एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की। THORChain के सह संस्थापक JP Thor ने पूरे प्रोटोकॉल को ऑफलाइन करने का विरोध किया; उपलब्ध रिपोर्टिंग में विशिष्ट वॉलेट पते रोकने पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है। 31 अक्टूबर को इ...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did THORChain become a test case for whether permissionless crypto infrastructure should remain neutral when processing stolen funds aft. Article summary: THORChain became a test case because the FBI’s effort to stop stolen funds moving through crypto infrastructure collided with its co-founder’s opposition to taking a permissionless protocol offline. An unrelated technica. Topic tags: general, government, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, ch
एफबीआई की उस अपील ने THORChain के permissionless यानी बिना किसी केंद्रीय अनुमति के चलने वाले ढांचे को जांच के घेरे में ला दिया, जिसमें क्रिप्टो सेवाओं से बाइनेंस की 29 अक्टूबर 2026 की चोरी से जुड़े लेन-देन रोकने को कहा गया था। विवाद सिर्फ इस बात पर नहीं था कि प्रोटोकॉल बंद होना चाहिए या नहीं: एफबीआई ने पहचाने गए पतों से जुड़े ट्रांसफर रोकने की अपील की, जबकि सह-संस्थापक JP Thor ने THORChain को पूरी तरह ऑफलाइन करने का विरोध किया। इसके बाद एक अलग तकनीकी समस्या के चलते स्वैप रोके गए और चोरी की रकम ले जाने में इस्तेमाल हो रहा एक रास्ता अनजाने में प्रभावित हुआ।1
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एफबीआई ने बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की वर्चुअल संपत्तियों की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और इस गतिविधि को “TraderTraitor” नाम दिया। ब्यूरो ने कहा कि वह अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और आईआरएस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के साथ काम कर रहा है। उसके मुताबिक, चोरी की रकम मुख्य रूप से ईथर में बदली जा रही थी और आगे उसे DeFi तथा अन्य सेवाओं के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के लिए ले जाया जा सकता था।1
एजेंसियों की अपील में क्रिप्टो इंफ्रास्ट्रक्चर देने वाली सेवाओं से चोरी से जुड़े ट्रांजैक्शन रोकने को कहा गया। इस अपील पर प्रकाशित वॉलेट सूची में 608 इथेरियम पते, 19 बिटकॉइन पते और एक सोलाना पता शामिल थे।5 THORChain पर ध्यान इसलिए गया क्योंकि इसका क्रॉस-चेन स्वैप फीचर अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क के बीच संपत्तियां ले जाने का रास्ता देता है।
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इस अपील को पूरे प्रोटोकॉल को बंद करने की मांग समझना सही नहीं होगा। JP Thor की टिप्पणी पर रिपोर्टिंग के अनुसार, आग्रह लेन-देन रोकने का था, न कि THORChain को समूचे तौर पर बंद करने का।19 उन्होंने प्रोटोकॉल ऑफलाइन करने का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा करना बिना अनुमति चलने वाली सेटलमेंट व्यवस्था के प्रयोग को खत्म कर देगा। उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह स्पष्ट नहीं होता कि विशिष्ट पतों को ब्लॉक करने के बारे में उनकी क्या राय थी।
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31 अक्टूबर को इथेरियम ब्लॉक रीऑर्गनाइज़ेशन के कारण 10 ETH के डिपॉज़िट से जुड़ी रिफंड गड़बड़ी सामने आई। THORChain के मुताबिक, उसके ऑटोमैटिक सॉल्वेंसी चेकर ने पाया कि एक वॉल्ट ने ऐसा ETH चुका दिया था जो उसे मिला ही नहीं था। नोड ऑपरेटरों ने इथेरियम ट्रांजैक्शन पर हस्ताक्षर रोक दिए और फिर जांच के दौरान एहतियातन अन्य चेन पर भी गतिविधियां रोक दीं।31
Chainalysis ने बताया कि इस आपातकालीन रोक से हमलावरों समेत उपयोगकर्ता THORChain के बड़े हिस्से में क्रॉस-चेन स्वैप नहीं कर सके, जिससे बाइनेंस से जुड़ी रकम की लॉन्ड्रिंग में देरी हुई। यहां फर्क अहम है: यह रोक तकनीकी सुरक्षा के लिए लगाई गई थी; इससे यह साबित नहीं होता कि THORChain ने एफबीआई की अपील मान ली थी।18
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इस घटना ने समझाया कि व्यापक रोक का असर संदिग्ध ट्रांसफर के साथ-साथ उन अन्य उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ सकता है जो उसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर हैं। इस मामले में स्वैप रोकने की वजह किसी खास रकम को विवेकाधीन तरीके से ब्लॉक करने का फैसला नहीं, बल्कि सॉल्वेंसी से जुड़ी तकनीकी समस्या थी।31
इस ठहराव का असर THORChain के स्वैप पर था—फंड को अलग-अलग नेटवर्क के बीच ले जाने में सक्षम हर सेवा पर नहीं। बाद की रिपोर्टिंग में बाइनेंस से जुड़े एक वॉलेट के करीब 970,522 SOL, जिनकी कीमत 9.59 करोड़ डॉलर बताई गई, Relay के जरिए बिटकॉइन में बदलने का उल्लेख था।49 यह दिखाता है कि एक रास्ता रोकना, रकम की हर आवाजाही रोकने जैसा नहीं है।
इस घटना ने दो अलग सीमाएं सामने रखीं: permissionless प्रोटोकॉल मनमाने लेन-देन की जांच या रोक का विरोध कर सकता है, जबकि तकनीकी कारण से लगाया गया व्यापक ठहराव यह तय किए बिना गतिविधियां रोक सकता है कि कौन-सा उपयोगकर्ता या ट्रांसफर वैध है। उपलब्ध स्रोत यह नहीं दिखाते कि एफबीआई की अपील के कारण THORChain रुका था या इस रोक ने लॉन्ड्रिंग को स्थायी रूप से खत्म कर दिया।18
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THORChain इस बहस की कसौटी इसलिए बना क्योंकि यहां एक व्यावहारिक सवाल उठा: क्या निष्पक्षता का अर्थ है कि प्रोटोकॉल बिना मनमाने सेंसर के हर लेन-देन संसाधित करे—भले ही रकम को सार्वजनिक रूप से चोरी की संपत्ति बताया गया हो—या इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटरों को उसे रोकने में मदद करनी चाहिए? JP Thor का पूरे प्रोटोकॉल को बंद करने का विरोध पहले रुख को सामने लाता है; सेवा प्रदाताओं से एफबीआई की अपील दूसरे रुख को।5
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अचानक लगा तकनीकी ठहराव इस बहस का फैसला नहीं करता। इससे इतना जरूर दिखा कि संचालन पर लगाई गई रोक लॉन्ड्रिंग में बाधा डाल सकती है, लेकिन व्यापक रोक लक्षित रकम से जुड़े न होने वाले उपयोगकर्ताओं को भी प्रभावित करती है। उपलब्ध साक्ष्य इससे आगे यह दावा करने का आधार नहीं देते कि THORChain ने एफबीआई की अपील मान ली, वह पहचाने गए हर ट्रांसफर को चुनिंदा ढंग से रोक सकता था, या इस व्यवधान से हमलावरों की अन्य क्रॉस-चेन सेवाओं तक पहुंच खत्म हो गई।18
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की।
एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की। THORChain के सह संस्थापक JP Thor ने पूरे प्रोटोकॉल को ऑफलाइन करने का विरोध किया; उपलब्ध रिपोर्टिंग में विशिष्ट वॉलेट पते रोकने पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है।
31 अक्टूबर को इथेरियम ब्लॉक रीऑर्गनाइज़ेशन से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण THORChain ने स्वैप रोके—यह एफबीआई की अपील पर की गई कार्रवाई नहीं थी।
एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की। THORChain के सह संस्थापक JP Thor ने पूरे प्रोटोकॉल को ऑफलाइन करने का विरोध किया; उपलब्ध रिपोर्टिंग में विशिष्ट वॉलेट पते रोकने पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है। 31 अक्टूबर को इ...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did THORChain become a test case for whether permissionless crypto infrastructure should remain neutral when processing stolen funds aft. Article summary: THORChain became a test case because the FBI’s effort to stop stolen funds moving through crypto infrastructure collided with its co-founder’s opposition to taking a permissionless protocol offline. An unrelated technica. Topic tags: general, government, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, ch
एफबीआई की उस अपील ने THORChain के permissionless यानी बिना किसी केंद्रीय अनुमति के चलने वाले ढांचे को जांच के घेरे में ला दिया, जिसमें क्रिप्टो सेवाओं से बाइनेंस की 29 अक्टूबर 2026 की चोरी से जुड़े लेन-देन रोकने को कहा गया था। विवाद सिर्फ इस बात पर नहीं था कि प्रोटोकॉल बंद होना चाहिए या नहीं: एफबीआई ने पहचाने गए पतों से जुड़े ट्रांसफर रोकने की अपील की, जबकि सह-संस्थापक JP Thor ने THORChain को पूरी तरह ऑफलाइन करने का विरोध किया। इसके बाद एक अलग तकनीकी समस्या के चलते स्वैप रोके गए और चोरी की रकम ले जाने में इस्तेमाल हो रहा एक रास्ता अनजाने में प्रभावित हुआ।1
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एफबीआई ने बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की वर्चुअल संपत्तियों की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और इस गतिविधि को “TraderTraitor” नाम दिया। ब्यूरो ने कहा कि वह अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और आईआरएस क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के साथ काम कर रहा है। उसके मुताबिक, चोरी की रकम मुख्य रूप से ईथर में बदली जा रही थी और आगे उसे DeFi तथा अन्य सेवाओं के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के लिए ले जाया जा सकता था।1
एजेंसियों की अपील में क्रिप्टो इंफ्रास्ट्रक्चर देने वाली सेवाओं से चोरी से जुड़े ट्रांजैक्शन रोकने को कहा गया। इस अपील पर प्रकाशित वॉलेट सूची में 608 इथेरियम पते, 19 बिटकॉइन पते और एक सोलाना पता शामिल थे।5 THORChain पर ध्यान इसलिए गया क्योंकि इसका क्रॉस-चेन स्वैप फीचर अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क के बीच संपत्तियां ले जाने का रास्ता देता है।
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इस अपील को पूरे प्रोटोकॉल को बंद करने की मांग समझना सही नहीं होगा। JP Thor की टिप्पणी पर रिपोर्टिंग के अनुसार, आग्रह लेन-देन रोकने का था, न कि THORChain को समूचे तौर पर बंद करने का।19 उन्होंने प्रोटोकॉल ऑफलाइन करने का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा करना बिना अनुमति चलने वाली सेटलमेंट व्यवस्था के प्रयोग को खत्म कर देगा। उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह स्पष्ट नहीं होता कि विशिष्ट पतों को ब्लॉक करने के बारे में उनकी क्या राय थी।
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31 अक्टूबर को इथेरियम ब्लॉक रीऑर्गनाइज़ेशन के कारण 10 ETH के डिपॉज़िट से जुड़ी रिफंड गड़बड़ी सामने आई। THORChain के मुताबिक, उसके ऑटोमैटिक सॉल्वेंसी चेकर ने पाया कि एक वॉल्ट ने ऐसा ETH चुका दिया था जो उसे मिला ही नहीं था। नोड ऑपरेटरों ने इथेरियम ट्रांजैक्शन पर हस्ताक्षर रोक दिए और फिर जांच के दौरान एहतियातन अन्य चेन पर भी गतिविधियां रोक दीं।31
Chainalysis ने बताया कि इस आपातकालीन रोक से हमलावरों समेत उपयोगकर्ता THORChain के बड़े हिस्से में क्रॉस-चेन स्वैप नहीं कर सके, जिससे बाइनेंस से जुड़ी रकम की लॉन्ड्रिंग में देरी हुई। यहां फर्क अहम है: यह रोक तकनीकी सुरक्षा के लिए लगाई गई थी; इससे यह साबित नहीं होता कि THORChain ने एफबीआई की अपील मान ली थी।18
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इस घटना ने समझाया कि व्यापक रोक का असर संदिग्ध ट्रांसफर के साथ-साथ उन अन्य उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ सकता है जो उसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर हैं। इस मामले में स्वैप रोकने की वजह किसी खास रकम को विवेकाधीन तरीके से ब्लॉक करने का फैसला नहीं, बल्कि सॉल्वेंसी से जुड़ी तकनीकी समस्या थी।31
इस ठहराव का असर THORChain के स्वैप पर था—फंड को अलग-अलग नेटवर्क के बीच ले जाने में सक्षम हर सेवा पर नहीं। बाद की रिपोर्टिंग में बाइनेंस से जुड़े एक वॉलेट के करीब 970,522 SOL, जिनकी कीमत 9.59 करोड़ डॉलर बताई गई, Relay के जरिए बिटकॉइन में बदलने का उल्लेख था।49 यह दिखाता है कि एक रास्ता रोकना, रकम की हर आवाजाही रोकने जैसा नहीं है।
इस घटना ने दो अलग सीमाएं सामने रखीं: permissionless प्रोटोकॉल मनमाने लेन-देन की जांच या रोक का विरोध कर सकता है, जबकि तकनीकी कारण से लगाया गया व्यापक ठहराव यह तय किए बिना गतिविधियां रोक सकता है कि कौन-सा उपयोगकर्ता या ट्रांसफर वैध है। उपलब्ध स्रोत यह नहीं दिखाते कि एफबीआई की अपील के कारण THORChain रुका था या इस रोक ने लॉन्ड्रिंग को स्थायी रूप से खत्म कर दिया।18
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46
THORChain इस बहस की कसौटी इसलिए बना क्योंकि यहां एक व्यावहारिक सवाल उठा: क्या निष्पक्षता का अर्थ है कि प्रोटोकॉल बिना मनमाने सेंसर के हर लेन-देन संसाधित करे—भले ही रकम को सार्वजनिक रूप से चोरी की संपत्ति बताया गया हो—या इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटरों को उसे रोकने में मदद करनी चाहिए? JP Thor का पूरे प्रोटोकॉल को बंद करने का विरोध पहले रुख को सामने लाता है; सेवा प्रदाताओं से एफबीआई की अपील दूसरे रुख को।5
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अचानक लगा तकनीकी ठहराव इस बहस का फैसला नहीं करता। इससे इतना जरूर दिखा कि संचालन पर लगाई गई रोक लॉन्ड्रिंग में बाधा डाल सकती है, लेकिन व्यापक रोक लक्षित रकम से जुड़े न होने वाले उपयोगकर्ताओं को भी प्रभावित करती है। उपलब्ध साक्ष्य इससे आगे यह दावा करने का आधार नहीं देते कि THORChain ने एफबीआई की अपील मान ली, वह पहचाने गए हर ट्रांसफर को चुनिंदा ढंग से रोक सकता था, या इस व्यवधान से हमलावरों की अन्य क्रॉस-चेन सेवाओं तक पहुंच खत्म हो गई।18
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की।
एफबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को बाइनेंस से 6 अरब डॉलर से अधिक की चोरी के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और उससे जुड़े लेन देन रोकने की अपील की। THORChain के सह संस्थापक JP Thor ने पूरे प्रोटोकॉल को ऑफलाइन करने का विरोध किया; उपलब्ध रिपोर्टिंग में विशिष्ट वॉलेट पते रोकने पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है।
31 अक्टूबर को इथेरियम ब्लॉक रीऑर्गनाइज़ेशन से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण THORChain ने स्वैप रोके—यह एफबीआई की अपील पर की गई कार्रवाई नहीं थी।