स्टारबक्स ने लगभग 9 महीने बाद अपना AI आधारित “Automated Counting” इन्वेंट्री टूल बंद कर दिया क्योंकि सिस्टम बार‑बार गलत गिनती और लेबलिंग की गलतियाँ कर रहा था।[2][4] यह तकनीक स्टार्टअप NomadGo के साथ मिलकर बनाई गई थी और कंप्यूटर विज़न व स्मार्टफोन स्कैनिंग के जरिए स्टोर की इन्वेंट्री जल्दी गिनने के लिए इस्तेमाल होती...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did Starbucks’ attempt to replace human workers with an AI-powered inventory counting system turn out, why did the company deploy it und. Article summary: It appears to have failed quickly: Starbucks reportedly retired its AI-based “Automated Counting” inventory tool after about nine months because store workers said it made too many counting and labeling errors to be reli. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# How Starbucks Uses AI To Transform Global Supply Chains: 2025 Case Study On Inventory, Stockout Reduction, And ROI. Cover Image for How Starbucks Uses AI To Transform Global Supp" source context "How Starbucks Uses AI To Transform Global Supply Chains" Reference image 2: visual subject ", the global coffeehouse chain, has been
स्टारबक्स ने अपने स्टोर्स में एक बेहद साधारण लेकिन जरूरी काम को ऑटोमेट करने की कोशिश की—इन्वेंट्री गिनना। कंपनी ने इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया, लेकिन यह प्रयोग ज्यादा समय तक नहीं चला।
उत्तरी अमेरिका के हजारों स्टोर्स में लागू किए गए AI‑आधारित इन्वेंट्री सिस्टम को कंपनी ने करीब नौ महीने के भीतर ही बंद कर दिया, क्योंकि सिस्टम बार‑बार गलत गिनती करता था और कई आइटम्स की पहचान सही तरीके से नहीं कर पाता था।
पिछले कई वर्षों से स्टारबक्स को एक लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा था—स्टोर्स में जरूरी चीज़ों की कमी। कई बार दूध, पेस्ट्री, सैंडविच के लिए सामग्री या कप के ढक्कन जैसे बेसिक आइटम भी खत्म हो जाते थे। कंपनी के कई नेताओं ने माना कि इन कमीओं से बिक्री पर असर पड़ता है।
2024 में CEO बनने के बाद ब्रायन निकोल (Brian Niccol) ने इन सप्लाई‑चेन समस्याओं को सुधारना अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा। इसी रणनीति के तहत एक AI‑आधारित सिस्टम लाया गया, जिसका उद्देश्य स्टोर्स को तुरंत और सटीक तरीके से यह बताना था कि उनके पास वास्तव में कितना स्टॉक मौजूद है।
यह तकनीक सिएटल स्थित स्टार्टअप NomadGo के साथ मिलकर विकसित की गई थी। इसमें कंप्यूटर विज़न, 3D स्पेशियल इंटेलिजेंस और ऑगमेंटेड रियलिटी का इस्तेमाल किया गया। स्टोर कर्मचारी अपने स्मार्टफोन या टैबलेट से शेल्फ, फ्रिज और स्टोरेज एरिया स्कैन करते थे और सिस्टम खुद ही प्रोडक्ट पहचानकर उनकी संख्या गिनने की कोशिश करता था।
कंपनी की योजना थी कि यह सिस्टम:
स्टारबक्स ने इसे उत्तरी अमेरिका के 11,000 से अधिक स्टोर्स में लागू करने की योजना बनाई थी।
व्यवहार में यह तकनीक उतनी भरोसेमंद साबित नहीं हुई जितनी उम्मीद की गई थी। स्टोर कर्मचारियों के अनुसार सिस्टम कई बुनियादी कामों में ही गड़बड़ कर रहा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक AI अक्सर:
एक उदाहरण बार‑बार सामने आया—दूध के कार्टन। कुछ स्टोर्स में सिस्टम अलग‑अलग प्रकार के लेकिन एक जैसे दिखने वाले दूध के पैकेट को सही तरह से पहचान नहीं पाता था, जिससे इन्वेंट्री की गिनती गलत हो जाती थी।
इन्वेंट्री सिस्टम में ऐसी छोटी गलतियाँ भी बड़ी समस्या बन सकती हैं। यदि स्टॉक की संख्या गलत दर्ज हो जाए, तो ऑर्डरिंग सॉफ्टवेयर भी गलत मात्रा में सामान मंगा सकता है—कभी बहुत कम, कभी जरूरत से ज्यादा।
जब सिस्टम बार‑बार गलत डेटा देने लगा, तो स्टोर कर्मचारियों का भरोसा उस पर कम होने लगा। इन्वेंट्री की जानकारी रोज़मर्रा के संचालन के लिए बेहद अहम होती है—अगर वही गलत हो, तो सप्लाई समस्या और भी बढ़ सकती है।
इसी कारण स्टारबक्स ने फैसला किया कि इस टूल को जारी रखने के बजाय इसे बंद करना बेहतर होगा। कंपनी ने कर्मचारियों को भेजे गए आंतरिक संदेश में बताया कि “Automated Counting” टूल को रिटायर किया जा रहा है और इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए अधिक स्थिर और सुसंगत तरीके अपनाए जाएंगे।
यह मामला रिटेल इंडस्ट्री में AI लागू करने की एक आम चुनौती को दिखाता है। प्रयोगशाला या डेमो में तकनीक अक्सर शानदार लगती है, लेकिन वास्तविक स्टोर वातावरण में चीजें बहुत जटिल होती हैं—जैसे अलग‑अलग रोशनी, भरी हुई शेल्फ, एक जैसे पैकेजिंग वाले उत्पाद और आइटम्स का अनियमित ढंग से रखा होना।
स्टारबक्स का लक्ष्य एक उबाऊ लेकिन जरूरी काम को आसान बनाना था और साथ ही स्टॉक‑आउट की समस्या को कम करना था। लेकिन जब सिस्टम की सटीकता ही भरोसेमंद नहीं रही, तो कंपनी ने उस पर निर्भर रहने के बजाय उसे बंद करने का फैसला किया।
यह घटना रिटेल कंपनियों के लिए एक व्यावहारिक सबक भी है: जहाँ काम पूरी तरह सटीक गिनती और सही पहचान पर निर्भर करता है, वहाँ AI की छोटी‑सी गलती भी पूरे ऑपरेशन को प्रभावित कर सकती है।
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स्टारबक्स ने लगभग 9 महीने बाद अपना AI आधारित “Automated Counting” इन्वेंट्री टूल बंद कर दिया क्योंकि सिस्टम बार‑बार गलत गिनती और लेबलिंग की गलतियाँ कर रहा था।[2][4]
स्टारबक्स ने लगभग 9 महीने बाद अपना AI आधारित “Automated Counting” इन्वेंट्री टूल बंद कर दिया क्योंकि सिस्टम बार‑बार गलत गिनती और लेबलिंग की गलतियाँ कर रहा था।[2][4] यह तकनीक स्टार्टअप NomadGo के साथ मिलकर बनाई गई थी और कंप्यूटर विज़न व स्मार्टफोन स्कैनिंग के जरिए स्टोर की इन्वेंट्री जल्दी गिनने के लिए इस्तेमाल होती थी।[20][21]
रिपोर्ट्स के मुताबिक सिस्टम कई बार प्रोडक्ट गलत गिनता था और समान दिखने वाले आइटम—जैसे अलग‑अलग दूध के कार्टन—को पहचानने में भ्रमित हो जाता था।[1][10]