FRB 20240304B की शुरुआत मिलीसेकंड भर की रेडियो चमक के रूप में हुई, जिसे दक्षिण अफ्रीका की MeerKAT दूरबीन ने दर्ज किया। बाद में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने संकेत की दिशा में मौजूद बेहद धुंधली आकाशगंगा को देखा और उसका रेडशिफ्ट मापा: 2.148 ± 0.001। इससे पता चलता है कि यह रेडियो विस्फोट उस दौर में हुआ था जब ब्रह्मांड की उम्र करीब 3 अरब साल थी। प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, यह अब तक पहचानी गई मेज़बान आकाशगंगा वाला सबसे दूर का तेज़ रेडियो विस्फोट है।
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दूरी का पता कैसे चला?
MeerTRAP टीम ने 4 मार्च 2024 को MeerKAT की मदद से FRB 20240304B दर्ज किया।
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8 रेडियो संकेत की सटीक दिशा मिलने के बाद शोधकर्ता उसकी मेज़बान आकाशगंगा खोज सके। वेब के नियर-इन्फ्रारेड कैमरा (NIRCam) ने उस जगह एक आकाशगंगा पहचानी, जबकि उसके नियर-इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोग्राफ (NIRSpec) ने आकाशगंगा के प्रकाश का स्पेक्ट्रम लेकर रेडशिफ्ट मापा।
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स्पेक्ट्रम में ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से निकले प्रकाश के संकेत मिले। ब्रह्मांड के फैलने से दूरस्थ आकाशगंगाओं का प्रकाश खिसक जाता है; इन वर्णक्रमीय संकेतों के आधार पर टीम ने मेज़बान आकाशगंगा का रेडशिफ्ट z = 2.148 ± 0.001 तय किया।
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22 यह दूरी आकाशगंगा की पहचान और उसके स्पेक्ट्रम के मापन पर आधारित है—सिर्फ इस अनुमान पर नहीं कि रेडियो संकेत ने अंतरिक्ष में यात्रा करते हुए कितना पदार्थ पार किया।
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मेज़बान आकाशगंगा क्या बताती है?
अध्ययन के अनुसार, यह कम द्रव्यमान वाली, गांठदार बनावट की और तारे बनाने में सक्रिय आकाशगंगा है।
22 ऐसी आकाशगंगा शुरुआती ब्रह्मांड के एक बहुत पुराने दौर में हुए विस्फोट का संदर्भ देती है और वैज्ञानिकों को यह जांचने में मदद कर सकती है कि तेज़ रेडियो विस्फोट किन तरह के वातावरण में होते हैं।
हालांकि, मेज़बान आकाशगंगा की पहचान से विस्फोट पैदा करने वाली वस्तु की पहचान अपने-आप नहीं हो जाती। चुंबकीय क्षेत्र वाले युवा न्यूट्रॉन तारे—जिन्हें मैग्नेटार कहते हैं—तेज़ रेडियो विस्फोटों का एक संभावित स्रोत हैं। न्यूट्रॉन तारों के आपस में विलय को भी एक संभावना के तौर पर चर्चा में रखा गया है। इस खोज से पता चलता है कि विस्फोट कहां और कब हुआ; इससे अकेले यह साबित नहीं होता कि उसे किस प्रक्रिया ने जन्म दिया।
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अंतरिक्ष में लंबा रास्ता, और उसकी सीमाएं
शोध में संकेत के बीच के अंतरिक्ष से होकर आए रास्ते को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। इसकी दृष्टि-रेखा विरगो क्लस्टर और सामने स्थित एक आकाशगंगा समूह से होकर गुजरती है। इससे रास्ते में मौजूद पदार्थ और चुंबकीय क्षेत्रों की संरचना का अध्ययन करने का अवसर मिलता है।
22 लेकिन इसे अंतरिक्ष के बीच के समूचे पदार्थ का पूरा नक्शा नहीं समझना चाहिए: अध्ययन इस खास दृष्टि-रेखा से मिलने वाली जानकारी बताता है, मेज़बान आकाशगंगा और पृथ्वी के बीच की हर चीज़ की संपूर्ण गणना नहीं।
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मुख्य नतीजा स्पष्ट है: MeerKAT ने रेडियो विस्फोट दर्ज किया, वेब ने उसकी धुंधली मेज़बान आकाशगंगा पहचानी और स्पेक्ट्रम से ऐसा रेडशिफ्ट मापा जो घटना को ब्रह्मांड के शुरुआती 3 अरब वर्षों में रखता है।
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22 मेज़बान आकाशगंगा और बीच के अंतरिक्ष से होकर आया रास्ता आगे के सवालों के लिए अहम हैं, लेकिन वे मापी गई दूरी से अलग प्रश्न हैं।