इस तकनीक को ‘Zombie Card’ attack नाम दिया गया। हालांकि यह कोई दूर से किया जाने वाला आसान हमला नहीं था: इसमें वास्तविक भौतिक कार्ड या उससे लगातार NFC proximity, कार्ड और terminal के बीच relay, तथा ऐसा account चाहिए जो authorization के समय अभी भी उपयोग योग्य हो। बंद या निष्क्रिय account अपने-आप सक्रिय नहीं हो जाता।
शोधकर्ताओं के relay setup में दो NFC-सक्षम स्मार्टफोन थे। एक फोन वास्तविक एक्सपायर्ड कार्ड से संवाद करता था, जबकि दूसरा फोन payment terminal के सामने कार्ड की तरह व्यवहार करता था। दोनों फोन Wi‑Fi के जरिए EMV संदेशों को आगे-पीछे भेजते रहे और इस तरह कार्ड तथा checkout terminal के बीच एक मध्यस्थ पुल बन गया।
इस आदान-प्रदान के दौरान relay ने terminal को दिखाई देने वाली expiry date बदल दी। बीती हुई तारीख की जगह भविष्य की तारीख भेजी गई, जिससे terminal की स्थानीय जांच में कार्ड current दिखाई दिया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि हमलावर को कार्ड की secret keys या cryptographic credentials गढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी। वास्तविक कार्ड ने EMV प्रक्रिया के लिए अपेक्षित signed और dynamic transaction data तैयार किया। कमजोरी cryptography में सीधे नहीं, बल्कि expiry date और बाकी authenticated data के बीच पर्याप्त मजबूत संबंध न होने में थी।
रिपोर्ट के अनुसार, समस्या Visa के contactless EMV Kernel 3 implementation में expiry date को संभालने के असंगत तरीके से जुड़ी थी। परीक्षण किए गए setup में terminal को दिखाई गई expiry date, authorization में इस्तेमाल होने वाले card data और transaction information से पर्याप्त रूप से cryptographically bound नहीं थी।
इससे एक अहम mismatch पैदा हुआ:
यानी हमला signature या cryptogram को नकली बनाने पर नहीं, बल्कि अलग-अलग fields के बीच integrity संबंध को कमजोर तरीके से लागू किए जाने पर आधारित था। यदि protocol किसी निर्णय के लिए इस्तेमाल होने वाली value को बाकी authenticated data से मजबूती से नहीं बांधता, तो signature genuine रहते हुए भी वह value बदली जा सकती है। शोधकर्ताओं ने इसे Visa contactless transaction flow में man-in-the-middle tampering weakness के रूप में बताया।
कार्ड की expiry को कई लोग कार्ड के भीतर मौजूद किसी स्थायी cryptographic बंदी की तरह समझते हैं। उपलब्ध शोध-सारांश से संकेत मिलता है कि contactless payment systems में expiry लागू करने के लिए कुछ checks terminal को मिले डेटा और issuer की authorization प्रक्रिया पर निर्भर कर सकते हैं।
यदि terminal को भविष्य की expiry date दिखाई दे और issuer को बाकी transaction evidence authentic मिले, तो system के पास यह पहचानने के लिए पर्याप्त और लगातार authenticated signal नहीं हो सकता कि इस्तेमाल किया गया physical card वास्तव में expire हो चुका है। फिर भी transaction की सफलता के लिए account का active और authorization योग्य रहना जरूरी है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यही expiry-date substitution परीक्षण किए गए Mastercard Kernel 2, American Express Kernel 4 और Discover Kernel 6 configurations पर सफल नहीं हुआ।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत यह विस्तार से नहीं बताते कि हर kernel में कौन-से field bindings या validation steps इस बदलाव को रोकते हैं। इसलिए सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि परीक्षण किए गए इन implementations ने इस खास manipulation को Visa configuration की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से अस्वीकार किया। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन brands के हर कार्ड पर सभी तरह के relay attacks या payment fraud असंभव हैं।
शोध में कई बड़े अमेरिकी बैंकों के कार्ड शामिल होने और अलग-अलग issuers के साथ transactions के परीक्षण की रिपोर्ट है।
लेकिन उपलब्ध source material में पांचों बैंकों के नाम या प्रत्येक बैंक के approval और decline का सत्यापित विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए किसी बैंक को निश्चित रूप से ‘हमला स्वीकार करने वाला’ या ‘हमेशा रोकने वाला’ बताना उचित नहीं होगा। परिणाम card product, account status, issuer controls, terminal, acquirer और transaction conditions पर निर्भर कर सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने मई और दिसंबर 2025 में Visa तथा प्रभावित बैंकों के साथ findings साझा कीं। इसमें reproduction material, transaction records और demonstration video शामिल थे।
लेकिन उपलब्ध स्रोतों में Visa का सत्यापित आधिकारिक बयान, confirmed security advisory या remediation rollout का प्रमाण नहीं है। इसलिए अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि Visa ने समस्या पूरी तरह ठीक कर दी है, किन कार्डों या terminals पर mitigation लागू है, या पूरे payment ecosystem में कोई उपाय अनिवार्य किया गया है।
इस कमजोरी का मूल समाधान यह है कि terminal को दिखाई देने वाली expiry date, card के authenticated data से अलग होकर न बदली जा सके।
सबसे पहले issuer के निर्देश देखें। यदि बैंक पुराना कार्ड वापस मांगता है, तो उसे नष्ट करने से पहले उसी प्रक्रिया का पालन करें। अन्यथा:
ये कदम फेंके गए कार्ड से जानकारी दोबारा हासिल किए जाने का जोखिम घटाते हैं, लेकिन account monitoring का विकल्प नहीं हैं। किसी भी अनजान transaction की सूचना तुरंत card issuer को दें।
इस तकनीक को ‘Zombie Card’ attack नाम दिया गया। हालांकि यह कोई दूर से किया जाने वाला आसान हमला नहीं था: इसमें वास्तविक भौतिक कार्ड या उससे लगातार NFC proximity, कार्ड और terminal के बीच relay, तथा ऐसा account चाहिए जो authorization के समय अभी भी उपयोग योग्य हो। बंद या निष्क्रिय account अपने-आप सक्रिय नहीं हो जाता।
शोधकर्ताओं के relay setup में दो NFC-सक्षम स्मार्टफोन थे। एक फोन वास्तविक एक्सपायर्ड कार्ड से संवाद करता था, जबकि दूसरा फोन payment terminal के सामने कार्ड की तरह व्यवहार करता था। दोनों फोन Wi‑Fi के जरिए EMV संदेशों को आगे-पीछे भेजते रहे और इस तरह कार्ड तथा checkout terminal के बीच एक मध्यस्थ पुल बन गया।
इस आदान-प्रदान के दौरान relay ने terminal को दिखाई देने वाली expiry date बदल दी। बीती हुई तारीख की जगह भविष्य की तारीख भेजी गई, जिससे terminal की स्थानीय जांच में कार्ड current दिखाई दिया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि हमलावर को कार्ड की secret keys या cryptographic credentials गढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी। वास्तविक कार्ड ने EMV प्रक्रिया के लिए अपेक्षित signed और dynamic transaction data तैयार किया। कमजोरी cryptography में सीधे नहीं, बल्कि expiry date और बाकी authenticated data के बीच पर्याप्त मजबूत संबंध न होने में थी।
रिपोर्ट के अनुसार, समस्या Visa के contactless EMV Kernel 3 implementation में expiry date को संभालने के असंगत तरीके से जुड़ी थी। परीक्षण किए गए setup में terminal को दिखाई गई expiry date, authorization में इस्तेमाल होने वाले card data और transaction information से पर्याप्त रूप से cryptographically bound नहीं थी।
इससे एक अहम mismatch पैदा हुआ:
यानी हमला signature या cryptogram को नकली बनाने पर नहीं, बल्कि अलग-अलग fields के बीच integrity संबंध को कमजोर तरीके से लागू किए जाने पर आधारित था। यदि protocol किसी निर्णय के लिए इस्तेमाल होने वाली value को बाकी authenticated data से मजबूती से नहीं बांधता, तो signature genuine रहते हुए भी वह value बदली जा सकती है। शोधकर्ताओं ने इसे Visa contactless transaction flow में man-in-the-middle tampering weakness के रूप में बताया।
कार्ड की expiry को कई लोग कार्ड के भीतर मौजूद किसी स्थायी cryptographic बंदी की तरह समझते हैं। उपलब्ध शोध-सारांश से संकेत मिलता है कि contactless payment systems में expiry लागू करने के लिए कुछ checks terminal को मिले डेटा और issuer की authorization प्रक्रिया पर निर्भर कर सकते हैं।
यदि terminal को भविष्य की expiry date दिखाई दे और issuer को बाकी transaction evidence authentic मिले, तो system के पास यह पहचानने के लिए पर्याप्त और लगातार authenticated signal नहीं हो सकता कि इस्तेमाल किया गया physical card वास्तव में expire हो चुका है। फिर भी transaction की सफलता के लिए account का active और authorization योग्य रहना जरूरी है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यही expiry-date substitution परीक्षण किए गए Mastercard Kernel 2, American Express Kernel 4 और Discover Kernel 6 configurations पर सफल नहीं हुआ।
हालांकि, उपलब्ध स्रोत यह विस्तार से नहीं बताते कि हर kernel में कौन-से field bindings या validation steps इस बदलाव को रोकते हैं। इसलिए सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि परीक्षण किए गए इन implementations ने इस खास manipulation को Visa configuration की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से अस्वीकार किया। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन brands के हर कार्ड पर सभी तरह के relay attacks या payment fraud असंभव हैं।
शोध में कई बड़े अमेरिकी बैंकों के कार्ड शामिल होने और अलग-अलग issuers के साथ transactions के परीक्षण की रिपोर्ट है।
लेकिन उपलब्ध source material में पांचों बैंकों के नाम या प्रत्येक बैंक के approval और decline का सत्यापित विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए किसी बैंक को निश्चित रूप से ‘हमला स्वीकार करने वाला’ या ‘हमेशा रोकने वाला’ बताना उचित नहीं होगा। परिणाम card product, account status, issuer controls, terminal, acquirer और transaction conditions पर निर्भर कर सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने मई और दिसंबर 2025 में Visa तथा प्रभावित बैंकों के साथ findings साझा कीं। इसमें reproduction material, transaction records और demonstration video शामिल थे।
लेकिन उपलब्ध स्रोतों में Visa का सत्यापित आधिकारिक बयान, confirmed security advisory या remediation rollout का प्रमाण नहीं है। इसलिए अभी यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि Visa ने समस्या पूरी तरह ठीक कर दी है, किन कार्डों या terminals पर mitigation लागू है, या पूरे payment ecosystem में कोई उपाय अनिवार्य किया गया है।
इस कमजोरी का मूल समाधान यह है कि terminal को दिखाई देने वाली expiry date, card के authenticated data से अलग होकर न बदली जा सके।
सबसे पहले issuer के निर्देश देखें। यदि बैंक पुराना कार्ड वापस मांगता है, तो उसे नष्ट करने से पहले उसी प्रक्रिया का पालन करें। अन्यथा:
ये कदम फेंके गए कार्ड से जानकारी दोबारा हासिल किए जाने का जोखिम घटाते हैं, लेकिन account monitoring का विकल्प नहीं हैं। किसी भी अनजान transaction की सूचना तुरंत card issuer को दें।