लाई का‑यिंग, 43 वर्षीय तीन बच्चों की माँ और पूर्व हांगकांग पुलिस अधिकारी, चीन के शेनझोउ‑23 मिशन के लिए चुनी गईं और अंतरिक्ष जाने वाली हांगकांग की पहली व्यक्ति बनीं। [10][13] मोशन सिकनेस, गर्म मौसम से परेशानी और शुरुआती दौर में मंदारिन भाषा न जानने जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने लगभग दो साल की कठोर ट्रेनिंग पूरी क...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did Lai Ka‑ying, a 43‑year‑old mother of three from Hong Kong who suffers from motion sickness, struggles with hot weather, was not a to. Article summary: She appears to have done it through a mix of determination, step-by-step adaptation, and sustained training rather than because she was naturally suited to the role. Lai herself said “sheer willpower” helped her get thro. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# China mum, 50, admitted into law school after studying books left by son who failed same test. ### Woman left disfigured and disabled by fire 10 years ago shuns retirement of ‘sq" source context "China mum, 50, admitted into law school after studying books left by son who failed same test | South China Morning
कई अंतरिक्ष यात्रियों की कहानी बचपन से ही असाधारण प्रतिभा या आदर्श परिस्थितियों से शुरू होती है। लेकिन लाई का‑यिंग की कहानी अलग है। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनके पास शुरुआत में कई कमियाँ थीं—मोशन सिकनेस, गर्म मौसम सहन न कर पाना, मंदारिन में धाराप्रवाह न होना और पढ़ाई में भी खुद को “टॉप स्टूडेंट” न मानना। फिर भी 2026 में 43 वर्षीय लाई का‑यिंग को चीन के शेनझोउ‑23 मिशन के लिए पेलोड स्पेशलिस्ट चुना गया, जिससे वे हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र से अंतरिक्ष जाने वाली पहली व्यक्ति बन गईं।
उनकी यात्रा यह दिखाती है कि कभी‑कभी प्रतिभा से ज्यादा मायने निरंतर प्रयास और धैर्य रखते हैं।
अंतरिक्ष कार्यक्रम में शामिल होने से पहले लाई का‑यिंग हांगकांग पुलिस फोर्स में सुपरिंटेंडेंट थीं और कंप्यूटर फॉरेंसिक में पीएचडी कर चुकी थीं।
फिर भी उनका प्रोफाइल पारंपरिक “आदर्श अंतरिक्ष यात्री” जैसा नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्हें मोशन सिकनेस होती है, गर्म मौसम में परेशानी होती है और बचपन में वे पढ़ाई में भी सबसे आगे नहीं थीं। साथ ही शुरुआत में मंदारिन उनकी मजबूत भाषा भी नहीं थी।
इन बाधाओं को देखकर पीछे हटने के बजाय उन्होंने एक सरल सोच अपनाई—“चलो कोशिश करके देखते हैं।” उन्होंने बाद में कहा कि चयन प्रक्रिया के कई कठिन चरणों को पार करने में “सिर्फ इच्छाशक्ति” ने उनका साथ दिया।
चीन के अंतरिक्ष यात्री चयन कार्यक्रम को दुनिया के सबसे कठोर कार्यक्रमों में माना जाता है। उम्मीदवारों को कई चरणों से गुजरना पड़ता है, जिनमें मेडिकल जांच, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और कठिन शारीरिक परीक्षण शामिल होते हैं।
इस दौरान लाई को भी वही कठिन प्रशिक्षण करना पड़ा जो अन्य उम्मीदवारों को करना पड़ता है। उदाहरण के लिए, सेंट्रीफ्यूज परीक्षण—जहाँ शरीर पर अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल डाला जाता है और कई लोगों को चक्कर या धुंधली दृष्टि तक हो सकती है। मोशन सिकनेस का इतिहास होने के बावजूद उन्होंने इन परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा किया और चयन के अगले चरणों तक पहुँच गईं।
लाई ने अगस्त 2024 में आधिकारिक तौर पर चीन के अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम में हांगकांग का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रवेश किया।
इसके बाद उनका प्रशिक्षण बेहद गहन हो गया। चीन मानव अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार उन्होंने:
इस ट्रेनिंग में अंतरिक्ष यान के सिस्टम, मिशन संचालन, वैज्ञानिक प्रयोगों के उपकरण और कक्षा में प्रयोग करने की प्रक्रियाएँ शामिल थीं।
शुरुआत में मंदारिन लाई की मुख्य कामकाजी भाषा नहीं थी। लेकिन अंतरिक्ष कार्यक्रम में रोजमर्रा के प्रशिक्षण और संचार के कारण उनकी भाषा क्षमता तेजी से बेहतर हुई।
जब शेनझोउ‑23 मिशन के क्रू की घोषणा हुई, तब जिउचुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ज्यादातर बातें मंदारिन में ही कहीं—जो इस बात का संकेत था कि उन्होंने भाषा की बाधा भी काफी हद तक पार कर ली थी।
अंततः लाई का‑यिंग को पेलोड स्पेशलिस्ट के रूप में चुना गया। इस भूमिका में उनका मुख्य काम तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक प्रयोगों के उपकरणों को संचालित करना होगा।
उनका चयन कई मायनों में ऐतिहासिक है:
लाई का‑यिंग की यात्रा इस धारणा को चुनौती देती है कि अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए शुरुआत से ही परफेक्ट होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कमियों के साथ शुरुआत की—मोशन सिकनेस, भाषा की बाधा और खुद के अनुसार औसत अकादमिक प्रदर्शन।
फिर भी उन्होंने आवेदन किया, कठिन चयन प्रक्रिया से गुज़रीं, सैकड़ों प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए और धीरे‑धीरे अपनी कमजोरियों को सुधारती रहीं।
उनके शब्दों में, सबसे अहम फैसला बस इतना था: “कोशिश करके देखना।”
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लाई का‑यिंग, 43 वर्षीय तीन बच्चों की माँ और पूर्व हांगकांग पुलिस अधिकारी, चीन के शेनझोउ‑23 मिशन के लिए चुनी गईं और अंतरिक्ष जाने वाली हांगकांग की पहली व्यक्ति बनीं। [10][13]
लाई का‑यिंग, 43 वर्षीय तीन बच्चों की माँ और पूर्व हांगकांग पुलिस अधिकारी, चीन के शेनझोउ‑23 मिशन के लिए चुनी गईं और अंतरिक्ष जाने वाली हांगकांग की पहली व्यक्ति बनीं। [10][13] मोशन सिकनेस, गर्म मौसम से परेशानी और शुरुआती दौर में मंदारिन भाषा न जानने जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने लगभग दो साल की कठोर ट्रेनिंग पूरी की। [3][11]
अगस्त 2024 से उन्होंने 200 से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल और लगभग 1,700 घंटे की ट्रेनिंग पूरी की, जिसके बाद उन्हें तियानगोंग स्पेस स्टेशन मिशन के लिए पेलोड स्पेशलिस्ट चुना गया। [23][25]