फिर भी Toyota दुनिया की सबसे ज्यादा वाहन बेचने वाली कंपनी बनी हुई है। Volkswagen Group को पीछे छोड़ते हुए उसने लगातार सातवें साल यह स्थान बरकरार रखा । बिक्री में कमी की सबसे बड़ी वजह चीन और मध्य-पूर्व के बाजार रहे, जबकि इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री और जापान में मजबूत मांग ने गिरावट का असर सीमित किया।
Toyota की चीन में बिक्री पहली छमाही में 17.1% घटकर 694,700 वाहन रह गई। सिर्फ जून में बिक्री में 27% की गिरावट आई ।
चीनी वाहन बाजार में स्थानीय इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों, खासकर BYD और अन्य घरेलू निर्माताओं, की प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर उपभोक्ताओं के रुझान ने Toyota की अपेक्षाकृत ज्यादा हाइब्रिड और पेट्रोल-इंजन आधारित मॉडल लाइनअप पर दबाव बढ़ाया ।
यह चुनौती केवल Toyota तक सीमित नहीं रही। पहली छमाही में किसी भी बड़ी जापानी वाहन कंपनी की चीन में बिक्री नहीं बढ़ी।
मध्य-पूर्व में बिक्री मार्च में करीब एक-तिहाई गिर गई और पहली छमाही के दौरान कमजोर बनी रही । मई में इस क्षेत्र में Toyota की बिक्री 38.6% तक घट गई ।
Bloomberg और Reuters ने इस गिरावट को मध्य-पूर्व में जारी उथल-पुथल से जोड़ा। ईरान से जुड़े संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव ने शिपिंग मार्गों तथा सप्लाई चेन को प्रभावित किया । अप्रैल में मध्य-पूर्व को Toyota का निर्यात 90% से अधिक घट गया ।
Toyota के सबसे ज्यादा बिकने वाले SUV मॉडल RAV4 की नई पीढ़ी पर जाने की प्रक्रिया ने भी उत्पादन और डिलीवरी को प्रभावित किया। इसका असर खास तौर पर अमेरिका के केंटकी असेंबली प्लांट पर पड़ा ।
Toyota के एक प्रवक्ता के अनुसार, RAV4 की उपलब्धता में आई कमी मांग घटने की वजह से नहीं, बल्कि प्लांट को नए मॉडल के लिए तैयार करने के दौरान उत्पादन में आए अंतर के कारण थी ।
अमेरिका में भी बिक्री कमजोर रही—मार्च में 8.5% और पूरे महीने के स्तर पर 7.2% की कमी दर्ज की गई—हालांकि यह गिरावट चीन और मध्य-पूर्व की तुलना में कम गंभीर थी ।
कमजोर पारंपरिक बाजारों के बीच Toyota और Lexus के इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री ने रिकॉर्ड बनाया। पहली छमाही में इनकी वैश्विक बिक्री 2,707,302 वाहन रही, जो सालाना आधार पर 9.1% अधिक है। कुल बिक्री में इन वाहनों की हिस्सेदारी 54% से ज्यादा हो गई ।
बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों यानी BEV की बिक्री 135% बढ़कर 193,172 वाहन पहुंच गई। इनमें बड़ा योगदान विदेशी बाजारों का रहा ।
यूरोप में Toyota के इलेक्ट्रिफाइड मॉडल कुल बिक्री के रिकॉर्ड 87% तक पहुंच गए। इसी क्षेत्र में BEV डिलीवरी 113% बढ़कर पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक हो गई ।
जापान में भी Toyota की EV बिक्री में तेज उछाल आया। 2026 की पहली तिमाही में बिक्री 3,300% बढ़कर 7,000 से अधिक वाहन हो गई। नई सब्सिडी नीतियों ने इस वृद्धि में मदद की और Toyota ने घरेलू बाजार में BYD से बेहतर प्रदर्शन किया ।
Toyota के लिए जापान का बाजार एक महत्वपूर्ण सहारा बना। जून में कंपनी की घरेलू बिक्री करीब 10% बढ़कर 194,295 वाहन हो गई । जनवरी-जून की पूरी अवधि में जापान में बिक्री 5.3% बढ़कर लगभग 1.09 मिलियन वाहन रही ।
Toyota ने घरेलू बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और पहली छमाही में जापान की सबसे ज्यादा बिकने वाली वाहन निर्माता बनी रही। इसमें Yaris मॉडल का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
इस तरह इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी और जापान की स्थिर मांग ने चीन तथा मध्य-पूर्व में हुए नुकसान को कुछ हद तक संतुलित किया।
आठ प्रमुख जापानी वाहन कंपनियों की संयुक्त वैश्विक बिक्री पहली छमाही में 2.3% घटकर 11.92 मिलियन वाहन रह गई। इनमें से छह कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज हुई ।
| कंपनी | H1 2026 वैश्विक बिक्री | सालाना बदलाव | मुख्य बात |
|---|---|---|---|
| Toyota (Daihatsu और Lexus समेत) | 5.39 मिलियन | -2.8% | दुनिया में नंबर 1; इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की हिस्सेदारी 50% से अधिक |
| Nissan | 1,506,052 | -6.7% | चीन और यूरोप में दोहरे अंकों की गिरावट; जापान से मजबूत निर्यात ने कुछ राहत दी |
| Honda | चीन में करीब 205,800 | चीन में -34.7% | जापान की शीर्ष तीन कंपनियों में चीन में सबसे बड़ी गिरावट; बिक्री लगातार 29 महीनों से कमजोर |
| Suzuki | रिकॉर्ड पहली छमाही, अनुमानित करीब 1.65 मिलियन | लगभग स्थिर से मामूली वृद्धि | भारत और जापान में मजबूत मांग; चीन पर कम निर्भरता |
| Mazda | अनुमानित करीब 560,000 | गिरावट | चीन और अमेरिका में दबाव |
| Mitsubishi | अनुमानित करीब 400,000 | गिरावट | ASEAN बाजारों में कमजोरी |
| Subaru, Isuzu और Hino | अलग-अलग | अलग-अलग | वैश्विक मांग में नरमी का असर |
चीन जापानी वाहन निर्माताओं के लिए साझा कमजोर बाजार रहा। Toyota की बिक्री 17.1%, Nissan की 15% और Honda की 34.7% घटी। Honda की गिरावट जापान की शीर्ष तीन कंपनियों में सबसे तेज रही ।
Suzuki ने जनवरी-जून अवधि के लिए रिकॉर्ड वैश्विक बिक्री दर्ज की। भारत में मजबूत मांग और वहां कंपनी की बड़ी बाजार स्थिति इसके प्रमुख कारण रहे । Daihatsu को जापान में नए Move मिनी वाहन की अच्छी बिक्री से फायदा मिला ।
Toyota की H1 2026 तस्वीर मिश्रित रही। वैश्विक बिक्री और उत्पादन दोनों में गिरावट आई, लेकिन कंपनी ने दुनिया की नंबर 1 वाहन निर्माता की स्थिति बरकरार रखी।
चीन में स्थानीय EV कंपनियों की चुनौती, मध्य-पूर्व में सप्लाई और लॉजिस्टिक्स व्यवधान तथा RAV4 के मॉडल बदलाव ने बिक्री पर दबाव डाला। इसके बावजूद इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री अब कुल बिक्री के आधे से अधिक हो गई है और जापान का घरेलू बाजार भी मजबूत रहा।
Nissan और Honda के पास अपनी क्षेत्रीय गिरावट की भरपाई करने के लिए अपेक्षाकृत कम सहारा था, जबकि Suzuki ने भारत-केंद्रित रणनीति के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया। व्यापक उद्योग की स्थिति भी आसान नहीं रही—दुनिया की 20 सबसे बड़ी कार कंपनियों की संयुक्त बिक्री पहली छमाही में 2.8% घटकर करीब 37.3 मिलियन वाहन रह गई ।