2026 एशियाई खेलों में गण चिंग हुई के तीन रजत पदक किसी एक दिन की सफलता नहीं थे। इनके पीछे कोच यूजीन चिया के साथ एक दशक से अधिक की साझेदारी थी—ऐसी साझेदारी जिसमें शुरुआती प्रतिभा को पहचानने के साथ मुश्किल दौर में साथ बने रहना भी शामिल था।
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शुरुआत रफ्तार से नहीं, तकनीक से हुई
चिया ने गण को पहली बार एक तैराकी शिविर में देखा था। तब वह 11 साल की थीं। शुरुआती वर्षों की रिपोर्टिंग के मुताबिक, उनकी तकनीक ने चिया का ध्यान खींचा; कुछ महीनों बाद वह गण के कोच बन गए। गण ने याद किया है कि जब उन्हें खुद तैराकी जारी रखने पर संदेह था, तब चिया ने उनकी माँ से कहा था कि उनमें क्षमता है।
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पूल के बाहर भी सहारा था। गण के माता-पिता अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें ले जाने के वास्ते अपने कार्यक्रम में बदलाव करते थे। गण ने पढ़ाई और तैराकी साथ निभाने के लिए जरूरी अनुशासन का भी ज़िक्र किया है। वह अपनी प्रगति का श्रेय चिया के अलावा परिवार और टीम को देती हैं।
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गण लंबी दूरी की फ्रीस्टाइल तैराक के रूप में उभरीं, लेकिन उनकी क्षमता उसी तक सीमित नहीं रही। 2026 में 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले की एक शुरुआती रेस में उनकी ताकत और स्ट्रोक की दक्षता देखकर चिया ने उन्हें राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती दी; गण ने वह रिकॉर्ड तोड़ दिया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग यह नहीं बताती कि चिया ने उन्हें स्प्रिंट से दूर ले जाने के लिए कब और कैसे कोई निश्चित योजना बनाई थी।
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भरोसा बनाने में संवाद पर भी काम करना पड़ा
यह रिश्ता हमेशा आसान नहीं रहा। गण ने संवाद की कठिनाइयों और महामारी के दौरान प्रशिक्षण की चुनौतियों का उल्लेख किया है। दोनों पर एक रिपोर्ट के अनुसार, एक खेल मनोवैज्ञानिक ने तैराक और कोच के बीच संवाद बेहतर बनाने में मदद की। उपलब्ध जानकारी हर मतभेद का ब्योरा या सुधार का सटीक समय नहीं बताती।
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प्रतियोगिताओं में गण की बातों से उस भरोसे की झलक मिलती है। 2026 एशियाई खेलों की 1,500 मीटर रेस में तेज शुरुआत की साहसिक योजना अपनाते समय उन्होंने कहा कि उन्हें चिया और सहयोगी स्टाफ के साथ की गई तैयारी पर भरोसा था। 2025 के दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों में भी उन्होंने चिया की सलाह याद की थी: खुद पर भरोसा रखें और जैसे अभ्यास किया है, वैसे ही तैरें।
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चिया की सार्वजनिक टिप्पणियों में नतीजे के साथ मेहनत और रेस को सही ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिखता है। मार्च 2026 में 400 मीटर व्यक्तिगत मेडले की एक रेस पर उन्होंने कहा था कि वह गण से पूरा प्रयास चाहते हैं। वहीं, 2025 विश्व एक्वाटिक्स चैंपियनशिप के बाद गण ने बताया था कि वे शरीर और मन की क्षमता को ध्यान में रखते हुए, एक-एक प्रतियोगिता के बाद अपनी योजना फिर परख रहे हैं।
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तीन रजत, तीन रिकॉर्ड—और अगला लक्ष्य
गण ने पेरिस 2024 में ओलंपिक पदार्पण किया। वहाँ उन्होंने 1,500 मीटर फ्रीस्टाइल की शुरुआती रेस में सिंगापुर का रिकॉर्ड तोड़ा और 800 मीटर फ्रीस्टाइल में भी हिस्सा लिया। 2025 विश्व एक्वाटिक्स चैंपियनशिप की 1,500 मीटर फ्रीस्टाइल फ़ाइनल में वह सातवें स्थान पर रहीं। 2025 के दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों की शुरुआत तक वह चार संस्करणों में 11 स्वर्ण जीत चुकी थीं; उसी साल दिसंबर में उन्होंने लगातार तीसरी बार 400 मीटर फ्रीस्टाइल का खिताब जीता।
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फिर 2026 एशियाई खेलों में उन्होंने फ्रीस्टाइल की तीन स्पर्धाओं में रजत के साथ तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए: 400 मीटर में 4:06.81, 800 मीटर में 8:26.25 और 1,500 मीटर में 16:00.45। उन खेलों की तैराकी स्पर्धाओं में पदक मंच तक पहुँचने वाली वह सिंगापुर की एकमात्र तैराक थीं।
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अब चिया की घोषित महत्वाकांक्षा गण को लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के फ़ाइनल तक पहुँचते देखना है। उन्होंने गति और पूल के छोर पर लिए जाने वाले टर्न को सुधार के क्षेत्र बताया है। गण ने भी ओलंपिक के ‘ए’ क्वालिफिकेशन समय को हासिल करने की बात कही है। ये लक्ष्य अभी भविष्य की बात हैं; फिलहाल तीन रजत पदक उस लंबे काम का परिणाम हैं जिसमें क्षमता पर शुरुआती भरोसा, कठिन दौर में सहयोग और लगातार सुधार शामिल रहे।
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