ATLAS ने 9.62 TeV की प्रोटॉन–ऑक्सीजन टक्करों को पृथ्वी के वायुमंडल से टकराने वाली कॉस्मिक किरण की पहली टक्कर के नियंत्रित समकक्ष के रूप में इस्तेमाल किया। कणों की संख्या, संवेग, उत्सर्जन कोण और क्रॉस सेक्शन के नए डेटा से भू आधारित कॉस्मिक रे वेधशालाओं के सिमुलेशन मॉडल की अनिश्चितताएं घट सकती हैं। इससे अति उच्च ऊर्जा...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did CERN’s ATLAS experiment use the Large Hadron Collider on July 1, 2025, to recreate cosmic-ray showers by colliding 9.62-TeV proton b. Article summary: ATLAS turned the LHC into a controlled analogue of the first collision in an air shower: a proton beam represented an incoming cosmic ray, while oxygen ions represented atmospheric nuclei. It measured the charged particl. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
जुलाई 2025 में लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) को पहली बार प्रोटॉन और ऑक्सीजन आयनों की टक्कर कराने के लिए संचालित किया गया। ATLAS के लिए यह व्यवस्था उस पहली सूक्ष्म टक्कर का नियंत्रित प्रयोगशाला-मॉडल थी, जो अंतरिक्ष से आई कॉस्मिक किरण के पृथ्वी के वायुमंडल तक पहुंचने पर होती है। 6
9
इस प्रयोग की उपमा में प्रोटॉन किरण अंतरिक्ष से आने वाले कण का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि ऑक्सीजन आयन वायुमंडलीय नाभिकों का। पृथ्वी के वायुमंडल में मुख्यतः नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हैं, इसलिए प्रोटॉन–ऑक्सीजन टक्कर वायुमंडलीय कण-वृष्टि, या एयर शावर, की शुरुआत को समझने का सीधा तरीका देती है। 9
टक्करें 9.62 TeV ऊर्जा पर कराई गईं। ATLAS ने पूरे वायुमंडल में कई किलोमीटर तक फैलने वाली पूर्ण कण-वृष्टि को बनाने की कोशिश नहीं की। उसका लक्ष्य उस शुरुआती, सूक्ष्म टक्कर को सटीक रूप से मापना था, जिससे यह शावर शुरू होता है। 6
विश्लेषण में 24.6 करोड़ चुनी हुई घटनाओं का उपयोग किया गया। हर घटना में कम-से-कम एक आवेशित कण का ट्रैक था, जिसका अनुप्रस्थ संवेग 500 MeV से अधिक और छद्म-तीव्रता (pseudorapidity) की सीमा |η| < 2.5 थी। 9
आवेशित कणों के ट्रैक से सहयोगी दल ने मापा:
प्रयोग की निर्धारित सीमा में प्रोटॉन–ऑक्सीजन का मापा गया क्रॉस सेक्शन 396 ± 6 (प्रायोगिक) ± 9 (दीप्तिमानता) mb था। सैद्धांतिक रूप से प्रोटॉन–वायु टक्कर तक विस्तार करने पर अप्रत्यास्थ क्रॉस सेक्शन का अनुमान 406 ± 6 (प्रायोगिक) ± 9 (दीप्तिमानता) ± 28 (सैद्धांतिक) mb निकला। 9
ATLAS के सारांश के अनुसार, कण-संख्या, अनुप्रस्थ संवेग और छद्म-तीव्रता की मापों में अनिश्चितताएं कुछ प्रतिशत के स्तर की हैं। यह कॉस्मिक-रे शावर सिमुलेशन में इस्तेमाल होने वाले हैड्रॉनिक इंटरैक्शन मॉडलों के बीच के अंतर से लगभग एक क्रम कम है। 6
9
जमीन पर स्थित कॉस्मिक-रे वेधशालाएं आम तौर पर मूल कॉस्मिक कण को सीधे दर्ज नहीं करतीं। वे वायुमंडल में उसकी टक्करों से बने द्वितीयक कणों को देखती हैं और उनसे मूल कण की ऊर्जा तथा संभवतः उसकी संरचना का अनुमान लगाती हैं। यह प्रक्रिया प्रबल नाभिकीय बल से जुड़ी हैड्रॉनिक अंतःक्रियाओं के सिमुलेशन पर निर्भर करती है, जिनके मौजूदा मॉडल पूरी तरह एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं। 6
प्रोटॉन–ऑक्सीजन डेटा मॉडल बनाने वाले वैज्ञानिकों को पारस्परिक क्रिया की संभावनाएं, कण उत्पादन, संवेग वितरण, उत्सर्जन कोण और क्रॉस सेक्शन को प्रयोगशाला में मापे गए आंकड़ों के अनुसार समायोजित करने का अवसर देता है। प्रोटॉन–वायु टक्कर तक का विस्तार इन नतीजों को पृथ्वी के वायुमंडल से और सीधे जोड़ता है। 6
9
प्रोटॉन और भारी नाभिक अलग-अलग ढंग से विकसित होने वाली तथा अलग उतार-चढ़ाव वाली कण-वृष्टियां बनाते हैं। इसलिए बेहतर ढंग से अंशांकित सिमुलेशन उस बड़ी व्यवस्थित अनिश्चितता को घटा सकते हैं, जो यह तय करने में आती है कि अति-उच्च-ऊर्जा कॉस्मिक किरणें मुख्यतः हाइड्रोजन नाभिक हैं या भारी तत्वों के नाभिक। यह नए डेटा का संभावित लाभ है, ATLAS की इस माप का प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं। 6
9
कॉस्मिक किरणों की संरचना उनके संभावित खगोलीय त्वरकों की व्याख्या को भी प्रभावित करती है। चुंबकीय क्षेत्र में उनका विचलन और संभव अधिकतम त्वरण नाभिक के गुणों पर निर्भर करते हैं। इसीलिए संरचना का अधिक सटीक अनुमान विस्फोटक तारों के परिवेश या अतिविशाल ब्लैक होल के आसपास जैसे संभावित स्रोतों के परिदृश्यों की जांच को मजबूत कर सकता है। हालांकि, इस विशेष ATLAS माप ने न तो कॉस्मिक किरणों के स्रोत पहचाने हैं और न ही किसी त्वरण-तंत्र को सिद्ध किया है। 6
9
LHC की ये टक्करें कण-वृष्टि की पहली और निर्णायक अंतःक्रिया का अंशांकन हैं, पूरी वायुमंडलीय कण-वृष्टि का पुनर्निर्माण नहीं। इनका महत्व इस बात में है कि ये कॉस्मिक-रे सिमुलेशन को चलाने वाली टक्कर-भौतिकी की कुछ सैद्धांतिक अनिश्चितता को नियंत्रित प्रयोगशाला डेटा से बदल देती हैं। 6
9
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
ATLAS ने 9.62 TeV की प्रोटॉन–ऑक्सीजन टक्करों को पृथ्वी के वायुमंडल से टकराने वाली कॉस्मिक किरण की पहली टक्कर के नियंत्रित समकक्ष के रूप में इस्तेमाल किया।
ATLAS ने 9.62 TeV की प्रोटॉन–ऑक्सीजन टक्करों को पृथ्वी के वायुमंडल से टकराने वाली कॉस्मिक किरण की पहली टक्कर के नियंत्रित समकक्ष के रूप में इस्तेमाल किया। कणों की संख्या, संवेग, उत्सर्जन कोण और क्रॉस सेक्शन के नए डेटा से भू आधारित कॉस्मिक रे वेधशालाओं के सिमुलेशन मॉडल की अनिश्चितताएं घट सकती हैं।
इससे अति उच्च ऊर्जा कॉस्मिक किरणों के प्रोटॉन होने या भारी नाभिक होने के अनुमान बेहतर हो सकते हैं, लेकिन ATLAS ने इस माप से किसी स्रोत की पहचान नहीं की है।