अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार शकीरा ने 2011 में स्पेन में लगभग 163 दिन बिताए, जो 183 दिन की सीमा से कम है। इसलिए अदालत ने माना कि उन्हें उस वर्ष स्पेन का टैक्स रेज़िडेंट नहीं कहा जा सकता।
यह विवाद मूल रूप से लगभग €55 मिलियन के टैक्स और जुर्माने से जुड़ा था, जो 2021 में स्पेन की टैक्स एजेंसी ने लगाया था।
जब हाई कोर्ट ने उस फैसले को रद्द कर दिया, तो उस आधार पर वसूली गई रकम का कानूनी आधार खत्म हो गया। स्पेन के प्रशासनिक कानून के अनुसार, अगर अदालत किसी टैक्स निर्णय को निरस्त कर देती है, तो सरकार को वसूली गई रकम वापस करनी पड़ती है, आम तौर पर कानूनी ब्याज सहित।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कोई अतिरिक्त मुआवजा नहीं है—यह सिर्फ वही पैसा है जिसे अदालत ने गलत तरीके से वसूला हुआ माना।
यह फैसला केवल 2011 के टैक्स वर्ष से जुड़ा है और उस व्यापक विवाद से अलग है जो 2012–2014 की अवधि से संबंधित था।
उस मामले में अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि शकीरा ने €14.5 मिलियन आयकर का भुगतान नहीं किया। 2023 में मुकदमे के पहले दिन शकीरा ने अभियोजकों के साथ समझौता कर लिया, टैक्स और जुर्माना चुकाने पर सहमति दी और बदले में उन्हें निलंबित सजा मिली, जिससे जेल जाने से बचाव हुआ।
दोनों मामलों के बीच मुख्य अंतर:
हाँ, यह फैसला अभी अंतिम नहीं भी हो सकता।
रिपोर्टों के अनुसार स्पेन की टैक्स एजेंसी राज्य के वकीलों से सुप्रीम कोर्ट (Tribunal Supremo) में cassation appeal दाखिल करने को कह सकती है, ताकि हाई कोर्ट के फैसले की समीक्षा कराई जा सके।
अगर अपील होती है, तो सुप्रीम कोर्ट यह देखेगा कि हाई कोर्ट ने टैक्स कानून की सही व्याख्या की थी या नहीं।
यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले कलाकारों, खिलाड़ियों और अन्य पेशेवरों के लिए टैक्स रेज़िडेंसी का नियम अक्सर पूरे केस का नतीजा तय कर देता है।
शकीरा के मामले में भी फैसला एक ही कानूनी सीमा पर टिका था—183 दिन का नियम। क्योंकि अधिकारी केवल 163 दिन ही साबित कर सके, अदालत ने माना कि सरकार अपना दावा साबित नहीं कर पाई। परिणामस्वरूप टैक्स आकलन रद्द हो गया और करोड़ों यूरो की राशि लौटाने का आदेश दिया गया।
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