स्थानीय अधिकारियों के अनुसार:
मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डे शेरेमेत्येवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन के मलबे गिरने की सूचना भी मिली, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि इससे बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
यूक्रेन की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि हमलों का उद्देश्य रूस के रक्षा उद्योग और ईंधन आपूर्ति प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था।
मुख्य लक्ष्यों में शामिल बताए गए:
एंगस्ट्रेम (Angstrem) सेमीकंडक्टर प्लांट, ज़ेलेनोग्राद (मॉस्को क्षेत्र): यूक्रेन के अनुसार ड्रोन हमले में इस माइक्रोचिप फैक्टरी को निशाना बनाया गया, जो रूस के उच्च‑सटीक हथियारों में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। हमले के बाद परिसर में आग लगने की खबर आई।
मॉस्को क्षेत्र का तेल ढांचा: यूक्रेनी बयानों के अनुसार मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और ईंधन आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े सोलनेच्नोगोर्स्काया और वोलोडार्स्काया तेल पंपिंग स्टेशन भी हमलों के लक्ष्य थे।
अन्य ऊर्जा और औद्योगिक ठिकाने: यूक्रेन का कहना है कि ऑपरेशन का उद्देश्य रूस के सैन्य‑औद्योगिक ढांचे और ईंधन लॉजिस्टिक्स को बाधित करना था।
यह रणनीति यूक्रेन की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसमें वह लंबी दूरी के ड्रोन से रूस के भीतर स्थित हथियार निर्माण, ईंधन और सैन्य आपूर्ति केंद्रों को निशाना बनाता है।
यूक्रेन ने यह भी बताया कि रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में स्थित कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले हुए। रिपोर्टों के अनुसार ड्रोन हमलों में बेलबेक (Belbek) सैन्य एयरबेस से जुड़े बुनियादी ढांचे और वायु‑रक्षा से संबंधित परिसंपत्तियों को निशाना बनाया गया।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु‑रक्षा प्रणाली ने रातभर में 556 यूक्रेनी ड्रोन को इंटरसेप्ट या नष्ट कर दिया।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक:
स्थानीय प्रशासन ने मॉस्को के आसपास के उपनगरों में कुछ आवासीय इमारतों को नुकसान होने की भी सूचना दी, जो अक्सर तब होता है जब मार गिराए गए ड्रोन का मलबा जमीन पर गिरता है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई रूस के लगातार हमलों का जवाब है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के शहरों और समुदायों पर हो रहे हमलों के खिलाफ यह प्रतिक्रिया “पूरी तरह जायज़” है।
यह बयान उस समय आया जब कुछ ही दिन पहले रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिनमें कई नागरिकों की मौत हुई थी। यूक्रेनी नेतृत्व का कहना है कि ऐसे जवाबी हमले यह दिखाने के लिए हैं कि अगर यूक्रेनी शहरों पर हमले जारी रहते हैं तो रूस के अंदर भी सैन्य और औद्योगिक ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
16–17 मई का यह हमला दिखाता है कि रूस‑यूक्रेन युद्ध अब केवल फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं है। दोनों पक्ष अब लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से दूर स्थित बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं।
यूक्रेन हाल के महीनों में रूस के ऊर्जा ठिकानों, हथियार कारखानों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर हमले बढ़ा रहा है, जबकि रूस भी यूक्रेनी शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।
रूस ने भले ही अधिकांश ड्रोन गिराने का दावा किया हो, लेकिन मॉस्को क्षेत्र तक पहुँचे इस हमले का पैमाना यह दिखाता है कि यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता लगातार बढ़ रही है।
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