इसके साथ ही, एंटीबायोटिक्स, एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) और बीथेनकोल को भी सहायक चिकित्सा के रूप में दिया गया ।
| समय बिंदु | नैदानिक निष्कर्ष |
|---|---|
| 1 सप्ताह के भीतर | पेट के त्वचीय घावों में उल्लेखनीय सुधार; द्रव्यमान लगभग आधा हो गया |
| सप्ताह 4 | कई खुले घाव पूरी तरह से ठीक हो गए |
| सप्ताह 8 | पेट का द्रव्यमान प्रारंभिक 744.6 cm³ से घटकर 373.4 cm³ हो गया |
| लगभग 1 वर्ष बाद | द्रव्यमान और घटकर 82 cm³ रह गया — जो प्रारंभिक आकार से 89% की कमी है |
| प्रतिकूल प्रभाव | फेज से संबंधित कोई प्रतिकूल घटना सामने नहीं आई; सामान्य आंत माइक्रोबायोम में कोई व्यवधान नहीं हुआ |
प्राकृतिक (असंशोधित) बैक्टीरियोफेज अक्सर विफल हो जाते हैं क्योंकि बैक्टीरिया उनके प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सकते हैं या फेज की मारने की क्षमता सीमित होती है। SNIPR001 में CRISPR-Cas9 एक सटीक-निर्देशित डीएनए-विनाश तंत्र प्रदान करता है जो बैक्टीरिया को मारने की क्षमता को नाटकीय रूप से बढ़ाता है और प्रतिरोध पैदा होने की संभावना को कम करता है । फेज CRISPR प्रणाली को सीधे बैक्टीरिया कोशिकाओं में पहुंचाते हैं, जहां यह E. coli जीनोम के संरक्षित आवश्यक अनुक्रमों को लक्षित और काटता है
।
महत्वपूर्ण चेतावनी: यह एक एकल-रोगी विस्तारित-एक्सेस मामला है, न कि नियंत्रित नैदानिक परीक्षण । SNIPR001 के बड़े चरण 1/2 परीक्षण चल रहे हैं, और इस थेरेपी को अभी तक नियमित नैदानिक उपयोग के लिए नियामक अनुमोदन नहीं मिला है
। सहवर्ती एंटीबायोटिक्स और अन्य सह-चिकित्साओं की सहायक भूमिका का मतलब है कि अकेले फेज का सटीक योगदान पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।