30 अगस्त 2026 को Paolo Ardoino की प्रतिक्रिया की रिपोर्टिंग हुई, लेकिन उपलब्ध स्रोत उनके पूरे पोस्ट या विस्तृत उद्धरण को प्रकाशित नहीं करते। BIS का तर्क है कि रोजमर्रा के बड़े पैमाने के भुगतान के लिए Tokenized Bank Deposits बेहतर हैं, क्योंकि वे केंद्रीय बैंक के धन, समान मूल्य पर निपटान और बैंकिंग सुरक्षा ढांचे से ज...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did Tether CEO Paolo Ardoino respond to BIS General Manager Pablo Hernández de Cos’s August 28, 2026 Jackson Hole argument that stableco. Article summary: I could not verify a public, attributable response by Paolo Ardoino to Hernández de Cos’s August 28 speech. The defensible reading is therefore not that Ardoino made a documented rebuttal, but that the BIS–stablecoin dis. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
सबसे सावधान और तथ्य-आधारित निष्कर्ष यह है कि Tether के CEO Paolo Ardoino की सार्वजनिक आलोचना की रिपोर्ट हुई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग में उनके पोस्ट का इतना हिस्सा नहीं दिया गया है जिससे Pablo Hernández de Cos के भाषण का बिंदुवार और पूर्ण खंडन साबित हो सके। रिपोर्ट के अनुसार, Ardoino ने कहा कि Stablecoin और Tokenized Deposits की मूलभूत जोखिम संरचनाएं अलग हैं। 37
यह फर्क महत्वपूर्ण है। Jackson Hole में बहस सिर्फ इस बात पर नहीं थी कि Blockchain तकनीक काम करती है या नहीं। असली सवाल यह था कि भविष्य की भुगतान व्यवस्था के केंद्र में किस तरह का डिजिटल पैसा होना चाहिए।
28 अगस्त 2026 को दिए गए भाषण में Bank for International Settlements (BIS) के महाप्रबंधक Pablo Hernández de Cos ने कहा कि मौजूदा रूप में Stablecoins बड़े पैमाने पर विश्वसनीय भुगतान माध्यम नहीं हैं। उनके अनुसार, रोजमर्रा के भुगतानों में Digital Ledger Technology का इस्तेमाल करने के लिए Tokenized Bank Deposits अधिक मजबूत आधार दे सकते हैं। 1
BIS का ढांचा एक सक्षम मौद्रिक व्यवस्था की दो बुनियादी विशेषताओं से शुरू होता है—साझा इकाई (Common Unit of Account) और धन की एकरूपता (Singleness of Money)। इसका अर्थ है कि एक ही मुद्रा में व्यक्त अलग-अलग मौद्रिक साधनों को केंद्रीय बैंक के धन में अंतिम रूप से समान मूल्य पर बदला जा सके। BIS अलग-अलग प्लेटफॉर्म और साधनों के बीच Interoperability पर भी जोर देता है। 12
यह केवल किसी एक जारीकर्ता की Solvency की जांच नहीं है। सवाल यह भी है कि सामान्य परिस्थितियों और वित्तीय तनाव के समय पैसे के अलग-अलग डिजिटल रूप एक ही भरोसेमंद भुगतान साधन की तरह काम करते रहेंगे या नहीं।
उपलब्ध रिपोर्ट में Ardoino का पूरा उद्धरण नहीं है। इसलिए उनके नाम से विस्तृत या बिंदुवार तर्क जोड़ना सही नहीं होगा। इतना कहा जा सकता है कि रिपोर्ट की गई प्रतिक्रिया में USDT जैसे Stablecoins और Tokenized Bank Deposits की अंतर्निहित जोखिम संरचना के अंतर पर जोर था। 37
यहीं से Stablecoin समर्थकों का मुख्य प्रतितर्क सामने आता है। उनके अनुसार, उचित नियमन वाला जारीकर्ता अलग रखे गए और पर्याप्त तरल रिजर्व रख सकता है तथा हर टोकन को एक-से-एक आधार पर भुनाने का वादा कर सकता है। इसके विपरीत, वाणिज्यिक बैंक आमतौर पर जमा राशि का इस्तेमाल कर्ज देने के लिए करते हैं और Short-Term Deposits तथा Long-Term Loans के बीच Maturity Transformation करते हैं।
इस नजरिए से Stablecoins की आलोचना इसलिए करना कि वे बैंकिंग धन की तरह काम नहीं करते, दो अलग-अलग मॉडलों को एक ही कसौटी पर परखना हो सकता है।
BIS का जवाब है कि केवल “रिजर्व से समर्थित” होना पैसे की पूरी कसौटी नहीं है। रिजर्व की गुणवत्ता, कानूनी रिडेम्पशन अधिकार, परिसंपत्तियों को बेचने में लगने वाला समय, संचालन व्यवस्था और अचानक निकासी (Run) की स्थिति—सभी यह तय करते हैं कि कोई टोकन हर परिस्थिति में समान मूल्य पर भरोसेमंद ढंग से भुनाया जा सकेगा या नहीं। इसलिए रिजर्व-आधारित मॉडल और Fractional-Reserve Banking का अंतर भुगतान प्रणाली की पूरी मजबूती का सवाल अपने-आप हल नहीं करता। 10
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दोनों पक्ष असल में अलग-अलग चीजों को मापना चाहते हैं।
Stablecoin समर्थक आम तौर पर इन खूबियों पर जोर देते हैं:
BIS का दृष्टिकोण पूरी व्यवस्था पर केंद्रित है:
सरल शब्दों में, Stablecoin का तर्क जारीकर्ता की Solvency और उपयोगकर्ता की पसंद से शुरू होता है। BIS का तर्क पूरे भुगतान और ऋण तंत्र की स्थिरता से। कोई टोकन उपयोगी और पर्याप्त रिजर्व वाला हो सकता है, लेकिन इससे यह अपने-आप साबित नहीं होता कि वह हर परिस्थिति में समान मूल्य पर स्वीकार किया जाने वाला सार्वभौमिक पैसा बन जाएगा।
Hernández de Cos ने यह नहीं कहा कि Stablecoins की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट की गई स्थिति यह है कि रोजमर्रा के Retail और Wholesale Payments का अधिकांश हिस्सा Tokenized Deposits संभालें, जबकि Stablecoins अधिक विशेष उपयोगों तक सीमित रह सकते हैं। 1
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यह रुख BIS की उस पसंद को दिखाता है जिसमें डिजिटल भुगतान मौजूदा Two-Tier Monetary System के भीतर रहते हैं—वाणिज्यिक बैंक जमा जारी करते हैं और केंद्रीय बैंक का पैसा अंतिम निपटान का आधार देता है। Tokenization से Programmability और भुगतान की गति बेहतर हो सकती है, लेकिन समान मूल्य पर निपटान को सहारा देने वाली संस्थागत संरचना बनी रहती है।
Stablecoin समर्थक इस सीमा से सहमत नहीं हैं। वे Open Networks, 24/7 Settlement, Remittances, Trading Collateral और Cross-Border Transfers जैसे उपयोगों की ओर इशारा करते हैं, जो पारंपरिक बैंकिंग चैनलों में आसानी से फिट नहीं होते। उनका मजबूत तर्क यह है कि नियमन और Interoperability के जरिए BIS द्वारा बताई गई कमजोरियों को दूर किया जा सकता है—बिना यह जरूरी बनाए कि मुख्य डिजिटल भुगतान साधनों पर बैंकों का नियंत्रण हो।
यह बहस तकनीक से आगे बढ़कर नीति तक जाती है। यदि किसी घरेलू अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा वाला Stablecoin व्यापक रूप से इस्तेमाल होने लगे, तो लोगों और कारोबारों को अपेक्षाकृत स्थिर इकाई में लेन-देन और सीमापार भुगतान की सुविधा मिल सकती है। लेकिन इससे Currency Substitution बढ़ सकती है और घरेलू मौद्रिक अधिकारियों का प्रभाव घट सकता है।
BIS को यह भी चिंता है कि यदि अलग-अलग टोकन आसानी से एक-दूसरे में न बदले जा सकें, तो भुगतान व्यवस्था जारीकर्ता या Blockchain-विशिष्ट धन में बंट सकती है। दूसरी ओर, समर्थकों का कहना है कि निजी डिजिटल डॉलर को केवल सीमित उपयोगों तक रोकना उन लोगों और कारोबारों के लिए महंगा साबित हो सकता है जिन्हें तेज और सस्ता अंतरराष्ट्रीय निपटान चाहिए।
दोनों रास्तों की अपनी कीमत है। एक मॉडल में बिखराव और मौद्रिक नीति पर कमजोर नियंत्रण का जोखिम है; दूसरे में नवाचार और भुगतान तक पहुंच को विनियमित बैंकिंग चैनलों के भीतर केंद्रित करने का खतरा।
BIS का एक और तर्क है कि Stablecoins का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल बैंकों से जमा राशि खींच सकता है। इससे बैंकों की Funding Cost बढ़ सकती है और वित्तीय मध्यस्थता का कुछ हिस्सा Non-Bank Issuers की ओर जा सकता है। नतीजतन कर्ज की उपलब्धता और उसकी कीमत प्रभावित हो सकती है, हालांकि भाषण पर आधारित रिपोर्टिंग के अनुसार BIS के Model-Based Estimates में इसका प्रभाव सीमित बताया गया है। 11
Stablecoin समर्थक इसे अलग नजरिए से देखते हैं। उनका कहना है कि प्रतिस्पर्धा को कम लागत वाली बैंक फंडिंग को चुनौती देने की अनुमति मिलनी चाहिए, खासकर तब जब लेन-देन वाली जमा राशि व्यवहार में बैंकिंग तंत्र में बंधी रहती है। इस दृष्टिकोण में Funding Cost का बढ़ना Stablecoin की खामी नहीं, बल्कि बैंकों को मिलने वाले अप्रत्यक्ष सस्ते फंडिंग लाभ को हटाने की बाजार कीमत हो सकती है।
मूल सवाल अब भी अनसुलझा है: क्या भुगतान जमा एक सार्वजनिक मौद्रिक कार्य है, जिसके लिए बैंकिंग तंत्र का आधार जरूरी है? या यह एक प्रतिस्पर्धी वित्तीय उत्पाद है, जिसे कड़े रिजर्व और उपभोक्ता-सुरक्षा नियमों के तहत निजी जारीकर्ताओं को भी उपलब्ध कराने देना चाहिए?
BIS की व्यापक दिशा केवल “Blockchain पर बैंक” बनाने की नहीं है। Project Agorá जैसे प्रयासों में वाणिज्यिक बैंक के धन और केंद्रीय बैंक के धन को एक Programmable साझा ढांचे में इस्तेमाल कर सीमापार भुगतान को बेहतर बनाने की संभावना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा Two-Tier System को बनाए रखते हुए भुगतान की कार्यक्षमता बढ़ाना है, न कि निजी Stablecoin को अंतिम Settlement Asset बनाना।
यहीं नियामकीय बहस का केंद्रीय विभाजन दिखता है:
BIS का भाषण दूसरे मॉडल के पक्ष में है, हालांकि वह Stablecoins पर बिना शर्त प्रतिबंध के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समान नियमों की जरूरत पर जोर देता है। 11
उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि Ardoino ने BIS की दलील को निर्णायक रूप से खारिज कर दिया। उनकी प्रतिक्रिया की रिपोर्ट हुई है, लेकिन उपलब्ध स्रोत उनके पूरे पोस्ट या Hernández de Cos के भाषण पर विस्तृत सार्वजनिक जवाब को पर्याप्त रूप से प्रस्तुत नहीं करते। 37
फिलहाल विवाद की रूपरेखा साफ है:
BIS यह नहीं कह रहा कि Stablecoins का हर उपयोग खत्म हो जाना चाहिए। उसका तर्क है कि किसी विशेष उपयोग में उपयोगी होना, बड़े पैमाने के रोजमर्रा के भुगतान की नींव बनने के लिए पर्याप्त नहीं है। Ardoino से जुड़ा Stablecoin पक्ष इस धारणा को चुनौती देता है कि बैंक-आधारित डिजिटल पैसा स्वभावतः अधिक सुरक्षित या कुशल है।
इसलिए सबसे मजबूत तथ्य-आधारित जवाब यही है: Ardoino ने कथित तौर पर BIS की जोखिम-तुलना पर आपत्ति जताई, लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड में Hernández de Cos के विशिष्ट भाषण का उनका विस्तृत और सत्यापित खंडन नहीं दिखता। असली नीति-चुनाव अब भी वही है—निजी, खुले Stablecoins या केंद्रीय बैंक के धन से जुड़े बैंक-जारी Tokenized Deposits।
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30 अगस्त 2026 को Paolo Ardoino की प्रतिक्रिया की रिपोर्टिंग हुई, लेकिन उपलब्ध स्रोत उनके पूरे पोस्ट या विस्तृत उद्धरण को प्रकाशित नहीं करते।
30 अगस्त 2026 को Paolo Ardoino की प्रतिक्रिया की रिपोर्टिंग हुई, लेकिन उपलब्ध स्रोत उनके पूरे पोस्ट या विस्तृत उद्धरण को प्रकाशित नहीं करते। BIS का तर्क है कि रोजमर्रा के बड़े पैमाने के भुगतान के लिए Tokenized Bank Deposits बेहतर हैं, क्योंकि वे केंद्रीय बैंक के धन, समान मूल्य पर निपटान और बैंकिंग सुरक्षा ढांचे से जुड़े रहते हैं।
Stablecoin समर्थकों का कहना है कि पूरी तरह आरक्षित और एक से एक रिडीम किए जा सकने वाले टोकन खुले नेटवर्क, 24/7 निपटान और वैश्विक डॉलर पहुंच दे सकते हैं।