सोना और चांदी ब्याज नहीं देते। इसलिए जब नकद और सरकारी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न घटता है, तो इन धातुओं को रखने का तुलनात्मक आकर्षण बढ़ जाता है। हालिया घटनाक्रम इसी दिशा में रहे:
यह संयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे धातुओं में निवेश की अवसर-लागत कम होती है और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की मांग को समर्थन मिलता है। हालांकि, अगर आर्थिक आंकड़े अमेरिकी मौद्रिक नीति की अपेक्षित दिशा बदल दें, तो यह अनुकूल माहौल तेजी से पलट भी सकता है।
यह तेजी केवल ब्याज दरों की एक दिन की प्रतिक्रिया नहीं थी। CME की कवरेज में केंद्रीय बैंकों द्वारा भंडार बढ़ाने को सोने के दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंचने का एक कारण बताया गया। इससे अल्पकालिक दर-आधारित ट्रेड के साथ सोने की मांग की एक दीर्घकालिक कहानी भी जुड़ती है।
जब नीतिगत, आर्थिक या भू-राजनीतिक जोखिमों का आकलन मुश्किल होता है, तब निवेशक सोने की ओर रुख कर सकते हैं। यह सुरक्षित निवेश की मांग घटती यील्ड और कमजोर डॉलर से बनी तेजी को और बढ़ा सकती है। चांदी को भी इसी व्यापक आर्थिक रुझान से फायदा मिला। इसके अलावा, CME की अलग कवरेज में सीमित वैश्विक आपूर्ति को चांदी वायदा के लिए एक अतिरिक्त सहारा बताया गया।
कम ब्याज दरों की उम्मीद Bitcoin और Ether वायदा को भी सहारा दे सकती है, क्योंकि आसान वित्तीय परिस्थितियां जोखिम वाली परिसंपत्तियों में निवेश की रुचि बढ़ा सकती हैं। लेकिन दोनों तरह के ट्रेड का जोखिम प्रोफाइल अलग है।
सोने की तेजी डॉलर, Treasury यील्ड, Fed की नीतिगत उम्मीदों, केंद्रीय बैंक की खरीद और सुरक्षित निवेश की मांग पर आधारित थी। इसके मुकाबले Bitcoin और Ether पर लीवरेज, क्रिप्टो-विशिष्ट पूंजी प्रवाह, व्यापक जोखिम-रुचि और जबरन परिसमापन जैसे कारकों का असर अधिक होता है। उपलब्ध साक्ष्य Bitcoin और Ether वायदा में एक ही समय पर हुई सटीक बढ़त की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करते, इसलिए ऐसी तुलना सावधानी से करनी चाहिए।
उपलब्ध स्रोत CME के दैनिक RSI की बताई गई सटीक रीडिंग या लगभग 5,600 डॉलर के पहले के सोना शिखर के साथ उसकी तुलना की पुष्टि नहीं करते। इसलिए उस RSI अवलोकन को सत्यापित संकेत के रूप में पेश करना सुरक्षित नहीं होगा।
सामान्य तौर पर, RSI का ओवरबॉट क्षेत्र की ओर बढ़ना या उससे ऊपर जाना मजबूत तेजी का संकेत होता है। साथ ही, इससे मुनाफावसूली या कुछ समय के लिए कीमतों में ठहराव का जोखिम भी बढ़ सकता है। केवल RSI के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सोना किसी पुराने उच्च स्तर पर जरूर लौटेगा। पहले की बाजार कवरेज में सोने को जनवरी के लगभग 5,600 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 21% नीचे बताया गया था। इससे स्पष्ट है कि तेजी के बावजूद उस शिखर की पूरी भरपाई अभी नहीं हुई थी।
अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले आर्थिक आंकड़े ब्याज दरों में राहत वाली मौजूदा कहानी को मजबूत करते हैं या उलट देते हैं। बाजार की नजर इन संकेतकों पर रहेगी:
सोने और चांदी में तेजी इसलिए आई क्योंकि अमेरिकी रोजगार परिदृश्य कमजोर पड़ने से Fed की दर बढ़ाने की उम्मीद कम हुई। इसी दौरान Treasury यील्ड और डॉलर नीचे आए। केंद्रीय बैंकों की खरीद, सुरक्षित निवेश की मांग और चांदी की आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने इस चाल को और मजबूत किया।
फिर भी तेजी का अगला चरण आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर है। रोजगार में कमजोरी और नियंत्रित महंगाई धातुओं को समर्थन दे सकती है, जबकि मजबूत आर्थिक आंकड़े या यील्ड और डॉलर में वापसी मुनाफावसूली तथा गिरावट का कारण बन सकती है। तेजी मजबूत है, लेकिन अभी यह प्रमाण नहीं कि सोना जनवरी के सर्वकालिक उच्च स्तर को फिर हासिल कर लेगा।