्य जानकारी निगरानी पर आधारित है, इसलिए भविष्य में इसे कई अन्य तरह की बार‑बार की जाने वाली खोजों पर भी लागू किया जा सकता है।
सामान्य प्रक्रिया कुछ इस तरह है:
हालाँकि नोटिफिकेशन की आवृत्ति या स्रोत चुनने जैसे कुछ नियंत्रण विकल्पों के बारे में अभी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
शुरुआत में:
दूसरे देशों या सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए कब उपलब्ध होगा, इस बारे में अभी आधिकारिक समयरेखा घोषित नहीं की गई है।
Information agents यह दिखाते हैं कि सर्च इंजन किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अब हर बार नया सवाल पूछने के बजाय AI लगातार आपके लिए जानकारी ढूंढ सकता है और महत्वपूर्ण अपडेट का सार दे सकता है।
अगर यह तकनीक व्यापक रूप से अपनाई जाती है, तो Google धीरे‑धीरे सिर्फ एक खोज उपकरण नहीं बल्कि हमेशा सक्रिय रहने वाला AI रिसर्च असिस्टेंट बन सकता है—जो बाज़ार, यात्रा, खबरों और अन्य विषयों पर आपके लिए लगातार नज़र रखे।
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