किशोरावस्था में झोउ ने स्कूल छोड़ दिया और बेहतर रोज़गार की तलाश में दक्षिण चीन के औद्योगिक शहर शेन्ज़ेन चली गईं। वहां उन्हें एक फैक्ट्री में नौकरी मिली जहां घड़ियों के कांच को घिसने और पॉलिश करने का काम किया जाता था। यही कौशल आगे चलकर उनके करियर की नींव बना।
लंबे काम के घंटों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अकाउंटिंग और कंप्यूटर ऑपरेशन जैसे विषयों के कोर्स भी किए ताकि आगे बढ़ने के मौके मिल सकें।
कुछ सालों के अनुभव के बाद झोउ ने अपना छोटा‑सा ग्लास‑प्रोसेसिंग वर्कशॉप शुरू किया। यही उद्यम धीरे‑धीरे विकसित होकर Lens Technology बन गया, जिसकी स्थापना शुरुआती 2000 के दशक में हुई।
कंपनी का फोकस था—उच्च गुणवत्ता वाला कवर ग्लास बनाना जो मजबूत, पारदर्शी और टचस्क्रीन डिवाइस के लिए उपयुक्त हो। जैसे‑जैसे स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लोकप्रिय होने लगे, ऐसे विशेष कांच की मांग तेजी से बढ़ने लगी।
2007 में Apple ने पहला iPhone लॉन्च किया। उस समय कंपनी को बड़े पैमाने पर मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाला स्क्रीन ग्लास चाहिए था। Lens Technology को Apple की सप्लाई‑चेन में जगह मिल गई—और यहीं से कंपनी की रफ्तार बदल गई।
जैसे‑जैसे iPhone की बिक्री दुनिया भर में बढ़ी, वैसे‑वैसे Lens Technology का उत्पादन और कारोबार भी तेजी से बढ़ा। जल्द ही यह कई वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांडों के लिए प्रमुख सप्लायर बन गई।
मार्च 2015 में Lens Technology ने Shenzhen के ChiNext स्टॉक मार्केट पर सूचीबद्ध होकर अपना IPO लॉन्च किया। इसके बाद कंपनी के शेयरों में तेज उछाल आया और झोउ कुनफेई की संपत्ति लगभग $10 अरब तक पहुंच गई।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर लगातार कई दिनों तक दैनिक ट्रेडिंग सीमा तक बढ़े, जिससे उनके हिस्से की कीमत तेजी से बढ़ गई।
इस IPO ने एक छोटे कांच वर्कशॉप को चीन की सबसे मूल्यवान टेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में बदल दिया।
बीजिंग में आयोजित एक उच्च‑स्तरीय राज्य भोज में झोउ कुनफेई को टिम कुक और एलन मस्क के बीच बैठाया गया। यह दृश्य इसलिए खास था क्योंकि ये दोनों नेता उन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो वैश्विक टेक उद्योग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी हैं—और जिनके साथ Lens Technology का कारोबारी संबंध रहा है।
इसलिए यह केवल एक औपचारिक बैठने की व्यवस्था नहीं थी। यह उस वास्तविकता को दर्शाता था कि आज की टेक दुनिया में केवल ब्रांड ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण पुर्जे बनाने वाले सप्लायर भी उतने ही अहम हैं।
झोउ कुनफेई की यात्रा—ग्रामीण गरीबी से लेकर वैश्विक टेक सप्लाई‑चेन के केंद्र तक—अक्सर चीन के "सेल्फ‑मेड" उद्यमियों की सबसे उल्लेखनीय कहानियों में गिनी जाती है।
शेन्ज़ेन के फैक्ट्री फ्लोर से शुरू हुआ उनका अनुभव आखिरकार एक ऐसे व्यवसाय में बदल गया जो दुनिया भर में लाखों इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए महत्वपूर्ण घटक बनाता है।
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