जापान का रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप येन को तुरंत संभालने में सफल रहा, लेकिन उसके असर की उम्र छोटी रही। 31 जुलाई की अमेरिका-जापान की संयुक्त कार्रवाई के बाद डॉलर-येन विनिमय दर लगभग ¥164 से गिरकर ¥155 के आसपास आ गई—यानी येन में करीब 5% की तेजी आई। मगर 29 अगस्त तक डॉलर फिर मजबूत हुआ और USD/JPY लगभग ¥160.2 तक पहुंच गया।
6
14
42
हस्तक्षेप ने बाजार बदला, लेकिन बुनियादी समीकरण नहीं
जापान और अमेरिका ने 31 जुलाई को दुर्लभ समन्वित कार्रवाई की। उस समय येन करीब चार दशक के निचले स्तरों पर पहुंच गया था। जापानी अधिकारियों ने येन खरीदा और डॉलर बेचे, जबकि कार्रवाई ने येन पर दांव लगाने वाले कारोबारियों को अपनी शॉर्ट पोजीशन बंद करने के लिए मजबूर किया। इससे USD/JPY तेजी से गिरकर ¥155 के मध्य स्तरों तक पहुंच गया।
6
11
जापान के वित्त मंत्रालय के अनुसार, 30 जुलाई से 26 अगस्त के बीच अधिकारियों ने ¥15.4 ट्रिलियन यानी लगभग $96.5 अरब खर्च किए। उपलब्ध आंकड़ों में यह सबसे बड़ा मासिक विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप है।
18
20 अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, 2026 में अब तक जापान का कुल हस्तक्षेप ¥27 ट्रिलियन से अधिक हो चुका है।
24
इतनी बड़ी रकम बाजार के लिए मजबूत राजनीतिक और नीतिगत संकेत जरूर देती है, लेकिन सरकारी खरीद अपने-आप येन की स्थायी मजबूती सुनिश्चित नहीं करती। हस्तक्षेप बाजार की तरलता और निवेशकों की पोजीशन बदल सकता है; वह डॉलर की तुलना में येन रखने का कम रिटर्न खत्म नहीं करता।
वॉर्श के जैक्सन होल संदेश से डॉलर को नया सहारा
इसके बाद अमेरिकी मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने येन पर दबाव बढ़ाया। जैक्सन होल में फेड चेयर केविन वॉर्श ने कहा कि यदि नीति-निर्माताओं को यह भरोसा नहीं हुआ कि महंगाई 2% के लक्ष्य की ओर लौट रही है, तो फेड को “काम करना होगा।” बाजार ने इस बयान को अमेरिकी ब्याज-दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने, या जरूरत पड़ने पर और बढ़ने, के संकेत के रूप में लिया।
36
इस पुनर्मूल्यांकन से अमेरिकी अल्पकालिक बॉन्ड यील्ड बढ़ी और डॉलर मजबूत हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक दो-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में करीब 11 आधार अंक की वृद्धि हुई, जबकि येन गिरकर लगभग ¥160.16 प्रति डॉलर पर आ गया।
10
42
इस घटनाक्रम का क्रम महत्वपूर्ण है। जुलाई का हस्तक्षेप वास्तविक और तेज येन-रैली लेकर आया था। बाद में वॉर्श के बयान ने डॉलर को नया आधार दिया। इसलिए ¥160 के पार लौटना यह नहीं दिखाता कि हस्तक्षेप का तत्काल असर नहीं हुआ; यह दिखाता है कि अमेरिकी ब्याज-दरों और डॉलर की ताकत पर नए सिरे से ध्यान ने उस असर को पीछे छोड़ दिया।
ब्याज-दर का अंतर कैरी ट्रेड को आकर्षक बनाए रखता है
येन की सबसे बड़ी आर्थिक कमजोरी जापान और अमेरिका के बीच ब्याज-दर का अंतर है। रिपोर्टों के अनुसार, बैंक ऑफ जापान की नीतिगत दर 1.00% है, जबकि फेडरल रिजर्व की लक्ष्य सीमा 3.50% से 3.75% है। यदि BOJ दर बढ़ाकर 1.25% भी कर दे, तब भी अंतर दो प्रतिशत अंक से अधिक रहेगा।
43
यह अंतर निवेशकों को येन में कम लागत पर धन जुटाकर अधिक रिटर्न वाले डॉलर परिसंपत्तियों में निवेश करने के लिए प्रेरित करता है। इसे आम तौर पर कैरी ट्रेड कहा जाता है। हस्तक्षेप का दबाव कम होते ही हेज फंड और अन्य निवेशक येन पर शॉर्ट पोजीशन या कैरी ट्रेड फिर से बना सकते हैं—खासकर तब, जब अमेरिकी आर्थिक आंकड़े फेड के सख्त रुख की पुष्टि करें।
येन की टिकाऊ रिकवरी के लिए ब्याज-दर का यह अंतर दोनों तरफ से कम होना जरूरी होगा: फेड का रुख अपेक्षाकृत नरम पड़े और BOJ दर बढ़ाने के साथ आगे भी मौद्रिक नीति को सामान्य करने का स्पष्ट संकेत दे।
¥160 को “नीति-स्तर” कहने का मतलब क्या है?
बाजार में ¥160 प्रति डॉलर को अक्सर “नीति-स्तर” कहा जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि जापानी अधिकारियों ने ठीक ¥160 पर स्वचालित हस्तक्षेप का कोई नियम घोषित किया है। इसका मतलब है कि यह ऐसा व्यापक रूप से देखा जाने वाला क्षेत्र बन चुका है जहां मौखिक चेतावनी, बाजार की निगरानी और हस्तक्षेप की आशंका बढ़ जाती है।
39
सिर्फ संख्या ही नहीं, गिरावट की गति और बाजार की अव्यवस्था भी मायने रखती है। हस्तक्षेप से पहले के लगभग ¥164 स्तर की ओर तेज वापसी, ¥160 के आसपास धीरे-धीरे होने वाली गिरावट से अधिक चिंताजनक मानी जाएगी। जापान के पूर्व विदेशी मुद्रा अधिकारी नाओयुकी शिनोहारा ने कहा था कि हस्तक्षेप को ¥160 या ¥162 जैसे किसी एक स्तर से यांत्रिक रूप से नहीं बांधा जाएगा।
32
इसलिए कारोबारी केवल यह नहीं मान रहे कि ¥160 के ऊपर हर कदम पर तुरंत कार्रवाई होगी। वे यह भी देख रहे हैं कि क्या येन तेजी से ¥160 के मध्य स्तरों की ओर बढ़ता है और क्या गिरावट अव्यवस्थित हो जाती है।
टोक्यो और वॉशिंगटन दोबारा हस्तक्षेप में जल्दबाजी क्यों कर सकते हैं?
बार-बार हस्तक्षेप महंगा होता है और यदि बाजार विनिमय दर को जल्दी ही शुरुआती स्तरों पर वापस ले आए, तो इसकी विश्वसनीयता कमजोर पड़ सकती है। इसलिए टोक्यो और वॉशिंगटन किसी ऐसे घटनाक्रम का इंतजार कर सकते हैं जो विनिमय दरों की बुनियादी दिशा बदल दे—विशेषकर BOJ की अगली बैठक का।
बाजारों में सितंबर में BOJ की दर बढ़ोतरी की संभावना 30 जुलाई के 24% से बढ़कर अगस्त के मध्य में 76% हो गई थी।
2 केवल दर बढ़ाना सीमित असर डाल सकता है। अधिक महत्वपूर्ण यह होगा कि BOJ आगे भी मौद्रिक नीति सामान्य करने का संकेत देता है या नहीं, क्योंकि इससे येन में उधार लेकर कैरी ट्रेड करने से मिलने वाला अनुमानित लाभ घट सकता है।
अधिकारी मुद्रा नीति और वित्तीय बाजारों के जोखिम के बीच भी संतुलन बना रहे हैं। डॉलर जुटाने के लिए बड़ी मात्रा में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बेचने से ट्रेजरी बाजार पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से अमेरिका ने फेडरल रिजर्व की FIMA रेपो सुविधा के जरिए डॉलर की तरलता तक पहुंच का समर्थन किया है।
ट्रेजरी बॉन्ड बेचने के बजाय FIMA रेपो सुविधा क्यों?
FIMA का अर्थ है Foreign and International Monetary Authorities। यह सुविधा पात्र विदेशी केंद्रीय बैंकों और मौद्रिक संस्थाओं को अपने ट्रेजरी बॉन्ड अस्थायी रूप से फेड के पास रखकर डॉलर प्राप्त करने देती है। लेन-देन रेपो यानी पुनर्खरीद समझौते के रूप में होता है: संस्था डॉलर लेती है और बाद में बॉन्ड वापस खरीद लेती है।
45
48
49
इस ढांचे के दो प्रमुख लाभ हैं:
- विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के लिए अस्थायी डॉलर तरलता मिलती है।
- जापान को बड़ी मात्रा में ट्रेजरी बॉन्ड खुले बाजार में बेचने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बाजार में अचानक दबाव कम रहता है।
50
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया था कि समन्वित कार्रवाई में इस सुविधा का इस्तेमाल हुआ और इसके लिए बड़े सुरक्षा-तंत्र की मांग भी की।
1
8 इस तरह येन को संभालने का प्रयास केवल जापान की मुद्रा का मामला नहीं रह जाता; यह अमेरिकी सरकारी बॉन्ड बाजार और अमेरिका की उधारी लागत से भी जुड़ जाता है।
अब USD/JPY की दिशा किन घटनाओं से तय होगी?
आने वाले कुछ घटनाक्रम यह तय कर सकते हैं कि येन स्थिर होता है या फिर कमजोर पड़ता है:
- अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: रोजगार और महंगाई के आंकड़े फेड की सख्त नीति की उम्मीदों को मजबूत या कमजोर कर सकते हैं।
- सितंबर की BOJ बैठक: दर बढ़ोतरी के साथ आगे की बढ़ोतरी का स्पष्ट संकेत येन को केवल हस्तक्षेप की तुलना में अधिक टिकाऊ समर्थन देगा।
- अमेरिका-जापान समन्वय: जापान की वित्त मंत्री सत्सुकी कातायामा और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के बीच बातचीत से पता चल सकता है कि वॉशिंगटन किसी नए संयुक्त हस्तक्षेप का समर्थन करेगा या नहीं।
- येन की गिरावट की गति: ¥160 के आसपास धीमी कमजोरी की तुलना में ¥160 के मध्य स्तरों की ओर तेज और अव्यवस्थित गिरावट पर अधिकारियों की चिंता बढ़ने की संभावना अधिक होगी।
मुख्य सबक सीधा है: विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप समय खरीद सकता है, लेकिन उस समय को स्थायी बदलाव में बदलने का काम मौद्रिक नीति करती है। जब तक BOJ अमेरिका-जापान के ब्याज-दर अंतर को कम नहीं करता या फेड का रुख नरम नहीं पड़ता, डॉलर की मांग तेजी से लौट सकती है—भले ही जापान अपनी मुद्रा की रक्षा के लिए दसियों ट्रिलियन येन खर्च कर चुका हो।