वियतनाम के कोच किम सांग-सिक ने 58वें मिनट में शुआन सोन को मैदान पर उतारा। करीब पांच मिनट बाद ही इस बदलाव का असर दिख गया। ट्रुओंग तिएन आन्ह के शॉट को रोके जाने के बाद पेनल्टी बॉक्स में छूटी गेंद पर शुआन सोन सबसे पहले पहुंचे और नजदीक से गोल कर दिया।
इसके बाद भी वह मलेशियाई डिफेंस के लिए सबसे बड़ा खतरा बने रहे। 89वें मिनट में उन्होंने बाईं ओर से ताकत के साथ आगे बढ़ते हुए डिफेंडर को पीछे छोड़ा और अज़री घानी के पैरों के बीच से गेंद निकालकर अपना दूसरा गोल पूरा किया।
वियतनाम के अन्य स्थानापन्न खिलाड़ियों ने भी दूसरे हाफ में टीम का नियंत्रण बनाए रखने में मदद की। गोलकीपर पैट्रिक ले जियांग ने कुछ अहम बचाव किए, जिससे वियतनाम ने दोनों चरणों में अपना गोलपोस्ट सुरक्षित रखा।
मलेशिया के खिलाफ दो गोलों के साथ टूर्नामेंट में शुआन सोन के गोलों की संख्या पांच हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह गोल्डन बूट की दौड़ में टीम के साथी नगुएन दिन्ह बाक के साथ शीर्ष पर हैं।
पहले चरण में भी शुआन सोन ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कुआलालंपुर में पहले हाफ के अतिरिक्त समय में शानदार डाइविंग हेडर से स्कोर खोला था। बाद में मलेशिया के डिफेंडर फारिस डैनिश के आत्मघाती गोल से वियतनाम ने वह मुकाबला 2-0 से जीता।
इस तरह दोनों चरणों में वियतनाम के चार गोलों में से तीन सीधे शुआन सोन के नाम रहे। चौथा गोल फारिस डैनिश के आत्मघाती गोल के रूप में आया।
पहले चरण की जीत के बाद कोच किम सांग-सिक के नेतृत्व में वियतनाम की ए-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपराजित लय 23 मुकाबलों तक पहुंच गई थी। माय दिंह में मिली जीत ने इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।
यह परिणाम मौजूदा चैंपियन वियतनाम को लगातार तीसरी बार ASEAN Hyundai Cup के फाइनल में भी ले गया। सेमीफाइनल में टीम ने पहले विदेशी मैदान पर बढ़त बनाई, दोनों मैचों में क्लीन शीट रखी और घरेलू चरण में दूसरे हाफ के दौरान निर्णायक प्रहार किए।
मलेशिया को पहले चरण में 0-2 से हारने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए कम से कम तीन गोल के अंतर से जीतना जरूरी था। इसलिए दूसरे चरण में उसके लिए शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण थे। पहले हाफ में गोल न खाने से टीम मुकाबले में बनी रही, लेकिन शुआन सोन के प्रवेश के बाद वह दबाव कायम नहीं रख सकी।
कुछ रिपोर्टों ने मलेशियाई टीम को चोटों से प्रभावित बताया है। हालांकि, उपलब्ध स्रोतों में अनुपस्थित खिलाड़ियों की पूरी सूची या उनकी चोटों की गंभीरता नहीं दी गई है। इसलिए यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है कि किस चोट का मैच पर कितना असर पड़ा।
वियतनाम अब दो चरणों वाले फाइनल में थाईलैंड का सामना करेगा। पहला चरण 22 अगस्त को निर्धारित है। उपलब्ध जानकारी में इस मुकाबले का आयोजन स्थल तथा वापसी चरण की तारीख और स्टेडियम की पूरी पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए इन विवरणों के लिए आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।
मलेशिया पर 4-0 की कुल जीत के बाद वियतनाम फाइनल में आत्मविश्वास के साथ पहुंचेगा। टीम के पास शानदार फॉर्म में चल रहे शुआन सोन और सेमीफाइनल में लगातार दो क्लीन शीट का मजबूत आधार है—लेकिन खिताब बचाने की असली परीक्षा अब थाईलैंड के खिलाफ होगी।