फाइनल में उन्होंने नॉर्वे के क्ले‑कोर्ट विशेषज्ञ कैस्पर रूड को सीधे सेटों में हराया। दोनों सेटों में मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में सिनर ने ब्रेक लेकर 6‑4, 6‑4 से जीत पक्की की।
यह खिताब इसलिए भी खास था क्योंकि रोम मास्टर्स ही वह बड़ा एटीपी टूर्नामेंट था जो अब तक उनके करियर रिकॉर्ड से गायब था।
रोम की इस जीत के साथ सिनर ने टेनिस का एक बेहद दुर्लभ कारनामा पूरा किया—करियर गोल्डन मास्टर्स। इसका मतलब है कि खिलाड़ी ने एटीपी टूर के सभी नौ Masters 1000 टूर्नामेंट जीत लिए हों।
सिनर की उपलब्धि के बाद अब तक केवल दो ही खिलाड़ी यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं:
इस जीत के साथ सिनर:
Masters 1000 टूर्नामेंट ग्रैंड स्लैम के बाद एटीपी टूर के सबसे बड़े और प्रतिस्पर्धी इवेंट माने जाते हैं, इसलिए सभी नौ खिताब जीतना बेहद कठिन माना जाता है।
रोम में मिली जीत ने सिनर के प्रभावशाली रिकॉर्ड को और मजबूत किया।
इस तरह की निरंतरता टेनिस के सबसे कठिन टूर्नामेंटों में बहुत कम देखने को मिलती है और यही कारण है कि सिनर इस समय एटीपी रैंकिंग में नंबर‑1 हैं।
अपने करियर के शुरुआती दौर में क्ले कोर्ट सिनर की अपेक्षाकृत कमजोर सतह मानी जाती थी। लेकिन 2026 सीज़न में तस्वीर बदल गई। उन्होंने इस सतह पर बड़े खिताब जीते और दिखाया कि उनका आक्रामक बेसलाइन खेल अब क्ले पर भी उतना ही प्रभावी है।
इस बदलाव ने उन्हें फ्रेंच ओपन जैसे क्ले ग्रैंड स्लैम के लिए भी बेहद खतरनाक दावेदार बना दिया है।
इटैलियन ओपन जीतने के तुरंत बाद ध्यान पेरिस के Roland‑Garros (फ्रेंच ओपन) पर गया। सिनर के पास पहले से ऑस्ट्रेलियन ओपन, यूएस ओपन और विम्बलडन जैसे ग्रैंड स्लैम खिताब हैं, लेकिन फ्रेंच ओपन अब भी उनके करियर का सबसे बड़ा अधूरा लक्ष्य है।
29 मैचों की जीत की लय और गोल्डन मास्टर्स की उपलब्धि के साथ पेरिस पहुंचते हुए सिनर को टूर्नामेंट का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
रोम में मिली इस जीत ने सिनर के करियर में कई बड़े रिकॉर्ड जोड़ दिए:
इटली के लिए यह राष्ट्रीय गर्व का क्षण था—और जैनिक सिनर के लिए, वह दिन जब उनका करियर एक नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।