QuEra के अनुसार, Claude ने 700 समयबद्ध परीक्षणों में 695 बार लेज़र लॉक बहाल किया—सफलता दर 99.3%—और किसी असफल रिकवरी को सफल नहीं बताया। MHS के जरिए Claude ने टेलीमेट्री पढ़ी, सीमित बदलाव आजमाए, परिणाम मापे और सफल प्रयोगों को इंस्पेक्टेबल, डिटरमिनिस्टिक कोड में बदला। यह तरीका क्वांटम कंप्यूटरों की तैनाती में एक अहम रख...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did Anthropic’s Claude AI agent, through the research preview of the model-agnostic Model Hardware Standard (MHS), automatically diagnos. Article summary: Claude did not directly run QuEra’s production quantum computer. Through MHS, it operated a dedicated, safety-bounded laser testbed, diagnosed lock failures from telemetry, performed controlled experiments, and turned wh. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
Anthropic के Claude ने QuEra के क्वांटम कंप्यूटर के लेज़र के लिए केवल कोई सुझाव नहीं दिया। Model Hardware Standard (MHS) के रिसर्च प्रीव्यू के जरिए उसने हार्डवेयर टेलीमेट्री पढ़ी, स्पष्ट सीमाओं के भीतर नियंत्रित प्रयोग किए और सफल रिकवरी चरणों को ऐसे सॉफ्टवेयर में बदला जिसे इंजीनियर जांच और दोबारा चला सकते हैं।
QuEra के सत्यापन में इस कंट्रोलर ने 700 में से 695 परीक्षणों में लेज़र को लक्षित ऑपरेटिंग स्थिति में लौटाया—यानी 99.3% सफलता। महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि असफल रिकवरी को उसने सफल घोषित नहीं किया। 11
QuEra के न्यूट्रल-एटम क्वांटम कंप्यूटर ऐसे लेज़र पर निर्भर करते हैं जिनकी फ्रीक्वेंसी को बेहद सटीक रूप से नियंत्रित रखना पड़ता है। तापमान, कंपन, दबाव और प्रयोगशाला में होने वाले दूसरे सामान्य बदलाव लेज़र को लॉक से बाहर कर सकते हैं। अगर फीडबैक सिस्टम खुद रिकवर न कर पाए, तो गणना रोकनी पड़ती है और किसी विशेषज्ञ को सिस्टम को दोबारा सही ऑपरेटिंग पॉइंट पर लाना पड़ता है। 11
इसलिए यह समस्या महज कैलिब्रेशन की नहीं, बल्कि रोजमर्रा के संचालन की थी। QuEra के मुताबिक, सामान्य गड़बड़ियों के लिए कुछ ऑटोमेशन पहले से मौजूद था, लेकिन असामान्य या गंभीर विफलताओं में विशेषज्ञ की जानकारी की जरूरत पड़ती थी। सीमित री-लॉकिंग स्क्रिप्ट तैयार करने में चार विशेषज्ञों को लगभग दो से तीन सप्ताह लगते थे, जबकि किसी एक घटना को ठीक करने में इंजीनियर को पांच से 10 मिनट लग सकते थे। 11
Model Hardware Standard, यानी MHS, AI एजेंट और भौतिक उपकरणों के बीच एक साझा इंटरफेस बनाने की कोशिश है। इसके ड्राइवर किसी डिवाइस की क्षमताओं, पढ़े और बदले जा सकने वाले पैरामीटर तथा इंसानों द्वारा तय की गई ऑपरेटिंग सीमाओं को बताते हैं। ऐसे हार्डवेयर से MCP, कमांड-लाइन इंटरफेस या API के जरिए जुड़ा जा सकता है। यह मानक केवल Claude तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अलग-अलग मॉडल और एजेंट के लिए बनाया गया है। 2
इस इंटरफेस ने काम को एक बार के कस्टम इंटीग्रेशन से बदलकर एक संरचित कंट्रोल सिस्टम में बदल दिया। Claude कर सकता था:
सुरक्षा सीमा इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा थी। Claude को ग्राहक के लिए चल रहे क्वांटम कंप्यूटर पर मनमाने प्रयोग करने की खुली अनुमति नहीं दी गई थी। QuEra ने अलग लेज़र टेस्टबेड का इस्तेमाल किया, जहां सामान्य प्रयोगशाला परिस्थितियों में और पहले से तय सीमाओं के भीतर परीक्षण किए जा सके। 11
एजेंट ने अलग-अलग विफलताओं के संकेतों और संभावित रिकवरी कदमों को क्रमिक रूप से आजमाया। हर कदम के परिणाम के आधार पर उसने निर्णय-वृक्ष जैसी संरचना वाला कंट्रोलर लिखा और उसमें सुधार किया। अंतिम प्रोग्राम इंस्पेक्टेबल था: इंजीनियर उसके निर्णय-तर्क और इस्तेमाल किए गए ड्राइवर कमांड की समीक्षा कर सकते थे। 11
यह कोड लेज़र के सबसे तेज नियंत्रण तंत्र की जगह नहीं लेता था। यह अपनी मूल गति पर चलता हुआ मौजूदा माइक्रोसेकंड सर्वो लूप के ऊपर से उसकी निगरानी करता था। दूसरे शब्दों में, Claude ने रिकवरी रणनीति खोजने और उसे सॉफ्टवेयर में बदलने में मदद की, जबकि तेज स्थिरीकरण का काम पहले से मौजूद लो-लेवल कंट्रोल लूप करता रहा। 11
इस अंतर को समझना जरूरी है। यह प्रदर्शन इस बात का दावा नहीं था कि भाषा मॉडल ने क्वांटम प्रोसेसर के हर हिस्से को रियल टाइम में सीधे चलाया। इसका मतलब यह था कि एक AI एजेंट मानकीकृत हार्डवेयर इंटरफेस के जरिए सीमित प्रयोग कर सकता है और ऐसा पारंपरिक कंट्रोल सॉफ्टवेयर बना सकता है जिसे इंसान जांचकर तैनात कर सकें।
QuEra ने सात तरह की खराबी या व्यवधानों पर कंट्रोलर को परखा। हर श्रेणी में 100 समयबद्ध परीक्षण हुए, यानी कुल 700 परीक्षण। कंपनी के अनुसार परिणाम इस प्रकार रहे: 11
इन आंकड़ों को QuEra के सत्यापन के रूप में पढ़ना चाहिए, स्वतंत्र पीयर-रिव्यू किए गए प्रमाण के रूप में नहीं। इसके अलावा, अलग टेस्टबेड और सीमित परीक्षण डिजाइन से यह साबित नहीं होता कि QuEra की हर भविष्य की तैनाती में बिल्कुल यही प्रदर्शन मिलेगा।
जिस क्वांटम कंप्यूटर में हर असामान्य हार्डवेयर समस्या के लिए विशेषज्ञ की जरूरत पड़े, उसे दूर से चलाना कठिन होगा। ग्राहक साइटों पर इंस्टॉल किए जाने वाले, क्लाउड के जरिए उपलब्ध या बड़ी संख्या में तैनात सिस्टम के लिए यह चुनौती और बढ़ जाती है।
स्वचालित रिकवरी किसी ऐसी रुकावट को, जिसे अभी विशेषज्ञ के हस्तक्षेप की जरूरत होती है, दोहराई जा सकने वाली सर्विस प्रक्रिया में बदल सकती है। इससे इंजीनियरों की जरूरत खत्म नहीं होगी और न ही क्वांटम प्रोसेसर अपने-आप फॉल्ट-टॉलरेंट बन जाएगा। यह सिर्फ एक खास रखरखाव बाधा को संबोधित करता है—महत्वपूर्ण ऑप्टिकल सिस्टम को उसके सही ऑपरेटिंग पॉइंट पर बनाए रखना।
यह बाधा QuEra की व्यापक तैनाती योजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। कंपनी ने Libra नामक अपने पहले फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर को 2028 में AWS के Amazon Braket पर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। 33 क्लाउड के जरिए उपलब्ध सिस्टम के लिए भरोसेमंद हार्डवेयर रखरखाव उपयोगी हो सकता है। हालांकि, लेज़र-लॉक प्रदर्शन को Claude द्वारा Libra की फॉल्ट टॉलरेंस बनाने या उसकी गारंटी देने के दावे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
MHS अभी चुनिंदा वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और उन्नत निर्माताओं के लिए रिसर्च प्रीव्यू है; यह व्यापक रूप से स्थापित सार्वजनिक मानक नहीं है। Anthropic के अनुसार, इसका विकास Howard Hughes Medical Institute के Janelia Research Campus के साथ सहयोग से शुरू हुआ था। 18
Anthropic ने यह भी कहा है कि MHS को ओपन-सोर्स करने से पहले वह साझेदारों के साथ सुरक्षा मूल्यांकन और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर काम करेगा। प्रस्तावित सुरक्षा मॉडल में डिवाइस की स्पष्ट जानकारी और उपयोगकर्ता द्वारा तय की गई, लागू की जा सकने वाली ऑपरेटिंग सीमाएं शामिल हैं। यानी एजेंट की कार्रवाई केवल प्राकृतिक भाषा के निर्देश पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि हार्डवेयर इंटरफेस की सीमाओं से बंधी होती है। 2
यही सुरक्षा मॉडल इस प्रदर्शन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपयोगी परिणाम कोई अस्पष्ट दावा—जैसे “AI ने लेज़र ठीक कर दिया”—नहीं था। परिणाम एक ऐसा कंट्रोलर था जिसके तर्क की समीक्षा, परीक्षण और प्रयोगों के बाद मूल गति पर संचालन किया जा सकता था।
QuEra का परिणाम अपने-आप में क्वांटम कंप्यूटिंग की नई क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि फिजिकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण है। Claude ने एक साझा और सीमित इंटरफेस के जरिए इंजीनियरिंग का व्यावहारिक चक्र अपनाया—देखना, प्रयोग करना, मापना, सुधारना और अंत में उसे सॉफ्टवेयर में बदलना।
अगर ऐसी प्रक्रिया दूसरे हार्डवेयर पर भी सफल होती है, तो AI एजेंट जटिल प्रयोगशाला और औद्योगिक उपकरणों के रखरखाव से जुड़ी विशेषज्ञ जानकारी को जांचे जा सकने वाले कंट्रोल सिस्टम में बदलने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अभी अहम सवाल बाकी हैं: क्या ये परिणाम अलग-अलग हार्डवेयर पर भी कायम रहेंगे, क्या स्वतंत्र मूल्यांकन इन्हें दोहरा पाएंगे, और नियंत्रित टेस्ट वातावरण से बाहर ऐसे सिस्टम को कितनी सुरक्षित तरह से बढ़ाया जा सकेगा।
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QuEra के अनुसार, Claude ने 700 समयबद्ध परीक्षणों में 695 बार लेज़र लॉक बहाल किया—सफलता दर 99.3%—और किसी असफल रिकवरी को सफल नहीं बताया।
QuEra के अनुसार, Claude ने 700 समयबद्ध परीक्षणों में 695 बार लेज़र लॉक बहाल किया—सफलता दर 99.3%—और किसी असफल रिकवरी को सफल नहीं बताया। MHS के जरिए Claude ने टेलीमेट्री पढ़ी, सीमित बदलाव आजमाए, परिणाम मापे और सफल प्रयोगों को इंस्पेक्टेबल, डिटरमिनिस्टिक कोड में बदला।
यह तरीका क्वांटम कंप्यूटरों की तैनाती में एक अहम रखरखाव बाधा घटा सकता है, लेकिन उपलब्ध आंकड़े मुख्यतः QuEra की रिपोर्ट पर आधारित हैं और MHS अभी सीमित रिसर्च प्रीव्यू है।