चार छोटी, बत्तख के आकार वाली मशीनें मंच पर चलती-डगमगाती दिखीं—और देखते ही देखते Nvidia के रोबोट-ट्रेनिंग डेमो का सबसे चर्चित हिस्सा बन गईं। 21 अक्टूबर को बर्लिन में GTC कार्यक्रम के दौरान Jensen Huang ने चार Microduck रोबोट दिखाए। डेमो का वीडियो वायरल हुआ और बाद की खबरों में बताया गया कि इनके प्रीऑर्डर 20,000 से आगे निकल गए।
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यह संख्या प्रीऑर्डर की है, भेजे जा चुके रोबोटों की नहीं। Hugging Face के CEO Clément Delangue का यह कहना कि Microduck 2026 का सबसे ज्यादा बिकने वाला रोबोट बन सकता है, एक अनुमान था—पुष्ट बिक्री-रैंकिंग नहीं।
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मंच पर क्या हुआ?
Huang ने रोबोटों को बैठने, खड़े होने और झपकी लेने जैसे वॉइस कमांड दिए। एक से कलाबाज़ी करने को भी कहा गया। रिपोर्टों के मुताबिक रोबोट मंच पर चले, छोटी इलेक्ट्रॉनिक आवाज़ें निकालीं और “झपकी” के लिए गिरकर लेट गए; एक रोबोट ने कलाबाज़ी भी की।
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इनकी हरकतें पूरी तरह सधी हुई नहीं थीं—और शायद इसी वजह से डेमो याद रह गया। रोबोटों की लड़खड़ाहट और छोटे-छोटे करतब दर्शकों के लिए समझना आसान था, जबकि मंच पर दिखे उनके अधूरे-से मूवमेंट ने प्रस्तुति को किसी नियंत्रित लैब प्रदर्शन से अलग बनाया। TechCrunch ने वीडियो के वायरल होने की खबर दी।
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मज़ेदार डेमो के पीछे रोबोट-ट्रेनिंग का विचार
Microduck को Nvidia के Isaac Lab और Isaac Sim टूल्स की मदद से प्रशिक्षित रोबोट के तौर पर पेश किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, क्लाउड कंप्यूटिंग और RTX Spark लैपटॉप का इस्तेमाल भी उनकी क्षमताएं तैयार करने में हुआ।
18 एक अन्य रिपोर्ट ने Microduck को प्रशिक्षित करने के लिए RTX Spark और Isaac Lab पर आधारित एजेंट वर्कफ़्लो का जिक्र किया।
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मूल विचार है: पहले सिमुलेशन यानी कंप्यूटर में बने आभासी माहौल में रोबोट के व्यवहार को विकसित और परखा जाए, फिर उसे असली मशीन पर लागू किया जाए। इस तरह Microduck ने यह दिखाने का काम किया कि AI एजेंट डिजिटल माहौल से निकलकर भौतिक दुनिया में भी काम कर सकते हैं।
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हालांकि, मंच पर दिखा डेमो अपने-आप यह साबित नहीं करता कि हर नया व्यवहार आसानी से सिखाया जा सकता है या सिमुलेशन से असली रोबोट तक बिना किसी अड़चन के पहुंच जाएगा।
Microduck क्या है और क्या कर सकता है?
Microduck को Pollen Robotics ने बनाया है। Hugging Face ने इस रोबोटिक्स कंपनी का अधिग्रहण 2025 में किया था।
4 रोबोट के प्रीऑर्डर 27 अगस्त 2026 को $399 की शुरुआती कीमत पर खुले।
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रिपोर्टों के अनुसार, Microduck करीब 25 सेंटीमीटर ऊंचा है और उसका वजन लगभग 780 से 800 ग्राम है। इसमें 15 मोटर, एक कैमरा, LiDAR—दूरी और आसपास की चीज़ें मापने वाला सेंसर—दो inertial measurement units (IMU) और छोटी वस्तुएं पकड़ सकने वाली जोड़दार चोंच दी गई है।
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बताई गई क्षमताओं में चलना, झुकना, स्केट करना, वस्तुएं उठाना और कुछ तरह से गिरने के बाद फिर खड़ा होना शामिल है।
31 इसे रोबोट-लर्निंग के प्रयोगों के लिए भी पेश किया गया है। रिपोर्टों में reinforcement learning के जरिए व्यवहार दोबारा प्रशिक्षित करने और सिमुलेशन में कौशल विकसित करके हार्डवेयर पर लागू करने की बात है।
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18 उपलब्ध खबरें यह स्पष्ट नहीं करतीं कि उपयोगकर्ता अपने बनाए व्यवहारों को साझा करने के लिए कौन-सी सटीक व्यवस्था इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रीऑर्डर, डिलीवरी और ‘सबसे ज्यादा बिकने’ का अनुमान
डेमो के वायरल होने के बाद ऑर्डर में तेज़ बढ़ोतरी की खबरें आईं। Delangue के अपडेट के बाद प्रीऑर्डर 20,000 पार होने की बात रिपोर्ट की गई।
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6 यह आंकड़ा लोगों की शुरुआती मांग दिखाता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि इतने रोबोट भेजे जा चुके हैं या Microduck पूरे साल बिक्री में दूसरे रोबोटों से आगे रहेगा।
शुरुआती रिपोर्टों में पहली डिलीवरी क्रिसमस 2026 से पहले शुरू होने का लक्ष्य बताया गया था।
32 बाद की खबरों के मुताबिक नए ऑर्डरों की डिलीवरी क्रिसमस के बाद तक जा सकती है। इसलिए शुरुआती डिलीवरी लक्ष्य को हर खरीदार के लिए पक्की तारीख नहीं समझना चाहिए।
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टीम की भर्ती और कंपनी का संदर्भ
Delangue ने यह भी कहा कि Microduck और Reachy Mini में बढ़ती दिलचस्पी के बीच Pollen Robotics और Hugging Face को अलग-अलग कामकाज के लिए और लोगों की जरूरत होगी।
25 यह दोनों रोबोटों से जुड़ी उनकी बताई भर्ती-ज़रूरत है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सिर्फ वायरल डेमो ने भर्ती की वजह बनाई या कितनी नौकरियां खुलेंगी।
Hugging Face ने 2025 में Pollen Robotics का अधिग्रहण किया था।
4 अलग से, Nvidia ने Hugging Face को करीब $12.9 अरब में खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे के 2027 की पहली छमाही में पूरा होने की उम्मीद बताई गई है, लेकिन यह नियामकीय मंजूरी पर निर्भर है। यानी समझौते की खबर को पूरा हो चुका अधिग्रहण नहीं समझना चाहिए।
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Microduck के GTC पल ने दो बातें एक साथ सामने रखीं: बत्तख जैसे रोबोटों का हल्का-फुल्का, आसानी से साझा किया जा सकने वाला प्रदर्शन और उनके पीछे की तकनीकी ट्रेनिंग प्रक्रिया। वायरल वीडियो और प्रीऑर्डर के आंकड़े शुरुआती उत्साह दिखाते हैं; असली बिक्री, डिलीवरी और रोबोट को प्रशिक्षित करने वाले टूल्स का आगे कितना विस्तार होगा, यह अभी देखना बाकी है।