इससे संकेत मिलता है कि NEV की वृद्धि केवल इसलिए नहीं हो रही कि लोग पहले से अधिक कारें खरीद रहे हैं। दबाव वाले बाजार में खरीदार पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक या विद्युतीकृत विकल्प चुन रहे हैं।
कई बदलावों ने NEV को शुरुआती उत्साही खरीदारों की पसंद से निकालकर आम परिवारों के खरीद विकल्पों में ला दिया है:
फिर भी, हर खरीदार का अनुभव एक जैसा नहीं होगा। घर पर चार्जिंग की सुविधा, स्थानीय बुनियादी ढांचा, वाहन की कीमत, विश्वसनीयता और बिक्री के बाद की सेवा अब भी अलग-अलग हो सकती है। लेकिन इन सभी बदलावों ने NEV को पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक ग्राहक वर्ग के लिए उपयुक्त बना दिया है।
जुलाई के निर्यात आंकड़े इस कहानी का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चीन का कुल वाहन निर्यात 1.043 मिलियन इकाई रहा, जो सालाना आधार पर 81.3% अधिक है। यह लगातार दूसरा महीना था जब मासिक निर्यात एक मिलियन इकाई से ऊपर रहा।
जुलाई में NEV निर्यात 553,000 इकाई तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 145.5% अधिक है। जनवरी-जुलाई के दौरान चीन ने कुल 6.14 मिलियन वाहन निर्यात किए, जिनमें 2.91 मिलियन NEV थे।
इस तरह, जुलाई के कुल वाहन निर्यात में आधे से अधिक हिस्सा NEV का रहा। इसका मतलब है कि विद्युतीकृत वाहन चीन के विदेशी विस्तार की छोटी श्रेणी नहीं, बल्कि उसके केंद्रीय हिस्से बन रहे हैं।
बड़े उत्पादन पैमाने से कंपनियों को अनुसंधान, कलपुर्जों, टूलिंग और सॉफ्टवेयर विकास की लागत अधिक वाहनों पर बांटने में मदद मिल सकती है। विदेशों में बिक्री के नए रास्ते ऐसे समय में भी उपयोगी हैं जब घरेलू बाजार में कीमतों और उत्पादों को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज है।
हालांकि, अधिक वाहन बेचने से अपने-आप अधिक मुनाफा नहीं होता। शिपिंग लागत, आयात शुल्क, स्थानीय नियमों का अनुपालन और सर्विस नेटवर्क तैयार करने का खर्च विदेश विस्तार की वास्तविक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
अगले चरण की प्रतिस्पर्धा केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि चीन से कितनी कारें दूसरे देशों में भेजी जाती हैं। चीनी वाहन निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर ऐसी क्षमताएं भी विकसित करनी होंगी, जिनसे उनके वाहन खरीदना, चलाना और मरम्मत कराना आसान हो।
इसमें कई चीजें शामिल हो सकती हैं:
स्थानीयकरण से डिलीवरी और सर्विस की रुकावटें कम हो सकती हैं। इससे स्थानीय सामग्री से जुड़े नियमों का पालन करना और अलग-अलग बाजारों की जरूरतों के अनुसार वाहन ढालना भी आसान हो सकता है। लेकिन इसके लिए बड़ी पूंजी और लंबे समय की प्रतिबद्धता जरूरी होगी।
चीन में विदेशी वाहन निर्माता भी वैश्विक मॉडलों के आयात से आगे बढ़कर स्थानीय नवाचार और गहरे निवेश की ओर जा रहे हैं। यह बदलाव घरेलू ब्रांडों की बढ़ती ताकत के प्रति उनकी प्रतिक्रिया है।
जुलाई में पश्चिमी यूरोप के NEV बाजार में चीनी ब्रांडों की हिस्सेदारी 16.3% बताई गई, जो एक वर्ष पहले 9.2% थी। अलग-अलग बाजार रिपोर्टों के अनुसार, यूरोप में विद्युतीकृत वाहनों के पंजीकरण ने ऑटो बाजार की वृद्धि को सहारा दिया, जबकि पेट्रोल और डीजल वाहनों की मांग कमजोर हुई। इससे प्रतिस्पर्धी EV मॉडल रखने वाले चीनी ब्रांडों के लिए अवसर बढ़े हैं।
इसका दबाव उन स्थापित वाहन निर्माताओं पर विशेष रूप से दिखाई दे रहा है, जो चीन के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़े। Reuters के अनुसार, BMW चीन में लगातार घटती बिक्री के बाद अपने Neue Klasse इलेक्ट्रिक वाहन कार्यक्रम पर निर्भर कर रही है। उस रिपोर्ट के समय चीन में BMW की बिक्री में पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 5% थी।
फिर भी, चीन और स्थापित वैश्विक वाहन कंपनियों का संबंध केवल टकराव का नहीं है। चीन की आपूर्ति शृंखलाएं, सॉफ्टवेयर क्षमताएं और तेज उत्पाद-विकास चक्र साझेदारी, स्थानीय खरीद और चीन-आधारित अनुसंधान एवं विकास को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसलिए आगे की प्रतिस्पर्धा में सीधी भिड़ंत के साथ सहयोग भी शामिल रहेगा।
किसी बाजार की तेज वृद्धि यह सुनिश्चित नहीं करती कि हर निर्माता टिकाऊ मुनाफा कमाएगा। भारी छूट से आपूर्तिकर्ताओं पर दबाव बढ़ सकता है, शोध एवं विकास के लिए उपलब्ध नकदी घट सकती है और उद्योग में विलय या कंपनियों के बाहर होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहन आम होते जाएंगे, केवल उत्पादन मात्रा निर्णायक नहीं रहेगी। बैटरी सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता, चार्जिंग प्रदर्शन, सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता, ड्राइवर-सहायता क्षमता, टिकाऊपन और सर्विस गुणवत्ता ग्राहक भरोसे के लिए अधिक महत्वपूर्ण होंगे।
वाहन निर्माताओं को अलग-अलग देशों में उत्सर्जन नियमों, शुल्क, सुरक्षा मानकों, डेटा विनियमों और चार्जिंग मानकों का सामना करना पड़ता है। इन भिन्नताओं से अनुपालन लागत बढ़ती है और मजबूत मांग होने पर भी नए मॉडल उतारने में देरी हो सकती है।
वाहन की बॉडी, कीमत, घरेलू चार्जिंग की उपलब्धता, सड़क की स्थिति और ब्रांड की छवि को लेकर उपभोक्ताओं की पसंद बाजार-दर-बाजार बदलती है। चीन में सफल मॉडल को यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया या किसी अन्य क्षेत्र में बिना बदलाव के उतारना जरूरी नहीं कि सफल हो।
संरक्षणवाद और प्रतिस्पर्धा से जुड़े विवाद वाहनों, कलपुर्जों और तकनीक के सीमा-पार प्रवाह को धीमा कर सकते हैं। पारदर्शी नियम, एक-दूसरे के अनुकूल चार्जिंग प्रणालियां और स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं में निवेश इलेक्ट्रिक वाहनों की वैश्विक वृद्धि को परिवहन क्षेत्र के तेज डीकार्बोनाइजेशन में बदलने में मदद कर सकते हैं।
जुलाई के आंकड़ों को दो समानांतर बदलावों के रूप में समझना सबसे उपयोगी है। चीन के भीतर NEV तेज गति से बढ़ने वाला वैकल्पिक उत्पाद नहीं रहा; वह बहुमत वाले बाजार का वाहन बन चुका है। चीन के बाहर, निर्यात विनिर्माण पैमाने को वैश्विक प्रतिस्पर्धी दबाव में बदल रहा है।
अब असली परीक्षा यह होगी कि निर्माता इस पैमाने को टिकाऊ मुनाफे, भरोसेमंद स्थानीय सेवा और अलग-अलग बाजारों के नियमों व उपभोक्ता आदतों के अनुरूप उत्पादों में बदल पाते हैं या नहीं। जुलाई ने चीन के NEV उद्योग के निर्णायक चरण में प्रवेश को दिखाया है—लेकिन वैश्विक विजेता अभी तय नहीं हुए हैं।