इसका मतलब यह था कि:
बाद में यह इंटीग्रेशन iOS 18.2, iPadOS 18.2 और macOS Sequoia 15.2 जैसे अपडेट्स के जरिए उपयोगकर्ताओं तक पहुंचा।
उस समय यह साझेदारी दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद लग रही थी:
लेकिन आगे चलकर यही उम्मीदें विवाद की वजह बन गईं।
2026 तक कई रिपोर्टों में कहा गया कि OpenAI इस साझेदारी के परिणामों से संतुष्ट नहीं है। कंपनी को उम्मीद थी कि Apple के इकोसिस्टम में ChatGPT को ज्यादा प्रमुखता मिलेगी और इससे यूज़र व सब्सक्रिप्शन तेजी से बढ़ेंगे।
लेकिन वास्तविकता अलग रही:
सूत्रों के मुताबिक तनाव इतना बढ़ गया कि OpenAI के वकील Apple को संभावित “ब्रीच‑ऑफ‑कॉन्ट्रैक्ट” नोटिस भेजने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई औपचारिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि Apple ने कथित रूप से किस अनुबंध शर्त का उल्लंघन किया होगा।
इस कहानी का बड़ा मोड़ तब आया जब Apple ने AI के लिए Google Gemini मॉडल्स के साथ काम करने का फैसला किया।
रिपोर्टों के अनुसार Apple और Google के बीच बहु‑वर्षीय समझौता हुआ, जिसके तहत Gemini मॉडल्स भविष्य के Siri और Apple Intelligence के लिए मुख्य बैकएंड “ब्रेन” बन सकते हैं।
अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो इसका मतलब होगा:
यह स्थिति Apple‑Google के पुराने डिफॉल्ट सर्च समझौते जैसी भी दिखती है, जिस पर पहले ही प्रतिस्पर्धा‑विरोधी (antitrust) जांच हो चुकी है। भविष्य में Gemini‑Siri समझौते पर भी इसी तरह के सवाल उठ सकते हैं।
एक और बड़ा कारण OpenAI की बदलती रणनीति है।
कंपनी अब सिर्फ AI सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहती। वह पूर्व Apple डिज़ाइन प्रमुख Jony Ive के साथ मिलकर नए AI‑पावर्ड उपभोक्ता डिवाइस विकसित कर रही है।
रिपोर्टों के अनुसार OpenAI ने Siri के लिए कस्टम मॉडल देने का अवसर इसलिए भी ठुकराया क्योंकि वह अपने स्वयं के AI हार्डवेयर इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर रही थी।
इस कदम ने रिश्ते की प्रकृति बदल दी:
Apple‑OpenAI विवाद वास्तव में एक बड़े प्रश्न को सामने लाता है: AI के भविष्य का नियंत्रण किसके पास होगा—मॉडल बनाने वाली कंपनियों के पास या प्लेटफॉर्म मालिकों के पास?
संभावित प्रभाव:
1. Google को बड़ा वितरण लाभ
अगर Gemini Siri का मुख्य मॉडल बनता है, तो Google को दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल प्लेटफॉर्मों में से एक तक सीधी पहुंच मिल सकती है।
2. OpenAI के लिए एक बड़ा चैनल कमज़ोर
iPhone और Mac पर गहरी इंटीग्रेशन ChatGPT के लिए विशाल अवसर था। उसकी भूमिका कम होने से OpenAI अपने ऐप्स और हार्डवेयर पर ज्यादा ध्यान दे सकता है।
3. प्लेटफॉर्म की शक्ति स्पष्ट
Apple जैसे डिवाइस निर्माता AI मॉडल प्रदाताओं को बदल सकते हैं—इससे पता चलता है कि अंतिम नियंत्रण अक्सर प्लेटफॉर्म के पास होता है।
साधारण उपयोगकर्ताओं के लिए तुरंत कोई बड़ा बदलाव नज़र नहीं आ सकता। लेकिन समय के साथ कुछ परिवर्तन संभव हैं:
अगर Apple मजबूत AI मॉडल के साथ Siri को फिर से बनाता है, तो प्रदर्शन बेहतर हो सकता है—लेकिन पारदर्शिता और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़े सवाल भी बढ़ सकते हैं।
इस कहानी की दिशा तय करने वाले कुछ प्रमुख संकेत होंगे:
आखिरकार यह केवल दो कंपनियों का विवाद नहीं है। यह उस बड़े संघर्ष का हिस्सा है जिसमें तय हो रहा है कि आने वाले वर्षों में अरबों लोग AI से कैसे और किस प्लेटफॉर्म के जरिए बातचीत करेंगे।
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