अलग-अलग आंकड़ों का कारण स्नैपशॉट के समय और डेटा मापने के तरीकों में अंतर हो सकता है।
इस हिसाब से Ethereum की बढ़त करीब 47.98 मिलियन डॉलर है। लगभग 2 अरब डॉलर की कुल सप्लाई के मुकाबले यह छोटा अंतर है। Ripple की ओर से एक और बड़ा मिंट, बर्न या रिडेम्प्शन होते ही रैंकिंग फिर बदल सकती है।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह नेट इश्यूएंस है—यानी नए जारी किए गए टोकन में से बर्न किए गए टोकन घटाने के बाद बची शुद्ध वृद्धि। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई स्पष्ट माप नहीं है जिससे साबित हो कि उपयोगकर्ता बड़े पैमाने पर XRPL से Ethereum पर चले गए।
20 अगस्त को Ethereum पर करीब 73.8 मिलियन डॉलर के RLUSD मिंट और 23.5 मिलियन डॉलर के बर्न रिपोर्ट किए गए। इससे लगभग 50.3 मिलियन डॉलर की नेट इश्यूएंस बनी। 21 अगस्त की शुरुआती गतिविधि में Ethereum पर 53.2 मिलियन डॉलर मिंट और 15 मिलियन डॉलर बर्न हुए, यानी लगभग 38.2 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त शुद्ध वृद्धि।
इसी तुलना अवधि में XRP Ledger की गतिविधि कम रही। एक रिपोर्ट के अनुसार 20 अगस्त को XRPL पर 36.1 मिलियन डॉलर के RLUSD मिंट और 15.4 मिलियन डॉलर के बर्न हुए। अगले स्नैपशॉट में XRPL पर 12.5 मिलियन डॉलर मिंट और 6.5 मिलियन डॉलर बर्न बताए गए।
एक अलग रिपोर्ट में Ripple Labs द्वारा Ethereum पर 20 मिलियन RLUSD मिंट किए जाने की जानकारी भी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टें यह स्पष्ट नहीं करतीं कि इस मिंट के पीछे कौन-सी ग्राहक मांग या लेन-देन था। इसलिए इसे Ethereum की सप्लाई बढ़ाने वाली गतिविधि के रूप में देखना चाहिए, न कि ऑर्गेनिक DeFi मांग का निर्णायक प्रमाण मानना चाहिए।
RLUSD की हर नेटवर्क पर सप्लाई जारीकर्ता की ट्रेजरी गतिविधियों से प्रभावित होती है। मिंटिंग से किसी चेन पर टोकन जुड़ते हैं, जबकि बर्निंग से टोकन सप्लाई से हटते हैं। बर्निंग रिडेम्प्शन और अन्य सप्लाई-मैनेजमेंट प्रक्रियाओं के दौरान हो सकती है।
इसलिए Ethereum और XRPL के बीच सप्लाई का संतुलन तेजी से बदल सकता है, भले ही यह बदलाव सीधे-सीधे ब्रिज ट्रांसफर या उपयोगकर्ताओं की स्वतंत्र नेटवर्क पसंद को न दर्शाता हो।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि XRPL पर भी भारी टर्नओवर देखा गया है। एक रिपोर्टेड 30-दिन की अवधि में XRPL पर करीब 449.3 मिलियन डॉलर का RLUSD जारी हुआ और 448.9 मिलियन डॉलर बर्न हुआ। इसका मतलब है कि भारी गतिविधि के बावजूद नेट सप्लाई ग्रोथ लगभग शून्य रही।
ताजा बदलाव उस उलटफेर के बाद आया है जिसमें कुछ समय पहले XRP Ledger ने Ethereum को पीछे छोड़ा था। जुलाई की शुरुआत में XRPL पर करीब 863.2 मिलियन डॉलर का RLUSD था, जबकि Ethereum पर 676.1 मिलियन डॉलर। यह लगभग 1.539 अरब डॉलर की कुल सप्लाई में 56.1% बनाम 43.9% का विभाजन था।
इससे पहले Ethereum का दबदबा और भी अधिक था। दिसंबर 2025 के एक स्नैपशॉट में RLUSD सप्लाई का करीब 82% हिस्सा Ethereum पर बताया गया था—लगभग 1.03 अरब डॉलर Ethereum पर और 235 मिलियन डॉलर XRPL पर। इससे भी पहले की रिपोर्टिंग में Ethereum के पास लगभग 88% RLUSD होने की बात कही गई थी।
ये आंकड़े बताते हैं कि RLUSD का नेटवर्क वितरण एकतरफा अपनाने की कहानी नहीं है। Ripple पहले भी दोनों नेटवर्क के बीच सप्लाई बदलने के लिए समन्वित मिंट-बर्न ऑपरेशन कर चुका है। 2025 में Ethereum पर 20 मिलियन RLUSD बर्न करके XRPL पर उतनी ही मात्रा मिंट किए जाने की रिपोर्ट आई थी।
Ethereum की गहरी लिक्विडिटी और स्थापित DeFi इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेबलकॉइन ट्रेडिंग, कोलेटरल और अलग-अलग ऑन-चेन ऐप्लिकेशन के लिए इसे आकर्षक बनाते हैं। फिर भी उपलब्ध रिपोर्टें यह अलग से नहीं बतातीं कि हालिया Ethereum इश्यूएंस में कितनी हिस्सेदारी वास्तविक DeFi मांग की थी और कितनी Ripple की ट्रेजरी आवंटन गतिविधि की।
दूसरी ओर, XRP Ledger को भुगतान के अलावा संस्थागत उपयोग के लिए भी तैयार किया जा रहा है। Ripple, Clearpool और Cicada Partners XRPL पर RLUSD का इस्तेमाल करने वाला एक संस्थागत क्रेडिट बाजार विकसित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को वर्किंग-कैपिटल लोन देना है। Clearpool लेंडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा, जबकि Cicada संभावित उधारकर्ताओं को खोजने और क्रेडिट जोखिम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है।
यह पहल XRPL पर निजी क्रेडिट गतिविधि के जरिए RLUSD की लगातार मांग पैदा कर सकती है। लेकिन बाजार अभी विकसित हो रहा है, इसलिए इसे मौजूदा सप्लाई उलटफेर का सिद्ध कारण नहीं कहा जा सकता। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मेननेट पर तैनाती संबंधित XRPL संशोधनों की मंजूरी पर भी निर्भर है।
नेटवर्कों के बीच यह मुकाबला RLUSD की कुल सप्लाई में तेज विस्तार के बीच हो रहा है:
मुख्य बात यह है कि RLUSD की कुल सप्लाई बढ़ती रही, जबकि अलग-अलग नेटवर्क पर उसका वितरण कई बार बदला। एक ऑन-चेन विश्लेषण के अनुसार XRPL पर प्रत्यक्ष RLUSD सेटलमेंट गतिविधि भी बढ़कर मई 2026 में करीब 5.08 अरब डॉलर तक पहुंच गई।
नवीनतम स्नैपशॉट में Ethereum की बढ़त वास्तविक है, लेकिन अभी इसे स्थायी नहीं कहा जा सकता। दोनों नेटवर्क के बीच अंतर करीब 48 मिलियन डॉलर का है, जबकि हालिया इतिहास दिखाता है कि Ripple के मिंटिंग और बर्निंग फैसले कुछ ही समय में करोड़ों डॉलर की सप्लाई को एक नेटवर्क से दूसरे की ओर झुका सकते हैं।
इस बढ़त को लंबे समय के रुझान में बदलने के लिए Ethereum को लगातार नेट इश्यूएंस के साथ अपने DeFi इकोसिस्टम से टिकाऊ मांग भी चाहिए होगी। XRPL लगातार सेटलमेंट गतिविधि के जरिए फिर आगे आ सकता है। यदि प्रस्तावित संस्थागत RLUSD क्रेडिट बाजार को मेननेट पर मंजूरी मिलती है और वह उधारकर्ताओं व लिक्विडिटी को आकर्षित करता है, तो XRPL को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल सबसे सटीक निष्कर्ष यही है: Ethereum ने RLUSD सप्लाई की बढ़त इसलिए वापस हासिल की क्योंकि उसकी हालिया नेट इश्यूएंस XRP Ledger से अधिक रही। हालांकि दोनों नेटवर्क के बीच मुकाबला अभी भी बेहद गतिशील है और अगला बड़ा मिंट या बर्न तस्वीर फिर बदल सकता है।
अलग-अलग आंकड़ों का कारण स्नैपशॉट के समय और डेटा मापने के तरीकों में अंतर हो सकता है।
इस हिसाब से Ethereum की बढ़त करीब 47.98 मिलियन डॉलर है। लगभग 2 अरब डॉलर की कुल सप्लाई के मुकाबले यह छोटा अंतर है। Ripple की ओर से एक और बड़ा मिंट, बर्न या रिडेम्प्शन होते ही रैंकिंग फिर बदल सकती है।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह नेट इश्यूएंस है—यानी नए जारी किए गए टोकन में से बर्न किए गए टोकन घटाने के बाद बची शुद्ध वृद्धि। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई स्पष्ट माप नहीं है जिससे साबित हो कि उपयोगकर्ता बड़े पैमाने पर XRPL से Ethereum पर चले गए।
20 अगस्त को Ethereum पर करीब 73.8 मिलियन डॉलर के RLUSD मिंट और 23.5 मिलियन डॉलर के बर्न रिपोर्ट किए गए। इससे लगभग 50.3 मिलियन डॉलर की नेट इश्यूएंस बनी। 21 अगस्त की शुरुआती गतिविधि में Ethereum पर 53.2 मिलियन डॉलर मिंट और 15 मिलियन डॉलर बर्न हुए, यानी लगभग 38.2 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त शुद्ध वृद्धि।
इसी तुलना अवधि में XRP Ledger की गतिविधि कम रही। एक रिपोर्ट के अनुसार 20 अगस्त को XRPL पर 36.1 मिलियन डॉलर के RLUSD मिंट और 15.4 मिलियन डॉलर के बर्न हुए। अगले स्नैपशॉट में XRPL पर 12.5 मिलियन डॉलर मिंट और 6.5 मिलियन डॉलर बर्न बताए गए।
एक अलग रिपोर्ट में Ripple Labs द्वारा Ethereum पर 20 मिलियन RLUSD मिंट किए जाने की जानकारी भी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टें यह स्पष्ट नहीं करतीं कि इस मिंट के पीछे कौन-सी ग्राहक मांग या लेन-देन था। इसलिए इसे Ethereum की सप्लाई बढ़ाने वाली गतिविधि के रूप में देखना चाहिए, न कि ऑर्गेनिक DeFi मांग का निर्णायक प्रमाण मानना चाहिए।
RLUSD की हर नेटवर्क पर सप्लाई जारीकर्ता की ट्रेजरी गतिविधियों से प्रभावित होती है। मिंटिंग से किसी चेन पर टोकन जुड़ते हैं, जबकि बर्निंग से टोकन सप्लाई से हटते हैं। बर्निंग रिडेम्प्शन और अन्य सप्लाई-मैनेजमेंट प्रक्रियाओं के दौरान हो सकती है।
इसलिए Ethereum और XRPL के बीच सप्लाई का संतुलन तेजी से बदल सकता है, भले ही यह बदलाव सीधे-सीधे ब्रिज ट्रांसफर या उपयोगकर्ताओं की स्वतंत्र नेटवर्क पसंद को न दर्शाता हो।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि XRPL पर भी भारी टर्नओवर देखा गया है। एक रिपोर्टेड 30-दिन की अवधि में XRPL पर करीब 449.3 मिलियन डॉलर का RLUSD जारी हुआ और 448.9 मिलियन डॉलर बर्न हुआ। इसका मतलब है कि भारी गतिविधि के बावजूद नेट सप्लाई ग्रोथ लगभग शून्य रही।
ताजा बदलाव उस उलटफेर के बाद आया है जिसमें कुछ समय पहले XRP Ledger ने Ethereum को पीछे छोड़ा था। जुलाई की शुरुआत में XRPL पर करीब 863.2 मिलियन डॉलर का RLUSD था, जबकि Ethereum पर 676.1 मिलियन डॉलर। यह लगभग 1.539 अरब डॉलर की कुल सप्लाई में 56.1% बनाम 43.9% का विभाजन था।
इससे पहले Ethereum का दबदबा और भी अधिक था। दिसंबर 2025 के एक स्नैपशॉट में RLUSD सप्लाई का करीब 82% हिस्सा Ethereum पर बताया गया था—लगभग 1.03 अरब डॉलर Ethereum पर और 235 मिलियन डॉलर XRPL पर। इससे भी पहले की रिपोर्टिंग में Ethereum के पास लगभग 88% RLUSD होने की बात कही गई थी।
ये आंकड़े बताते हैं कि RLUSD का नेटवर्क वितरण एकतरफा अपनाने की कहानी नहीं है। Ripple पहले भी दोनों नेटवर्क के बीच सप्लाई बदलने के लिए समन्वित मिंट-बर्न ऑपरेशन कर चुका है। 2025 में Ethereum पर 20 मिलियन RLUSD बर्न करके XRPL पर उतनी ही मात्रा मिंट किए जाने की रिपोर्ट आई थी।
Ethereum की गहरी लिक्विडिटी और स्थापित DeFi इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेबलकॉइन ट्रेडिंग, कोलेटरल और अलग-अलग ऑन-चेन ऐप्लिकेशन के लिए इसे आकर्षक बनाते हैं। फिर भी उपलब्ध रिपोर्टें यह अलग से नहीं बतातीं कि हालिया Ethereum इश्यूएंस में कितनी हिस्सेदारी वास्तविक DeFi मांग की थी और कितनी Ripple की ट्रेजरी आवंटन गतिविधि की।
दूसरी ओर, XRP Ledger को भुगतान के अलावा संस्थागत उपयोग के लिए भी तैयार किया जा रहा है। Ripple, Clearpool और Cicada Partners XRPL पर RLUSD का इस्तेमाल करने वाला एक संस्थागत क्रेडिट बाजार विकसित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को वर्किंग-कैपिटल लोन देना है। Clearpool लेंडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा, जबकि Cicada संभावित उधारकर्ताओं को खोजने और क्रेडिट जोखिम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है।
यह पहल XRPL पर निजी क्रेडिट गतिविधि के जरिए RLUSD की लगातार मांग पैदा कर सकती है। लेकिन बाजार अभी विकसित हो रहा है, इसलिए इसे मौजूदा सप्लाई उलटफेर का सिद्ध कारण नहीं कहा जा सकता। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मेननेट पर तैनाती संबंधित XRPL संशोधनों की मंजूरी पर भी निर्भर है।
नेटवर्कों के बीच यह मुकाबला RLUSD की कुल सप्लाई में तेज विस्तार के बीच हो रहा है:
मुख्य बात यह है कि RLUSD की कुल सप्लाई बढ़ती रही, जबकि अलग-अलग नेटवर्क पर उसका वितरण कई बार बदला। एक ऑन-चेन विश्लेषण के अनुसार XRPL पर प्रत्यक्ष RLUSD सेटलमेंट गतिविधि भी बढ़कर मई 2026 में करीब 5.08 अरब डॉलर तक पहुंच गई।
नवीनतम स्नैपशॉट में Ethereum की बढ़त वास्तविक है, लेकिन अभी इसे स्थायी नहीं कहा जा सकता। दोनों नेटवर्क के बीच अंतर करीब 48 मिलियन डॉलर का है, जबकि हालिया इतिहास दिखाता है कि Ripple के मिंटिंग और बर्निंग फैसले कुछ ही समय में करोड़ों डॉलर की सप्लाई को एक नेटवर्क से दूसरे की ओर झुका सकते हैं।
इस बढ़त को लंबे समय के रुझान में बदलने के लिए Ethereum को लगातार नेट इश्यूएंस के साथ अपने DeFi इकोसिस्टम से टिकाऊ मांग भी चाहिए होगी। XRPL लगातार सेटलमेंट गतिविधि के जरिए फिर आगे आ सकता है। यदि प्रस्तावित संस्थागत RLUSD क्रेडिट बाजार को मेननेट पर मंजूरी मिलती है और वह उधारकर्ताओं व लिक्विडिटी को आकर्षित करता है, तो XRPL को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल सबसे सटीक निष्कर्ष यही है: Ethereum ने RLUSD सप्लाई की बढ़त इसलिए वापस हासिल की क्योंकि उसकी हालिया नेट इश्यूएंस XRP Ledger से अधिक रही। हालांकि दोनों नेटवर्क के बीच मुकाबला अभी भी बेहद गतिशील है और अगला बड़ा मिंट या बर्न तस्वीर फिर बदल सकता है।