BYD के HyWorldVLA ने पिक्सेल स्तरीय निगरानी और संकुचित लेटेंट स्पेस में अनुमान को मिलाकर NAVSIM v1 पर 90.59 PDMS स्कोर दर्ज किया। मॉडल पहले वीडियो VAE को प्रशिक्षित करता है, फिर पिक्सेल और लेटेंट पूर्वानुमान के साथ प्री ट्रेनिंग करता है, और अंत में ट्रैजेक्टरी बनाने वाले एक्शन एक्सपर्ट के साथ संयुक्त फाइन ट्यूनिंग क...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did BYD’s newly revealed AI team develop HyWorldVLA—a Vision-Language-Action autonomous-driving foundation model that combines pixel-lev. Article summary: BYD’s first public autonomous-driving foundation-model paper presents HyWorldVLA as a hybrid VLA system: it uses pixel-level reconstruction to preserve scene detail and latent-space prediction to make planning more robus. Topic tags: general, academic, general web, government, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
BYD ने स्वायत्त ड्राइविंग के लिए HyWorldVLA नाम का एक Vision-Language-Action (VLA) मॉडल पेश किया है, जिसमें हाइब्रिड “वर्ल्ड मॉडल” का उपयोग होता है। इसका मूल विचार सड़क के दृश्य को दो तरीकों से समझना है: एक, पिक्सेल स्तर पर बारीक दृश्य विवरण के जरिए; और दूसरा, संकुचित लेटेंट स्पेस में, ताकि भविष्य का अनुमान और वाहन की राह की योजना कम कंप्यूटिंग संसाधनों में की जा सके। 1
भविष्य के वीडियो फ्रेम को पिक्सेल स्तर पर अनुमानित करने से दृश्य की बहुत बारीक जानकारी बची रह सकती है, लेकिन यह कंप्यूटिंग के लिहाज से महंगा है। दूसरी ओर, लेटेंट स्पेस में काम करने वाला मॉडल दृश्य को संकुचित रूप में संभालता है। यह चलाने में अधिक व्यावहारिक हो सकता है, मगर ड्राइविंग के लिए अहम कुछ जानकारी खोने का जोखिम रहता है। 1
HyWorldVLA इनमें से केवल एक रास्ता चुनने के बजाय दोनों को जोड़ता है। प्रशिक्षण के दौरान पिक्सेल-स्तरीय निगरानी से लेटेंट स्पेस को वास्तविक दृश्य से जोड़े रखा जाता है। लेकिन संचालन के समय मॉडल केवल लेटेंट फीचर्स का अनुमान लगाता है और उन्हें एक्शन एक्सपर्ट को देता है, जो ड्राइविंग ट्रैजेक्टरी बनाता है। 1
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पहले चरण में एक वीडियो variational autoencoder (VAE) ड्राइविंग वीडियो के क्रम को संकुचित लेटेंट फीचर्स में बदलता है। इस वीडियो कंप्रेसर के प्रशिक्षण के दौरान भाषा को अर्थ-संबंधी संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 2
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मकसद केवल वीडियो को छोटा बनाना नहीं है। लेटेंट स्पेस में ऐसी जानकारी बची रहनी चाहिए जो आगे के दृश्य का अनुमान लगाने और अंततः वाहन चलाने के निर्णय में उपयोगी हो।
अगले चरण में छवियों, क्रियाओं, भाषा और लेटेंट फीचर्स को एकीकृत डिस्क्रीट टोकन में बदला जाता है, जिनका ऑटोरेग्रेसिव तरीके से पूर्वानुमान किया जाता है। मॉडल एक साथ भविष्य के वीडियो लेटेंट्स का अनुमान लगाता है और भविष्य के फ्रेम का पुनर्निर्माण भी करता है। 1
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यही इसकी दोहरी निगरानी का केंद्र है:
सरल शब्दों में, पिक्सेल-आधारित लॉस एक सीमा की तरह काम करता है ताकि लेटेंट मॉडल दृश्य को जरूरत से ज्यादा संकुचित करके महत्वपूर्ण बारीकियां न खो दे। 1
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अंतिम चरण में वर्ल्ड मॉडल को एक विशेष एक्शन/ट्रैजेक्टरी मॉडल के साथ अनुकूलित किया जाता है। संचालन के दौरान सिस्टम पूरे पिक्सेल फ्रेम बनाने के बजाय लेटेंट फीचर्स का अनुमान लगाता है। फिर एक्शन एक्सपर्ट इन्हीं फीचर्स से ड्राइविंग ट्रैजेक्टरी तैयार करता है। 1
यहीं दक्षता का प्रमुख लाभ है: महंगी पिक्सेल-स्तरीय निगरानी प्रशिक्षण में प्रतिनिधित्व को बेहतर बनाने के लिए उपयोग होती है, लेकिन ऑनलाइन अनुमान के समय वही लागत नहीं उठानी पड़ती।
NAVSIM v1 पर HyWorldVLA ने 90.59 PDMS स्कोर दर्ज किया। पेपर और संबंधित रिपोर्टों ने इसे उस समय सार्वजनिक रूप से उपलब्ध परिणामों में अग्रणी बताया। 1
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घटकों को हटाकर किए गए परीक्षण बताते हैं कि हाइब्रिड डिजाइन केवल अतिरिक्त फीचर्स जोड़ने भर का मामला नहीं है:
ये नतीजे शोधकर्ताओं की उस धारणा के अनुरूप हैं कि पिक्सेल निगरानी और लेटेंट पूर्वानुमान अलग-अलग समस्याएं सुलझाते हैं: पहला दृश्य की विश्वसनीयता बनाए रखता है, जबकि दूसरा क्रिया-पूर्वानुमान के लिए अधिक किफायती प्रतिनिधित्व देता है।
पेपर में दो वेट की जांच की गई: वीडियो टोकन पूर्वानुमान लॉस के लिए λ1, और लेटेंट प्रतिनिधित्व की संगति के लिए λ2। 20
λ2 को 0.1 पर स्थिर रखकर, λ1 को 0.1 से 0.5 करने पर PDMS 90.48 से बढ़कर 90.59 हुआ। लेकिन λ1 को 1.0 करने पर स्कोर 89.83 तक गिर गया। 20
इसी तरह λ1 को 0.5 पर स्थिर रखकर λ2 को 0.1 से ऊपर बढ़ाने पर प्रदर्शन कम हुआ: λ2 के 0.2 होने पर PDMS 90.47 रहा और इसे और बढ़ाने पर गिरावट जारी रही। 20 निष्कर्ष यह नहीं है कि अधिक निगरानी हमेशा बेहतर होती है। मॉडल को पिक्सेल और लेटेंट—दोनों तरह के पर्याप्त बंधन चाहिए, लेकिन इतने नहीं कि प्रतिनिधित्व जरूरत से ज्यादा कठोर हो जाए।
PDMS, NAVSIM का संयुक्त ड्राइविंग-गुणवत्ता सूचकांक है। इसमें ऐसी बातें शामिल हैं जैसे ego वाहन की जिम्मेदारी वाली टक्करों से बचाव, चलाने योग्य सड़क क्षेत्र का पालन, संभावित टक्कर तक का समय, वाहन की गति की सहजता और तय मार्ग पर प्रगति। 2
इसलिए 90.59 सिर्फ इमेज पहचान का स्कोर नहीं है; यह उस खास बेंचमार्क में ड्राइविंग योजना के प्रदर्शन को दर्शाता है। फिर भी, यह सिमुलेटेड वातावरण में मूल्यांकन है। इसे वास्तविक यातायात में सुरक्षा या प्रदर्शन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जा सकता।
यह शोध BYD के Automotive New Technology Research Institute से जुड़ा है और स्वायत्त ड्राइविंग के लिए इन-हाउस फाउंडेशन मॉडल शोध में कंपनी के निवेश का सार्वजनिक संकेत देता है। 1 टीम के Harbin Institute of Technology की रोबोटिक्स विशेषज्ञता से संबंध की रिपोर्टें दिलचस्प हैं, लेकिन उपलब्ध प्राथमिक साक्ष्य हर शोधकर्ता की अकादमिक पृष्ठभूमि की पुष्टि के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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NIO, XPeng और Li Auto जैसे प्रतिद्वंद्वियों के सामने HyWorldVLA, BYD को VLA और वर्ल्ड मॉडलिंग में एक सार्वजनिक तथा मापने योग्य शोध उपलब्धि देता है। यह शोध क्षमता का संकेत है—वास्तविक सड़कों पर स्वायत्त ड्राइविंग में BYD की सिद्ध बढ़त का प्रमाण नहीं।
BYD के वाहन उत्पादन और तैनाती का पैमाना तभी लाभ बन सकता है, जब कंपनी इस शोध को सुरक्षित, सत्यापित और कुशलता से तैनात उत्पाद में बदल सके। अगली असली परीक्षा कोई और बेंचमार्क नहीं, बल्कि मॉडल और सिमुलेशन से वास्तविक सड़क संचालन तक भरोसेमंद संक्रमण होगा।
Studio Global AI
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BYD के HyWorldVLA ने पिक्सेल स्तरीय निगरानी और संकुचित लेटेंट स्पेस में अनुमान को मिलाकर NAVSIM v1 पर 90.59 PDMS स्कोर दर्ज किया।
BYD के HyWorldVLA ने पिक्सेल स्तरीय निगरानी और संकुचित लेटेंट स्पेस में अनुमान को मिलाकर NAVSIM v1 पर 90.59 PDMS स्कोर दर्ज किया। मॉडल पहले वीडियो VAE को प्रशिक्षित करता है, फिर पिक्सेल और लेटेंट पूर्वानुमान के साथ प्री ट्रेनिंग करता है, और अंत में ट्रैजेक्टरी बनाने वाले एक्शन एक्सपर्ट के साथ संयुक्त फाइन ट्यूनिंग करता है।
एब्लेशन परीक्षणों में पिक्सेल पूर्वानुमान हटाने पर PDMS 87.50 और लेटेंट स्पेस प्रोसेसिंग हटाने पर 89.91 रह गया, जिससे दोनों संकेतों की पूरक भूमिका दिखती है।