एशियाई शेयर बाजार बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को दो सत्र की गिरावट के बाद संभले। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में वापसी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर कुछ नरम उम्मीदों ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। MSCI का Asia Pacific सूचकांक 0.2% चढ़ा। हालांकि, तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले बनी सतर्कता ने तेजी को सीमित रखा।
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चिप कंपनियों के शेयरों ने संभाली बाजार की चाल
दक्षिण कोरिया की टेक कंपनियां बाजार की तेजी में आगे रहीं। एक बाजार अपडेट के अनुसार, Samsung Electronics का शेयर 2.8% और SK Hynix का 2% चढ़ा; एक अन्य रिपोर्ट ने दोनों में 2% से अधिक की बढ़त बताई।
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उसी बाजार अपडेट में दक्षिण कोरिया का Kospi 1.6%, जापान का Nikkei 225 0.6% और हांगकांग का Hang Seng 0.3% ऊपर था। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत बाजारों को मापने वाला MSCI सूचकांक 0.5% चढ़ा।
46 यह व्यापक MSCI Asia Pacific सूचकांक से अलग है, जिसमें सत्र के पहले 0.2% की बढ़त दर्ज की गई थी।
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यह उछाल चिप शेयरों के लिए मुश्किल रहे पिछले कारोबारी सत्र के बाद आया। रिपोर्टों ने पिछली गिरावट को चीनी प्रतिस्पर्धा की चिंता और Broadcom की टिप्पणियों से जोड़ा था। अमेरिकी चिप कंपनियों के रातोंरात नुकसान के बाद ताइवान का Taiex और जापान का Nikkei करीब 2% गिरे थे।
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फेड के संकेत से मिली कुछ राहत
न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने कहा कि 2026 में एक और ब्याज-दर वृद्धि उचित हो सकती है, लेकिन 2027 में आगे और सख्ती की जरूरत उन्हें नहीं दिखती।
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5 उनकी टिप्पणी के बाद बाजार की उम्मीदें ब्याज दरों के कम आक्रामक रास्ते की ओर झुकीं। इससे उधारी की लागत और भविष्य की कमाई को लेकर संवेदनशील टेक शेयरों को सहारा मिला।
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हालांकि, इसका मतलब जोखिम पूरी तरह टल जाना नहीं था। विलियम्स ने इस साल एक और दर वृद्धि की संभावना खुली रखी थी, और निवेशक फेड के अगले कदमों का अंदाजा लगाने के लिए नए महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे थे।
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महंगाई और तेल ने बनाए रखी सतर्कता
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े आने से पहले निवेशक यह परख रहे थे कि ऊर्जा की बढ़ती लागत महंगाई को ऊंचा बनाए रखेगी या नहीं। बाजार रिपोर्टों के मुताबिक, तेल की ऊंची कीमतों और CPI घोषणा से पहले की सावधानी ने एशियाई बाजारों की बढ़त सीमित की।
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बाद में जारी आंकड़ों में सामने आया कि सितंबर में अमेरिकी उपभोक्ता कीमतें सालाना आधार पर 3.7% बढ़ीं। यह एक समकालीन बाजार रिपोर्ट में दिए गए 3.6% के अनुमान से ज्यादा था। The New York Times की रिपोर्ट ने इस तेजी की एक वजह ईंधन की ऊंची कीमतों को बताया।
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46 पहले की बाजार खबरों में CPI रिपोर्ट को आने वाला बताया गया था, जबकि बाद की खबरों में आंकड़ा प्रकाशित हो चुका था—दोनों कवरेज दिन के अलग-अलग समय की स्थिति दिखाते हैं।
इस सत्र का संकेत पूरी तरह जोखिम-मुक्त माहौल का नहीं, बल्कि टेक शेयरों में एक सतर्क वापसी का था। चिप कंपनियां उबरीं और फेड की दरों को लेकर चिंता कुछ कम हुई, लेकिन महंगाई और ऊर्जा की कीमतें अब भी अहम जोखिम बने रहे।