वर्ष और डेटा स्रोत के अनुसार प्रतिशत थोड़ा बदल सकते हैं, लेकिन IRS से जुड़े विश्लेषण यह दिखाते हैं कि अमेरिका की आयकर प्रणाली काफी प्रगतिशील (progressive) है—यानी ज्यादा कमाने वाले लोग कुल कर राजस्व का बड़ा हिस्सा देते हैं।
बेजोस का कहना है कि जब इतना बड़ा अंतर पहले से मौजूद है, तो निचले आधे कमाने वालों पर टैक्स खत्म करना व्यावहारिक कदम हो सकता है।
हालाँकि कई अर्थशास्त्री और टैक्स नीति विशेषज्ञ कहते हैं कि केवल यह देखना कि कौन कितना आयकर देता है, पूरी कहानी नहीं बताता।
अमेरिका के कई अरबपतियों की संपत्ति का बड़ा हिस्सा वेतन से नहीं बल्कि शेयर या अन्य संपत्तियों की बढ़ती कीमत से बढ़ता है। अमेरिकी कानून के अनुसार, ऐसी बढ़त पर तब तक टैक्स नहीं लगता जब तक संपत्ति बेची न जाए।
इससे घोषित आय (taxable income) और वास्तविक संपत्ति वृद्धि के बीच बड़ा अंतर पैदा हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर, लीक हुए IRS रिकॉर्ड पर आधारित एक जांच के अनुसार:
जब टैक्स को घोषित आय की बजाय संपत्ति में वृद्धि से तुलना की गई, तो ProPublica ने इसे बेजोस के लिए लगभग 1.1% की "वास्तविक टैक्स दर" बताया।
टैक्स व्यवस्था पर एक और आलोचना उस रणनीति से जुड़ी है जिसे अक्सर “buy, borrow, die” कहा जाता है।
इसका सामान्य विचार कुछ ऐसा है:
आलोचकों के अनुसार, यही वजह है कि एक वेतनभोगी नर्स की आय तुरंत टैक्स के दायरे में आ जाती है, जबकि किसी अरबपति की संपत्ति बढ़ने पर तुरंत कर नहीं लगता।
बेजोस की टिप्पणी केवल टैक्स दरों की बात नहीं करती—यह अमेरिकी संघीय बजट पर चल रही बड़ी बहस को भी सामने लाती है।
एक विचारधारा कहती है कि अमेरिका की मुख्य समस्या सरकारी खर्च (spending) है। उदाहरण के लिए, अमेरिकी कांग्रेस के बजट कार्यालय (CBO) के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में संघीय घाटा लगभग 1.8 ट्रिलियन डॉलर रहा।
दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि समस्या केवल खर्च की नहीं बल्कि राजस्व जुटाने के तरीके की भी है। उनका तर्क है कि वेतन आय और संपत्ति वृद्धि पर टैक्स का व्यवहार बहुत अलग है। इसलिए वे कई संभावित नीतियों का सुझाव देते हैं, जैसे:
समर्थकों का कहना है कि इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है और परिवहन, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं जैसी सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर वित्तपोषण मिल सकता है।
बेजोस के बयान ने एक मूल सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है: अमेरिकी टैक्स प्रणाली का लक्ष्य क्या होना चाहिए?
इन दोनों दृष्टिकोणों के बीच का यही टकराव आने वाले वर्षों में अमेरिका की आर्थिक नीति और टैक्स सुधार की बहस को आकार देता रहेगा।
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