इस कार्रवाई का मुख्य कानूनी आधार अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की इकाई Office of Foreign Assets Control (OFAC) है, जो अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करती है।
24 अप्रैल 2026 को OFAC ने Central Bank of Iran से जुड़े प्रतिबंधों को अपडेट किया और कई क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस को Specially Designated Nationals (SDN) सूची में शामिल किया।
जब कोई वॉलेट या संस्था SDN सूची में आ जाती है, तो अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों के लिए उससे जुड़ी संपत्ति या लेन‑देन को संभालना अवैध हो जाता है।
OFAC के दिशानिर्देश यह भी स्पष्ट करते हैं कि डिजिटल करेंसी एड्रेस को भी प्रतिबंध पहचानकर्ता के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है, जिससे एक्सचेंज, टोकन जारीकर्ता और अन्य प्लेटफॉर्म उन वॉलेट्स से जुड़ी गतिविधियों को ब्लॉक कर सकते हैं।
तकनीकी स्तर पर फंड फ्रीज़ करने की क्षमता Tether के पास थी, क्योंकि USDT एक केंद्रीकृत स्टेबलकॉइन है।
23 अप्रैल 2026 को टेथर ने पुष्टि की कि उसने अमेरिकी अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर ट्रॉन ब्लॉकचेन के दो वॉलेट एड्रेस में मौजूद $344 मिलियन से अधिक USDT फ्रीज़ कर दिए।
केंद्रीकृत स्टेबलकॉइन होने के कारण टेथर अपने टोकन कॉन्ट्रैक्ट में किसी भी वॉलेट को ब्लैकलिस्ट कर सकता है। ऐसा होने पर उस वॉलेट में मौजूद टोकन ट्रांसफर या रिडीम नहीं किए जा सकते—यानी पैसा ब्लॉकचेन पर दिखाई तो देता है, लेकिन उपयोग नहीं किया जा सकता।
इन दो वॉलेट्स में क्रमशः लगभग $213 मिलियन और $131 मिलियन USDT थे, जो इसे अब तक की सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन फ्रीज़ घटनाओं में से एक बनाता है।
इन वॉलेट्स को पहचानने और जोड़ने में ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनियों की अहम भूमिका रही।
विशेष रूप से Chainalysis के शोधकर्ताओं ने ट्रांजैक्शन पैटर्न का विश्लेषण किया और ट्रॉन नेटवर्क के इन वॉलेट्स को ईरान के सेंट्रल बैंक और कुछ ईरानी एक्सचेंजों से जुड़े बड़े नेटवर्क से जोड़ा।
एनालिसिस में पाया गया कि फंड्स ब्रोकर्स, इंटरमीडियरी वॉलेट्स और अन्य ऑन‑चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए घूमते थे, जिनका उपयोग स्टेबलकॉइन ट्रांसफर के लिए किया जाता था।
इस तरह की ट्रेसिंग ने नियामकों को यह स्थापित करने में मदद की कि कौन‑से वॉलेट प्रतिबंधित संस्थाओं से जुड़े हैं—और यही OFAC की सूची और टेथर की फ्रीज़ कार्रवाई का आधार बना।
इस पूरे मामले ने बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों पर भी ध्यान खींचा है, खासकर उन प्लेटफॉर्म्स पर जहां ऐसे फंड्स तरलता या रूटिंग के लिए पहुंच सकते हैं।
Wall Street Journal की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी वित्तपोषक Babak Zanjani से जुड़ा एक नेटवर्क करीब $850 मिलियन के ट्रांजैक्शन दो साल में Binance अकाउंट के जरिए प्रोसेस कर चुका था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस गतिविधि ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) का ध्यान आकर्षित किया और यह जांच शुरू हुई कि क्या ईरानी नेटवर्क ने एक्सचेंज का उपयोग प्रतिबंधों से बचने के लिए किया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जांच सीधे Binance पर है, उसके उपयोगकर्ताओं पर है, या दोनों पर।
Binance ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि रिपोर्ट में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं। कंपनी का कहना है कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करती है और प्रतिबंध अनुपालन का पालन करती है।
यह घटना दिखाती है कि आधुनिक समय में क्रिप्टो पर प्रतिबंध लागू करने का तरीका कैसे काम करता है:
इसका मतलब है कि अधिकारियों को हमेशा ब्लॉकचेन को “हैक” करने की जरूरत नहीं पड़ती। अक्सर वे क्रिप्टो इकोसिस्टम के संस्थागत नियंत्रण बिंदुओं—जैसे टोकन जारीकर्ता, एक्सचेंज और अनुपालन सिस्टम—का उपयोग करके फंड्स को निष्क्रिय कर देते हैं।
Operation Economic Fury इसी मॉडल का एक बड़ा उदाहरण है, जहां कानूनी प्रतिबंध, ऑन‑चेन फॉरेंसिक विश्लेषण और स्टेबलकॉइन नियंत्रण को मिलाकर सैकड़ों मिलियन डॉलर की डिजिटल संपत्ति को रोक दिया गया।
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