7 अप्रैल 2026 को Anthropic ने Claude Mythos Preview पेश किया, जो बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउज़र में हजारों गंभीर सॉफ्टवेयर कमजोरियाँ खोजने में सक्षम बताया गया, इसलिए कंपनी ने इसे सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया। [11... अमेरिकी वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व ने बड़े बैंकों के CEO के साथ बंद कमरे में बैठक कर संभावित...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did Anthropic’s Mythos AI model trigger global concerns about accelerating cyberattacks after its April 7 preview release, what actions. Article summary: Anthropic’s April 7 preview of Claude Mythos triggered alarm because the company said the model was unusually strong at discovering and exploiting software flaws, including zero-days and N-days, and therefore limited acc. Topic tags: general, education, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "* Anthropic announced Claude Mythos Preview, which it said is an advanced AI model that excels at identifying weaknesses and security flaws within software. * Microsoft, Amazon, Ap" source context "Anthropic limits rollout of Mythos AI model over cyberattack fears" Reference image 2: visual subject "Anthropic says newe
7 अप्रैल 2026 को AI कंपनी Anthropic ने Claude Mythos Preview नाम का एक उन्नत मॉडल पेश किया। कंपनी के अनुसार यह मॉडल सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों—खासकर गंभीर और अभी तक अज्ञात खामियों—को खोजने में असाधारण रूप से सक्षम है। परीक्षणों में इसने बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउज़रों में हजारों उच्च‑गंभीरता वाली कमजोरियाँ खोजीं, जिनमें से अधिकांश अभी तक पैच नहीं हुई थीं।
यही कारण था कि Anthropic ने इसे आम जनता के लिए जारी करने के बजाय सीमित संस्थाओं तक ही सीमित रखा। कंपनी को चिंता थी कि यदि ऐसी क्षमता गलत हाथों में चली गई तो हमलावर सॉफ्टवेयर बग खोजने और उनका फायदा उठाने की प्रक्रिया को बहुत तेज कर सकते हैं।
इस घोषणा ने सरकारों, तकनीकी कंपनियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच यह बहस शुरू कर दी कि क्या उन्नत AI आने वाले समय में साइबर हमलों की गति को नाटकीय रूप से बढ़ा सकता है।
पारंपरिक सुरक्षा स्कैनर आमतौर पर पहले से ज्ञात कमजोरियों या कोड पैटर्न को खोजते हैं। लेकिन Anthropic के अनुसार Mythos जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम को समझते हुए नई और पहले से अनदेखी कमजोरियाँ भी खोज सकता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार मॉडल ने:
हालाँकि यह मॉडल सीधे “हैकिंग टूल” के रूप में नहीं बनाया गया था, लेकिन इसकी उन्नत कोडिंग और तर्क क्षमता इसे बड़े कोडबेस का विश्लेषण करने और संभावित शोषण योग्य कमजोरियों को पहचानने में बहुत प्रभावी बनाती है।
Anthropic ने बताया कि इसकी खोजी गई कमजोरियों में 99% से अधिक अभी तक पैच नहीं हुई थीं, इसलिए सार्वजनिक रिलीज़ तुरंत जोखिम पैदा कर सकती थी।
Mythos की घोषणा के बाद नियामकों और वित्तीय संस्थानों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी।
रिपोर्टों के अनुसार, उसी दिन अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और फेडरल रिजर्व के चेयर जेरोम पॉवेल ने बड़े बैंकों के CEO के साथ बंद कमरे में बैठक की, ताकि नए AI मॉडल से उत्पन्न साइबर जोखिमों पर चर्चा की जा सके।
इसके बाद कई बैंकों ने अपनी सुरक्षा रणनीतियाँ मजबूत करना शुरू किया, जैसे:
इसी बीच Anthropic ने Project Glasswing शुरू किया, जिसके तहत चुनिंदा तकनीकी कंपनियों और सुरक्षा संगठनों को मॉडल तक सीमित पहुँच देकर व्यापक सॉफ्टवेयर ढाँचे की कमजोरियों को ठीक करने में सहयोग किया जा रहा है।
प्रारंभिक चिंता के बावजूद कई साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Mythos तुरंत साइबर दुनिया को पूरी तरह बदल नहीं देगा।
मई 2026 तक कई विश्लेषकों ने कहा कि “अनियंत्रित हैकिंग” की आशंकाएँ कुछ हद तक अतिरंजित हैं। उनका तर्क है कि कमजोरियाँ खोजने की क्षमता पहले से ही AI और स्वचालित टूल्स की मदद से तेज़ी से बढ़ रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने निजी मॉडल और कुछ ओपन‑सोर्स सिस्टम पहले से ही कमजोरियाँ खोजने में मदद कर रहे हैं। Mythos शायद एक नई क्षमता नहीं बल्कि मौजूदा रुझान का तेज़ संस्करण है।
किसी वास्तविक साइबर हमले में कई चरण होते हैं:
ये सभी चरण अभी भी विशेषज्ञता और वास्तविक संचालन की मांग करते हैं, इसलिए केवल कमजोरियाँ ढूँढ लेना बड़े पैमाने पर हमलों की गारंटी नहीं देता।
जो AI हमलावरों को कमजोरियाँ खोजने में मदद कर सकता है, वही सुरक्षा टीमों को भी उन्हें जल्दी पहचानने और ठीक करने में मदद कर सकता है। इसलिए कुछ विशेषज्ञ इसे हमलावर‑रक्षक “स्पीड रेस” में बदलाव मानते हैं, न कि स्पष्ट रूप से हमलावरों की जीत।
भले ही AI कमजोरियों की खोज को तेज कर दे, लेकिन कुछ सीमाएँ अभी भी वास्तविक प्रभाव को सीमित करती हैं।
सीमित पहुँच: Mythos को सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। इसकी पहुँच केवल कुछ विश्वसनीय कंपनियों और सुरक्षा संगठनों तक सीमित है।
उच्च कंप्यूटिंग लागत: ऐसे उन्नत AI मॉडल को प्रशिक्षित और चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग संसाधन चाहिए, जिससे इनका व्यापक उपयोग तुरंत संभव नहीं होता।
तकनीक का तेज़ फैलाव: विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़त अस्थायी हो सकती है, क्योंकि ओपन‑सोर्स मॉडल और पुराने सिस्टम भी तेजी से बेहतर हो रहे हैं और भविष्य में समान क्षमताएँ हासिल कर सकते हैं।
अधिकांश विशेषज्ञ एक बात पर सहमत हैं—AI सॉफ्टवेयर का विश्लेषण करने और कमजोरियाँ खोजने के तरीके को तेजी से बदल रहा है।
लेकिन मतभेद इस बात पर है कि इसका असर कितना बड़ा होगा।
Mythos की कहानी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकारें और कंपनियाँ अब उन्नत AI को रोकने की बजाय उसकी पहुँच को नियंत्रित करने और रक्षा के लिए उपयोग करने की रणनीति अपना रही हैं।
यानी यह सिर्फ एक AI मॉडल की कहानी नहीं, बल्कि उस नए दौर की शुरुआत है जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा एक‑दूसरे को तेजी से बदल रहे हैं।
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7 अप्रैल 2026 को Anthropic ने Claude Mythos Preview पेश किया, जो बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउज़र में हजारों गंभीर सॉफ्टवेयर कमजोरियाँ खोजने में सक्षम बताया गया, इसलिए कंपनी ने इसे सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया। [11...
7 अप्रैल 2026 को Anthropic ने Claude Mythos Preview पेश किया, जो बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउज़र में हजारों गंभीर सॉफ्टवेयर कमजोरियाँ खोजने में सक्षम बताया गया, इसलिए कंपनी ने इसे सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया। [11... अमेरिकी वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व ने बड़े बैंकों के CEO के साथ बंद कमरे में बैठक कर संभावित साइबर जोखिमों पर चर्चा की, जबकि कंपनियों ने पैचिंग और सुरक्षा निगरानी तेज की। [1][3]
कई विशेषज्ञों का कहना है कि खतरा बढ़ा‑चढ़ाकर बताया गया है, क्योंकि समान कमजोरियाँ पुराने या ओपन‑सोर्स AI टूल्स से भी मिल सकती हैं और वास्तविक साइबर हमलों के लिए कई अतिरिक्त चरण जरूरी होते हैं। [21][19]