25 जुलाई 2026 को, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम जोमार्ट तोकायेव ने रूसी शहर ओम्स्क में व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मंच साझा करते हुए उनसे यूक्रेन युद्ध को 'फ्रीज' करने और 'इस्तांबुल फॉर्मूला 2.0' के तहत बातचीत पर लौटने... क्रेमलिन ने उसी दिन तोकायेव के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, कहा कि यूक्रेन की मौजूदा स्थिति में युद...

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25 जुलाई 2026, ओम्स्क — एक ऐसा दृश्य जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट तोकायेव, जिन्हें रूस का करीबी सहयोगी माना जाता है, ने साइबेरियाई शहर ओम्स्क में व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मंच पर खड़े होकर सीधे उनसे यूक्रेन युद्ध को 'फ्रीज' करने का आग्रह किया। क्रेमलिन ने कुछ ही घंटों में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जबकि यूक्रेन ने इसकी सराहना की। और ठीक दो दिन बाद, पुतिन ने उन्हीं देशों के साथ सैन्य सहयोग को और गहरा करने के आदेश जारी कर दिए, जिनके नेता ने यह अपील की थी ।
22वें रूस-कजाकिस्तान अंतर-क्षेत्रीय सहयोग मंच पर बोलते हुए, तोकायेव ने युद्ध पर अपने सबसे मजबूत सार्वजनिक हस्तक्षेपों में से एक किया । उनकी अपील के मुख्य बिंदु:
पुतिन ने कार्यक्रम के सार्वजनिक हिस्से के दौरान तोकायेव की इन टिप्पणियों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी ।
क्रेमलिन ने उसी दिन तोकायेव के प्रस्ताव को लगभग तुरंत खारिज कर दिया ।
क्रेमलिन के विपरीत, यूक्रेन की प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग थी।
27 जुलाई 2026 को — तोकायेव की सार्वजनिक अपील के ठीक दो दिन बाद — पुतिन ने दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए, जो रूसी सरकार को कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ मौजूदा सैन्य-तकनीकी सहयोग संधियों में संशोधन के लिए बातचीत शुरू करने का अधिकार देते हैं ।
ये आदेश विशिष्ट समझौतों को लक्षित करते हैं:
कई रूसी और मध्य एशियाई मीडिया आउटलेट्स ने इन आदेशों की सूचना दी, जो रूस के आधिकारिक कानूनी जानकारी पोर्टल पर प्रकाशित किए गए थे ।
कई रूसी भाषा के स्रोतों ने बताया कि सैन्य सहयोग समझौतों को संशोधित करने की यह पहल "रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि" में सामने आई है । यूरोपीय संघ ने रूस को हथियारों, सैन्य उत्पादों और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं (इलेक्ट्रॉनिक घटक, इंजन, ड्रोन पार्ट्स) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और जापान ने 50 श्रेणियों के सामानों की एक सूची तैयार की है, जिन्हें वे मानते हैं कि रूस सैन्य उद्देश्यों (माइक्रोचिप्स, ऑप्टिकल उपकरण, विमानन पार्ट्स) के लिए खरीदना चाहता है
।
मौजूदा समझौते न केवल कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान को रूस की हथियार बिक्री को नियंत्रित करते हैं, बल्कि सैन्य उपकरणों की पारस्परिक डिलीवरी को भी नियंत्रित करते हैं — जिसका अर्थ है कि ये मध्य एशियाई भागीदार रूस को वे उत्पाद संभावित रूप से आपूर्ति कर सकते हैं, जो वह पश्चिमी स्रोतों से अब प्राप्त नहीं कर सकता ।
इन घटनाओं का क्रम — एक करीबी सहयोगी द्वारा शांति के लिए सार्वजनिक अपील, क्रेमलिन द्वारा तत्काल अस्वीकृति, और फिर सैन्य सहयोग को औपचारिक रूप से गहरा करने की दिशा में त्वरित कदम — मध्य एशियाई राज्यों, विशेष रूप से कजाकिस्तान की जटिल स्थिति को उजागर करता है। तोकायेव ने रूस के साथ 'सहयोगी संबंध' बनाए रखते हुए युद्ध को समाप्त करने का सार्वजनिक आह्वान करके एक सावधानीपूर्वक रेखा पर चल रहे हैं । पुतिन की प्रतिक्रिया, बदले में, संकेत देती है कि मॉस्को अपने मध्य एशियाई भागीदारों के साथ सैन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने को एक फ्रीज प्रस्ताव पर विचार करने की तुलना में उच्च प्राथमिकता के रूप में देखता है — और यह कि पश्चिमी प्रतिबंध इस तात्कालिकता को बढ़ा रहे हैं।
जैसा कि इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने नोट किया, पुतिन ने कजाकिस्तान के फ्रीज प्रस्ताव का उपयोग बातचीत के आधार के रूप में नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में लाभ की निरंतर आवश्यकता को सही ठहराने के लिए किया ।
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25 जुलाई 2026 को, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम जोमार्ट तोकायेव ने रूसी शहर ओम्स्क में व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मंच साझा करते हुए उनसे यूक्रेन युद्ध को 'फ्रीज' करने और 'इस्तांबुल फॉर्मूला 2.0' के तहत बातचीत पर लौटने...
25 जुलाई 2026 को, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम जोमार्ट तोकायेव ने रूसी शहर ओम्स्क में व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मंच साझा करते हुए उनसे यूक्रेन युद्ध को 'फ्रीज' करने और 'इस्तांबुल फॉर्मूला 2.0' के तहत बातचीत पर लौटने... क्रेमलिन ने उसी दिन तोकायेव के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, कहा कि यूक्रेन की मौजूदा स्थिति में युद्ध को फ्रीज करना 'संभव नहीं' है, और पहले रूस को अपने लक्ष्य हासिल करने होंगे [6][9][12]।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने तोकायेव के बयान को 'यथार्थवादी, समय पर और बुद्धिमान संदेश' बताया और कहा कि शांति के लिए मास्को पर और दबाव डालना होगा [1][7][10]।