मई 2026 में पश्चिमी कोर्दोफ़ान के घुबैश बाज़ार पर ड्रोन हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्रोन ने बाज़ार के अंदर एक भीड़भाड़ वाले रेस्तरां को निशाना बनाया, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ गई। यह हमला सूडान में बढ़ते ड्रोन हमलों के बड़े पैटर्न का हिस्सा है,...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did the drone strike on Ghabesh market in Sudan’s West Kordofan kill at least 28 people, how does it fit into the wider pattern of escal. Article summary: The Ghubaysh/Ghabesh market strike appears to have killed civilians because a drone hit a crowded market area in West Kordofan, reportedly striking near or at a busy restaurant, killing at least 28 people and injuring ab. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Drone attack on Sudan market kills 28. ## Two witnesses told AFP the drone hit a crowded restaurant at the town's main market, attributing the attack to the army. A drone attack" source context "Drone attack on Sudan market kills 28 | The Witness" Reference image 2: visual subject "CAIRO — Strikes on a market in central Sudan’
सूडान के पश्चिमी कोर्दोफ़ान प्रांत के घुबैश (Ghubaysh / Ghabesh) कस्बे में एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हमला सूडान के जारी गृहयुद्ध में नागरिकों पर हुए सबसे घातक हालिया हमलों में से एक माना जा रहा है।
यह घटना केवल एक अलग‑थलग हमला नहीं है। विश्लेषकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का कहना है कि सूडान के युद्ध में सशस्त्र ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
घटना पश्चिमी कोर्दोफ़ान के उस कस्बे में हुई जो रिपोर्टों के अनुसार रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) के नियंत्रण में है। हमला उस समय हुआ जब बाज़ार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और खाने‑पीने के लिए मौजूद थे।
मेडिकल सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:
स्थानीय मानवाधिकार समूह Emergency Lawyers ने भी कम से कम 28 मौतों और कई घायलों की पुष्टि की। समूह ने हमले के लिए सूडानी सेना (SAF) को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि सेना आमतौर पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करती है। इसलिए हमले की अंतिम जिम्मेदारी स्वतंत्र जांच के बिना पूरी तरह तय नहीं मानी जा सकती।
घुबैश का हमला उस व्यापक रुझान का हिस्सा है जिसमें सूडान के युद्ध में ड्रोन हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से कोर्दोफ़ान और दारफुर क्षेत्र अब इन हमलों के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं।
हालिया घटनाएँ इस प्रवृत्ति को स्पष्ट करती हैं:
इन घटनाओं से पता चलता है कि युद्ध के दौरान बाज़ार, सड़कें और परिवहन मार्ग जैसे नागरिक क्षेत्रों पर बार‑बार हमले हो रहे हैं। ड्रोन तकनीक के कारण लड़ाकू पक्ष बिना सीधे ज़मीनी लड़ाई के भी दूरस्थ इलाकों पर हमला कर सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि सूडान का संघर्ष अब और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर रहा है, मुख्य रूप से ड्रोन युद्ध के कारण।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार:
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क (Volker Türk) ने कहा कि सशस्त्र ड्रोन अब युद्ध में "नागरिक मौतों का सबसे बड़ा कारण" बन चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही तो संघर्ष और अधिक घातक हो सकता है—खासकर उन जगहों पर जहाँ बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, जैसे बाज़ार।
युद्ध प्रभावित इलाकों में बाज़ार अक्सर नागरिकों की भीड़, परिवहन मार्गों और स्थानीय चौकियों के पास होते हैं। अगर आसपास सैन्य वाहन, लड़ाके या आपूर्ति मौजूद हों तो ये स्थान हवाई हमलों के लिए संवेदनशील हो जाते हैं।
कुछ मामलों में रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ड्रोन ने पहले किसी वाहन या लड़ाकों को निशाना बनाया, लेकिन विस्फोट का असर आसपास मौजूद नागरिकों पर पड़ा। इससे अचानक बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते हैं।
सूडान का मौजूदा संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था, जब सत्ता संघर्ष के कारण दो प्रमुख ताकतों के बीच लड़ाई छिड़ गई:
अब यह युद्ध अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में इसके समाप्त होने की संभावना कम दिखाई देती है। कूटनीतिक प्रयास अब तक ज़मीनी हालात बदलने में सफल नहीं हुए हैं।
घुबैश बाज़ार पर हुआ हमला सूडान के युद्ध के कई कठोर सच सामने लाता है:
इन परिस्थितियों में सूडान के कई क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों के लिए खतरा अब केवल युद्ध के मोर्चों तक सीमित नहीं रहा। बाज़ार, सड़कें और रोज़मर्रा की जगहें भी इस संघर्ष में संभावित निशाने बनती जा रही हैं।
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मई 2026 में पश्चिमी कोर्दोफ़ान के घुबैश बाज़ार पर ड्रोन हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए।
मई 2026 में पश्चिमी कोर्दोफ़ान के घुबैश बाज़ार पर ड्रोन हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्रोन ने बाज़ार के अंदर एक भीड़भाड़ वाले रेस्तरां को निशाना बनाया, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ गई।
यह हमला सूडान में बढ़ते ड्रोन हमलों के बड़े पैटर्न का हिस्सा है, क्योंकि सेना (SAF) और आरएसएफ के बीच युद्ध चौथे साल में प्रवेश कर चुका है।