BNP Paribas और HSBC ने Swift के साझा लेजर पर Siemens के लिए फ्रांस के यूरो खाते से ब्रिटेन के पाउंड खाते में लाइव ट्रेजरी भुगतान पूरा किया। यह परीक्षण टोकनाइज्ड डिपॉजिट—यानी विनियमित बैंकिंग व्यवस्था में मौजूद वाणिज्यिक बैंक जमा के डिजिटल प्रतिनिधित्व—पर आधारित था। कॉर्पोरेट ट्रेजरी के लिए इसका संभावित लाभ भुगतान स्...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did BNP Paribas and HSBC complete the first live corporate treasury payment on Swift’s blockchain-based shared ledger for Siemens—transf. Article summary: BNP Paribas debited Siemens’ euro deposit in France and HSBC credited Siemens’ sterling deposit in the UK, with the banks using tokenised deposits recorded and synchronised through Swift’s shared blockchain ledger rather. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
BNP Paribas और HSBC ने Siemens के लिए Swift के ब्लॉकचेन-आधारित साझा लेजर पर एक लाइव कॉर्पोरेट ट्रेजरी भुगतान पूरा किया है। इस लेनदेन में Siemens के फ्रांस स्थित BNP Paribas यूरो खाते से धन ब्रिटेन स्थित HSBC पाउंड खाते में भेजा गया। इसमें अलग-अलग बैंकों और मुद्राओं के बीच ट्रांसफर के लिए टोकनाइज्ड डिपॉजिट का इस्तेमाल हुआ। 1
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इस उपलब्धि का मतलब यह नहीं है कि ब्लॉकचेन ने पारंपरिक सीमा-पार बैंकिंग को बदल दिया है। इसका महत्व इस बात में है कि विनियमित बैंक वास्तविक कॉर्पोरेट भुगतान प्रवाह में साझा अवसंरचना पर टोकनाइज्ड वाणिज्यिक बैंक धन का परीक्षण कर सकते हैं।
दोनों बैंकों ने Siemens के लिए फ्रांस में BNP Paribas के पास रखे यूरो-मूल्यवर्ग खाते से ब्रिटेन में HSBC के पास रखे पाउंड-मूल्यवर्ग खाते में भुगतान किया। रिपोर्टों के अनुसार, यह Swift के लेजर पर पहला लाइव कॉर्पोरेट ट्रेजरी भुगतान था। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि टोकनाइज्ड डिपॉजिट अलग-अलग बैंक प्रणालियों के बीच काम कर सकते हैं या नहीं, जबकि कॉर्पोरेट ग्राहकों के इस्तेमाल वाले वाणिज्यिक बैंक धन की प्रकृति बरकरार रहे। 1
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टोकनाइज्ड डिपॉजिट को समझना यहां जरूरी है। यह विनियमित बैंकिंग प्रणाली के भीतर मौजूद बैंक जमा का डिजिटल प्रतिनिधित्व है। इसलिए यह मॉडल किसी कंपनी से अपनी ट्रेजरी नकदी को निजी रूप से जारी क्रिप्टो एसेट में ले जाने या मौजूदा बैंक संबंध छोड़ने को नहीं कहता। 2
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Swift के अनुसार, यह लेजर बैंकों के बीच भुगतान के लिए एक साझा समन्वय परत है। यह टोकनाइज्ड डिपॉजिट से जुड़े भुगतान-प्रतिबद्धताओं को दर्ज, क्रमबद्ध, सत्यापित और समकालिक करता है तथा निष्पादन से पहले धन उपलब्ध होने की जांच भी करता है। 6
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व्यावहारिक तौर पर लक्ष्य यह है कि भागीदार संस्थानों के पास लेनदेन की एक समान और समकालिक स्थिति हो, न कि प्रक्रिया केवल अलग-अलग रिकॉर्डों के बीच संदेश भेजने पर निर्भर रहे। बैंक अपनी नियामकीय भूमिकाएं निभाते रहेंगे; लेजर का काम ट्रांसफर और उसकी स्थिति में समन्वय करना है। 6
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Swift का पहला उपयोग-मामला 24/7, रियल-टाइम सीमा-पार भुगतान है। इसके शुरुआती लाइव पायलट में छह महाद्वीपों के 17 बैंक शामिल थे, जिनमें BNP Paribas और HSBC भी हैं। 9
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दो देशों में स्थित दो अलग-अलग बैंकों के खातों के बीच धन भेजना, एक ही बैंक के भीतर आंतरिक ट्रांसफर की तुलना में अधिक जटिल है। Siemens के लेनदेन में दो मुद्राएं भी थीं: भेजने वाले बैंक में यूरो और पाने वाले बैंक में पाउंड स्टर्लिंग। 1
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इसलिए यह इंटरऑपरेबिलिटी का उपयोगी प्रदर्शन है—अर्थात अलग-अलग विनियमित संस्थानों द्वारा जारी और प्रबंधित टोकनाइज्ड डिपॉजिट को एक समन्वित सीमा-पार भुगतान प्रक्रिया में इस्तेमाल करने की क्षमता। अगस्त 2026 में Standard Chartered और HSBC ने इसी Swift लेजर पर बैंक-से-बैंक इंटरऑपरेबिलिटी पर केंद्रित एक लाइव सीमा-पार टोकनाइज्ड-डिपॉजिट लेनदेन की घोषणा की थी। 8
Siemens का मामला इसमें कॉर्पोरेट ट्रेजरी का उपयोग जोड़ता है: किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की अपनी बैंक खातों के बीच तरलता स्थानांतरित करना।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए केवल भुगतान शुरू करना ही नहीं, बल्कि सीमा-पार ट्रांसफर की सटीक स्थिति जानना भी महत्वपूर्ण होता है। समकालिक लेजर से भागीदार बैंकों और उनके कॉर्पोरेट ग्राहकों को यह जल्दी पुष्टि मिल सकती है कि भुगतान सत्यापित हुआ, निष्पादित हुआ और निपटान तक पहुंचा या नहीं।
इससे भुगतान संदेशों, बैंक रिकॉर्ड और आंतरिक ट्रेजरी सिस्टम के मिलान में लगने वाला परिचालन बोझ घट सकता है। नकदी की दृश्यता और तरलता प्रबंधन भी बेहतर हो सकता है, खासकर जब धन अलग-अलग इकाइयों, क्षेत्रों या मुद्रा खातों के बीच घूम रहा हो। हालांकि, ये अपेक्षित परिचालन लाभ हैं; एक अकेले लेनदेन से इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध परिणाम नहीं माना जा सकता। 3
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Swift का घोषित लक्ष्य भुगतान को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराना भी है, ताकि प्रक्रिया पारंपरिक कट-ऑफ समय तक सीमित न रहे। 9
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साझा और सत्यापित लेनदेन रिकॉर्ड भुगतान निर्देश दिए जाने और निपटान की पुष्टि के बीच की अनिश्चितता घटा सकता है। सिद्धांततः इससे उस अवधि में कमी आ सकती है, जब किसी पक्ष को यह जानने की प्रतीक्षा रहती है कि धन उपलब्ध है या संबंधित ट्रांसफर पूरा हो चुका है।
फिर भी, तेज तकनीकी समन्वय से सीमा-पार वित्त की मूल आवश्यकताएं समाप्त नहीं होतीं। किसी लेनदेन की वास्तविक गति और जोखिम अब भी विदेशी विनिमय (FX) निष्पादन, तरलता, कानूनी निपटान-अंतिमता, प्रतिबंध और मनी-लॉन्ड्रिंग रोधी जांच, स्थानीय नियमों तथा परिचालन मजबूती पर निर्भर करेंगे। Siemens का लेनदेन एक लाइव प्रमाण है, बड़े पैमाने पर तात्कालिक या जोखिम-मुक्त निपटान की गारंटी नहीं।
Swift ने 29 सितंबर 2025 को फ्रैंकफर्ट में Sibos सम्मेलन के दौरान अपने ढांचे में ब्लॉकचेन-आधारित साझा लेजर जोड़ने की योजना की घोषणा की थी। 24
25 30 मार्च 2026 को इसने लेजर का डिजाइन चरण पूरा कर न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद (MVP) के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया।
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9 जुलाई 2026 को Swift ने कहा कि लेजर शुरुआती उपयोग के लिए तैयार है और 17 बैंक टोकनाइज्ड डिपॉजिट के जरिए लाइव लेनदेन के पायलट की तैयारी कर रहे हैं। 13 4 सितंबर को रिपोर्ट हुआ Siemens का भुगतान, शुरुआती सक्रियण के बाद इस पहल के वास्तविक कॉर्पोरेट ट्रेजरी ट्रांसफर में इस्तेमाल का उदाहरण है।
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इस पहल का मूल विचार यह नहीं है कि बैंक जमा की जगह कोई नई मुद्रा ले ले। विचार यह है कि मौजूदा विनियमित जमा को टोकन के रूप में दर्शाया जाए और साझा अवसंरचना के जरिये उन्हें परस्पर इस्तेमाल योग्य बनाया जाए। Swift इस पहल पर 40 से अधिक वित्तीय संस्थानों के साथ काम कर रहा है और इसका पहला उपयोग-मामला सीमा-पार भुगतान है। 9
यह तरीका मुख्यधारा के कॉर्पोरेट वित्त में टोकनाइजेशन को अधिक प्रासंगिक बना सकता है, क्योंकि यह उन्हीं संस्थानों के माध्यम से काम करता है जो पहले से कॉर्पोरेट जमा, अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय भुगतान संभालते हैं। लेकिन व्यापक अपनाव के लिए बैंकों और कंपनियों की भागीदारी, साझा मानक, व्यवहार्य आर्थिक मॉडल, कानूनी स्पष्टता और अलग-अलग मुद्राओं में भरोसेमंद तरलता जरूरी होगी।
इसलिए Siemens ट्रांसफर को इस मॉडल की एक शुरुआती लेकिन ठोस पुष्टि के रूप में देखना चाहिए: विनियमित बैंकों ने Swift के साझा लेजर का इस्तेमाल एक लाइव, कॉर्पोरेट और बहु-मुद्रा भुगतान के लिए किया है। बड़ा सवाल अब भी खुला है कि क्या यह मॉडल आगे चलकर व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला 24/7 सीमा-पार निपटान नेटवर्क बन सकता है।
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BNP Paribas और HSBC ने Swift के साझा लेजर पर Siemens के लिए फ्रांस के यूरो खाते से ब्रिटेन के पाउंड खाते में लाइव ट्रेजरी भुगतान पूरा किया।
BNP Paribas और HSBC ने Swift के साझा लेजर पर Siemens के लिए फ्रांस के यूरो खाते से ब्रिटेन के पाउंड खाते में लाइव ट्रेजरी भुगतान पूरा किया। यह परीक्षण टोकनाइज्ड डिपॉजिट—यानी विनियमित बैंकिंग व्यवस्था में मौजूद वाणिज्यिक बैंक जमा के डिजिटल प्रतिनिधित्व—पर आधारित था।
कॉर्पोरेट ट्रेजरी के लिए इसका संभावित लाभ भुगतान स्थिति और नकदी की बेहतर दृश्यता है, लेकिन FX, कानूनी अंतिमता, अनुपालन, तरलता और व्यापक भागीदारी अब भी निर्णायक रहेंगे।