दूसरे शब्दों में, कंपनियों ने कम यूनिट बेचकर भी ज्यादा कमाई की।
दक्षिण‑पूर्व एशिया दुनिया के सबसे कीमत‑संवेदनशील स्मार्टफोन बाजारों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में खरीदार आम तौर पर $200 से कम कीमत वाले फोन खरीदते हैं।
जब कंपनियों ने बढ़ती लागत उपभोक्ताओं तक पहुंचाई, तो सबसे ज्यादा झटका इसी सेगमेंट को लगा। कुछ बाजारों में $200 से कम कीमत वाले फोन की शिपमेंट 30% से अधिक गिर गई।
विश्लेषकों के अनुसार यह सिर्फ अस्थायी गिरावट नहीं, बल्कि कंपनियों की रणनीति में बदलाव का संकेत है। कई ब्रांड अब कम मार्जिन वाले एंट्री‑लेवल फोन की बजाय ज्यादा मुनाफे वाले मॉडल बेचने पर ध्यान दे रहे हैं।
यह बदलाव केवल दक्षिण‑पूर्व एशिया तक सीमित नहीं है। 2026 की शुरुआत में चीन के स्मार्टफोन बाजार में भी समान रुझान दिखाई दिया।
कारण वही था—मेमोरी सहित प्रमुख कंपोनेंट की कीमत बढ़ना, जिसके कारण कंपनियों को फोन की कीमत बढ़ानी पड़ी और मांग थोड़ी कमजोर पड़ गई।
इस पूरे बदलाव की जड़ सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में है। AI मॉडल और डेटा‑सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में हाई‑परफॉर्मेंस मेमोरी की जरूरत पड़ती है।
इंडस्ट्री विश्लेषण बताता है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से DRAM बाजार में मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि उत्पादन उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रहा।
इस असंतुलन ने मेमोरी कीमतों को तेजी से ऊपर धकेल दिया। Q1 2026 में ही मोबाइल DRAM और NAND की कीमतें लगभग 90% तिमाही‑दर‑तिमाही बढ़ गईं, जिससे स्मार्टफोन की बिल‑ऑफ‑मैटेरियल लागत काफी बढ़ गई।
क्योंकि मेमोरी हर स्मार्टफोन का मूल हिस्सा होती है, इसलिए यह वृद्धि सीधे खुदरा कीमतों में दिखाई देने लगी।
वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन बाजार ने साल की शुरुआत अपेक्षाकृत स्थिर तरीके से की। Omdia के मुताबिक Q1 2026 में दुनिया भर में 298.5 मिलियन स्मार्टफोन शिप हुए, जो सालाना आधार पर लगभग 1% अधिक है।
लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह वृद्धि वास्तविक मांग से ज्यादा वेंडरों द्वारा पहले से स्टॉक बढ़ाने का परिणाम भी हो सकती है। कंपनियों ने संभावित लागत बढ़ोतरी से पहले ज्यादा शिपमेंट भेज दिए।
इसका मतलब है कि शुरुआती आंकड़े असली उपभोक्ता मांग को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
आगे देखते हुए Omdia का अनुमान ज्यादा आशावादी नहीं है। यदि मेमोरी की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट लगभग 7% तक गिर सकते हैं।
ऐसी स्थिति में कंपनियां संभवतः:
यदि साल के दूसरे हिस्से में मेमोरी सप्लाई सुधरती है तो कीमतों का दबाव कुछ कम हो सकता है। लेकिन जब तक AI डेटा‑सेंटर बड़ी मात्रा में DRAM और NAND क्षमता का उपयोग करते रहेंगे, तब तक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स—खासकर स्मार्टफोन—उसी सप्लाई के लिए प्रतिस्पर्धा करते रहेंगे।
2026 की पहली तिमाही स्मार्टफोन उद्योग में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है।
दक्षिण‑पूर्व एशिया सहित कई बाजारों में कंपनियां अब केवल अधिक यूनिट बेचने के बजाय प्रति डिवाइस ज्यादा कमाई पर ध्यान दे रही हैं।
मेमोरी कीमतों ने इस बदलाव की शुरुआत की, लेकिन इसके असर लंबे समय तक रह सकते हैं—कम बजट फोन, अधिक औसत कीमतें, और ऐसा बाजार जहां राजस्व बढ़ सकता है भले ही बिक्री की संख्या घट जाए।
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