क्लॉद मोने की आइरिस पेंटिंग 22 अक्टूबर 2026 को पेरिस में सोथबीज़ की नीलामी में खरीदार की फीस समेत €50 मिलियन में बिकी। 1924–25 के आसपास बनाई गई इस कृति ने फ्रांस में नीलामी में बिकी किसी भी कलाकृति के लिए नया रिकॉर्ड कायम किया। इसकी कीमत €22–30 मिलियन के अनुमान से कहीं आगे निकल गई।
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इस रिकॉर्ड के पीछे पेंटिंग की असाधारण दुर्लभता और बोली लगाने वालों के बीच लंबी प्रतिस्पर्धा थी। यह कृति इससे पहले कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं हुई थी। करीब 42 से 45 मिनट तक चली बोली के बाद इसे एशिया के एक निजी संग्रहकर्ता ने फोन के जरिए खरीदा।
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अनुमान से बहुत आगे निकली कीमत
खरीदार की फीस जोड़ने के बाद कुल कीमत €50 मिलियन रही। नीलामी में हथौड़ा €43 मिलियन पर गिरा था; फीस इसमें बाद में जुड़ी।
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9 सोथबीज़ ने बिक्री से पहले इसका अनुमान €22–30 मिलियन रखा था। उस समय इस अनुमान को फ्रांस में नीलामी के लिए पेश की गई किसी पेंटिंग का अब तक का सबसे ऊंचा अनुमान बताया गया था।
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यह सिर्फ मोने की आइरिस पेंटिंग्स के लिए नया कीर्तिमान नहीं था—आइरिस फ्रांस में नीलामी में बिकी सबसे महंगी कलाकृति बन गई।
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11 बोली की अवधि पर खबरों में थोड़ा अंतर है: द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 42 मिनट बताया, जबकि अन्य रिपोर्टों में करीब 45 मिनट का उल्लेख है। रिपोर्टों के मुताबिक, कम-से-कम छह संभावित खरीदार इस मुकाबले में शामिल थे।
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इसकी दुर्लभता ने बढ़ाया आकर्षण
पेंटिंग की खासियतों में उसका लंबे समय तक लोगों की नजरों से दूर रहना भी शामिल था। ब्लूमबर्ग के अनुसार, इसे पहले कभी प्रदर्शित नहीं किया गया था और इसे श्लुम्बर्जर परिवार के उत्तराधिकारियों ने नीलामी में रखा।
2 ले मॉन्द के मुताबिक, यह पेरिस में परिवार के घर में रही और सार्वजनिक रूप से इसकी पहचान केवल एक श्वेत-श्याम तस्वीर से थी।
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करीब 1.60 मीटर ऊंची और 1.80 मीटर चौड़ी आइरिस मोने की अंतिम दौर की बड़ी कृति है।
11 सोथबीज़ के अनुसार, यह 1920 के दशक में बनाई गई तीन क्षैतिज आइरिस रचनाओं में सबसे बड़ी है और उन तीनों में अकेली है जो अब भी निजी स्वामित्व में थी।
36 इसका बड़ा आकार, मोने के अंतिम वर्षों की रचना होना और पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया जाना—इन सबने इसे संग्रहकर्ताओं के लिए दुर्लभ अवसर बनाया।
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इसकी स्वामित्व-श्रृंखला भी मोने और पेरिस के कला-जगत से जुड़ती है। सोथबीज़ के रिकॉर्ड में मोने के बेटे मिशेल मोने, पेरिस की गैलरी कातिया ग्रानोफ़ और श्लुम्बर्जर संग्रह का उल्लेख है। ले मॉन्द के अनुसार, जीन श्लुम्बर्जर ने यह पेंटिंग हासिल की थी।
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फोन पर चली लंबी बोली
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, कम-से-कम छह संभावित खरीदारों ने फोन के जरिए बोली लगाई। आखिरकार इसे एशिया के एक निजी संग्रहकर्ता ने खरीदा। अखबार ने बताया कि ग्राहक ने सोथबीज़ एशिया की उपाध्यक्ष जेन हुआ के साथ फोन पर बोली लगाई; ब्लूमबर्ग ने भी खरीदार को एशिया का निजी संग्रहकर्ता बताया।
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बोली की अवधि द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 42 मिनट और अन्य खबरों ने लगभग 45 मिनट बताई। अवधि को लेकर यह मामूली अंतर एक बात नहीं बदलता: मुकाबला असामान्य रूप से लंबा चला और फीस से पहले कीमत €43 मिलियन तक पहुंची।
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श्लुम्बर्जर संग्रह की नीलामी का मुख्य आकर्षण
आइरिस श्लुम्बर्जर संग्रह की कलाकृतियों के साथ नीलामी में पेश की गई थी। सोथबीज़ ने 22 अक्टूबर की बिक्री से पहले इस संग्रह की 28 कृतियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की थीं।
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17 नीलामी में मोने की यही पेंटिंग सबसे बड़ी खबर बनी: लंबे समय तक निजी घर में रही और पहले कभी प्रदर्शित न हुई कृति, फ्रांस की कला-नीलामी का रिकॉर्ड बनाकर सार्वजनिक मंच पर लौटी।
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