अलेक्ज़ांडर ड्यूरिच की कहानी में ओलंपिक और फुटबॉल, दोनों हैं—लेकिन एक को दूसरे की सीधी शुरुआत मानना गलत होगा। युद्ध और अभाव के बीच वह 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक तक पहुँचे। इसके बाद उन्होंने अलग से पेशेवर फुटबॉल करियर बनाया और सिंगापुर की राष्ट्रीय टीम में जगह हासिल की। आज उनकी भूमिका अपने लिए खेलने से आगे बढ़कर दूसरे खिलाड़ियों को अवसर और सहारा देने की है।
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मुश्किल बचपन, फिर ओलंपिक का सफर
पूर्व यूगोस्लाविया में बचपन के दौरान ड्यूरिच परिवार की मदद के लिए बोतलें, कागज़ और धातु इकट्ठा करके बेचते थे। वह फुटबॉल भी खेलते थे, लेकिन कयाकिंग में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें 1992 में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना का ओलंपिक में प्रतिनिधित्व करने का मौका दिलाया। घर में युद्ध से हालात बिगड़ चुके थे। बीबीसी के मुताबिक, बाल्कन क्षेत्र से बार्सिलोना पहुँचने में उन्हें करीब डेढ़ दिन लगा।
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सिंगापुर में बना फुटबॉल करियर
ड्यूरिच ने ऑस्ट्रेलिया और चीन में पेशेवर फुटबॉल खेली, फिर 1999 में तंजोंग पागर यूनाइटेड के लिए खेलने सिंगापुर पहुँचे। वहाँ करीब 15 साल का करियर बनाने के बाद उन्होंने 2014 में संन्यास लिया। अपने विदाई पत्र में उन्होंने सिंगापुर की लीग में 321 गोल और 16 घरेलू खिताब दर्ज करने का ज़िक्र किया था।
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2007 में सिंगापुर की नागरिकता मिलने के बाद, 37 साल की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए पहला मैच खेला। उनके नाम 53 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 24 गोल रहे और वह 2012 का एएफएफ कप जीतने वाली सिंगापुर टीम का हिस्सा थे। ओलंपिक में भागीदारी उनकी कहानी का अहम पड़ाव थी, लेकिन फुटबॉल की ये उपलब्धियाँ वर्षों तक बनाए गए अलग करियर से आईं।
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अब युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ते
ड्यूरिच अब ActiveSG Football Academy के प्रमुख हैं। अकादमी का घोषित उद्देश्य बच्चों के फुटबॉल कौशल के साथ उनका व्यक्तित्व भी विकसित करना है। 2016 में पाँच केंद्रों पर लगभग 500 बच्चों से शुरू हुई अकादमी में मई 2026 तक 17 केंद्रों पर करीब 4,000 प्रतिभागी थे; इनमें लगभग 600 लड़कियाँ थीं।
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जुलाई 2026 में अकादमी ने टाम्पिनीज़ सेकेंडरी स्कूल और आंग मो कियो सेकेंडरी स्कूल स्थित केंद्रों पर लड़कियों के लिए अलग कार्यक्रम शुरू किए। ये मौजूदा आयु-वर्ग कार्यक्रमों के अतिरिक्त हैं। उद्देश्य लड़कियों को शुरुआती स्तर पर फुटबॉल सीखने और आगे चलकर अधिक प्रतिस्पर्धी खेल तक पहुँचने का एक और रास्ता देना है।
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एशियाई खेलों में मैदान के बाहर की जिम्मेदारी
जापान में 2026 के एशियाई खेलों में ड्यूरिच टीम सिंगापुर के दो सहायक दल प्रमुखों में से एक होंगे। फ़रीज़ा ज़बीर भी इस भूमिका में होंगी, जबकि गो की न्गुआन दल प्रमुख होंगे। ड्यूरिच का कहना है कि खिलाड़ी के रूप में उनका अनुभव महत्वपूर्ण मुकाबलों से पहले एथलीटों को शांत रहने और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है। इस बार उनका योगदान गोल करने में नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के दबाव से गुजर रहे खिलाड़ियों के साथ खड़े होने में होगा।
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