मॉस्को के पास यह हमला उस श्रृंखला का हिस्सा था जिसमें यूक्रेन ने रूस के अंदर ऊर्जा और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया।
16–17 मई की घटना से दो दिन पहले, 14–15 मई की रात यूक्रेनी ड्रोन ने रियाज़ान शहर की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला किया। यह मॉस्को से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण‑पूर्व में स्थित रूस की प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है। हमले के बाद वहाँ बड़ी आग लग गई।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार हमले में शहर की कुछ आवासीय इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं। रिपोर्टों में चार लोगों की मौत और कम से कम एक दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
ऊर्जा ढांचे—खासतौर पर तेल रिफाइनरी—हाल के महीनों में यूक्रेन की रणनीति का अहम हिस्सा बन गए हैं क्योंकि इनसे रूस की ईंधन आपूर्ति और सैन्य लॉजिस्टिक्स प्रभावित हो सकते हैं।
तनाव सिर्फ एक दिशा में नहीं बढ़ रहा है। उसी समय रूस भी यूक्रेन के शहरों पर बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है।
मध्य मई में रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइलों की बड़ी लहरें दागीं। एक हमले में कीव की एक आवासीय इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई और नौ लोगों की मौत तथा कई लोग घायल हुए।
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार 16 मई की रात रूस ने 294 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से अधिकांश को रोक दिया गया, लेकिन देश भर में लगभग 20 जगहों पर हमलों का असर दर्ज किया गया।
रूस की इस रणनीति में अक्सर ड्रोन और मिसाइलों को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर दबाव बनाया जाता है।
हाल के हमलों की यह श्रृंखला उस समय सामने आई है जब युद्धविराम की कोशिशें बार‑बार विफल होती रही हैं।
यूक्रेन ने मई की शुरुआत में रूस पर आरोप लगाया कि उसने कीव द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए मोर्चों पर हमले और ड्रोन स्ट्राइक जारी रखीं।
दूसरी ओर रूस का कहना है कि उसने अलग‑अलग क्षेत्रों में यूक्रेन के सैकड़ों ड्रोन मार गिराए हैं। मई की शुरुआत में एक घटना में रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि 347 यूक्रेनी ड्रोन को कई क्षेत्रों में मार गिराया गया, जो 2022 में शुरू हुए पूर्ण युद्ध के बाद सबसे बड़े हमलों में से एक था।
यह पैटर्न दिखाता है कि दोनों पक्ष अब लंबी दूरी के ड्रोन को युद्ध का केंद्रीय हथियार बना रहे हैं—जिसका इस्तेमाल ऊर्जा ढांचे, सैन्य लॉजिस्टिक्स और प्रतीकात्मक लक्ष्यों, जैसे राजधानी मॉस्को, को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
16–17 मई का ड्रोन हमला इस बात का संकेत है कि युद्ध का हवाई मोर्चा भौगोलिक रूप से और भी फैल रहा है।
यूक्रेन लगातार अपनी ड्रोन क्षमता बढ़ाकर रूस के अंदर गहराई तक हमले कर रहा है, जबकि रूस बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेनी शहरों को निशाना बना रहा है।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच प्रतिशोध का चक्र और तेज हो रहा है। ऐसे माहौल में निकट भविष्य में किसी स्थायी युद्धविराम या शांति वार्ता की संभावना अभी अनिश्चित दिखाई देती है।
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