जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हर महीने सार्वजनिक हुई कमजोरियों की संख्या 5,045 से बढ़कर 10,740 हुई। वहीं, शोषित कमजोरियों का मासिक औसत 2025 के 10.5 से बढ़कर 18 रहा। Google की Threat Intelligence Group ने जिन कमजोरियों को संभवतः AI से खोजा गया माना, उनमें करीब 50% रिमोट कोड चलाने में सक्षम थीं; अन्य कमजोरियों में यह हिस...
प्रकाशितकर्ताGPT-6 Luna से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How did AI affect the volume, types, risk levels, and exploitation of software vulnerabilities from January through August 2026, according t. Article summary: Google’s Threat Intelligence Group (GTIG) found that AI was accelerating vulnerability discovery and changing the mix of flaws being found, but the surge in disclosures did **not** mean a comparable share of flaws was be. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
Google Threat Intelligence Group (GTIG) के विश्लेषण के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच सॉफ्टवेयर कमजोरियों के सार्वजनिक खुलासे दोगुने से अधिक हुए। इसी दौरान हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई कमजोरियों की संख्या भी बढ़ी, लेकिन खुलासों जितनी तेजी से नहीं। AI-सहायता से खोजी गई कमजोरियों में रिमोट कोड चलाने की क्षमता वाला हिस्सा अधिक था। हालांकि, रिपोर्ट यह नहीं बताती कि कुल बढ़ोतरी में AI का कितना योगदान था। 3
17
हर महीने सार्वजनिक की गई कमजोरियों की संख्या जनवरी 2026 में 5,045 थी, जो अगस्त में बढ़कर 10,740 हो गई। GTIG ने 2026 के पहले आठ महीनों में 141 अलग-अलग कमजोरियां ऐसी दर्ज कीं जिनका हमलावरों ने शोषण किया था। तुलना के लिए, पूरे 2025 में ऐसी 127 कमजोरियां दर्ज हुई थीं। शोषित कमजोरियों का मासिक औसत भी 2025 के 10.5 से बढ़कर जनवरी-अगस्त 2026 में 18 रहा। 3
इन आंकड़ों में फर्क समझना जरूरी है: खुलासों की संख्या बताती है कि कितनी कमजोरियां सार्वजनिक हुईं; शोषण का आंकड़ा बताता है कि हमलावरों को कितनी अलग कमजोरियों का इस्तेमाल करते देखा गया। ये न तो कुल साइबर हमलों की गिनती हैं, न प्रभावित लोगों या संस्थाओं की। इसलिए ज्यादा कमजोरियां सामने आने का यह मतलब नहीं कि नई रिपोर्ट हुई कमजोरियों का उतना ही बड़ा हिस्सा हमलों में इस्तेमाल हो रहा है। 3
आंकड़े बताते हैं कि कमजोरियों की खोज और उनका शोषण—दोनों बढ़े। लेकिन वे यह साबित नहीं करते कि दोनों रुझानों की वजह AI ही था। GTIG के निष्कर्ष AI के बढ़ते प्रभाव और कुछ कमजोरियों के जोखिम-स्वरूप में बदलाव की ओर इशारा करते हैं; वे कुल बढ़ोतरी में AI की भूमिका का सटीक माप नहीं देते। 3
29
GTIG ने जिन कमजोरियों को संभवतः AI की मदद से खोजा गया माना, उनमें करीब आधी रिमोट कोड एक्जीक्यूशन (RCE) की अनुमति देती थीं। दूसरी कमजोरियों में यह अनुपात करीब 26% था। RCE का मतलब है कि हमलावर किसी कमजोर सिस्टम पर दूर से कोड चला सकता है—इसलिए ऐसी खामी के नतीजे गंभीर हो सकते हैं। लेकिन “संभवतः AI से खोजी गई” एक आकलन है; इसका यह अर्थ नहीं कि उस समूह की हर कमजोरी AI ने अकेले खोजी थी। 17
23
जोखिम-स्तर के आंकड़ों को भी संदर्भ के साथ देखना चाहिए। GTIG के विश्लेषण की रिपोर्टिंग के मुताबिक, संभवतः AI से खोजी गई कमजोरियों में 58% को मध्यम जोखिम वाला माना गया, जबकि अन्य खुलासों में यह हिस्सा 28% था। उच्च जोखिम वाली कमजोरियां AI वाले समूह में करीब 4% थीं—जो गैर-AI समूह के अनुपात के समान था। अलग से, GTIG के अपने पैमाने पर उच्च जोखिम वाले कुल खुलासे जनवरी में 131 से बढ़कर अगस्त में 350 हो गए। यह आंकड़ा सभी खुलासों का है, सिर्फ AI से जोड़ी गई कमजोरियों का नहीं। 23
28
29
Zero-day वह कमजोरी है जिसका हमलावर पैच उपलब्ध होने से पहले ही शोषण करने लगें। इसके उलट, n-day कमजोरी सार्वजनिक रूप से ज्ञात होती है और अक्सर उसका पैच भी उपलब्ध होता है—फिर भी अपडेट न किए गए सिस्टम जोखिम में रह सकते हैं।
GTIG के मुताबिक, हर महीने शोषित zero-day कमजोरियों का औसत 2025 के करीब आठ से बढ़कर जनवरी-अगस्त 2026 में करीब 11 हुआ। यह कुल शोषण में हुई बढ़ोतरी से कम था। इससे पता चलता है कि खतरा सिर्फ नई zero-day कमजोरियों तक सीमित नहीं: सार्वजनिक हो चुकी कमजोरियां भी उन सिस्टमों के लिए जोखिम बन सकती हैं जिन्हें समय पर अपडेट नहीं किया गया। ये आंकड़े यह नहीं बताते कि n-day कमजोरियों के शोषण में AI की कितनी भूमिका थी। 3
29
GTIG ने एक आपराधिक समूह की भी जानकारी दी जिसके पास ऐसा zero-day exploit था जिसे GTIG ने AI की मदद से विकसित किया गया माना। समूह बड़े पैमाने पर उसका इस्तेमाल करने की योजना बना रहा था, लेकिन GTIG के मुताबिक उसकी सक्रिय खोजबीन से यह इस्तेमाल शायद रुक गया। यह AI से जुड़े एक खास मामले का सबूत है—कुल शोषण में हुई बढ़ोतरी का कारण AI था, इसका प्रमाण नहीं। 7
GTIG के अनुसार, बड़े भाषा मॉडल (LLM) विकसित करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने वाले सॉफ्टवेयर तंत्र को भी हमलावर निशाना बना रहे हैं। इसलिए संगठनों को AI से जुड़े घटकों और सेवाओं को अपने उत्पादन परिवेश के संभावित हमलावर-क्षेत्र का हिस्सा मानना चाहिए। हर कमजोरी का जोखिम उसके संपर्क में होने और शोषण के सबूत के आधार पर अलग से परखना भी जरूरी है। 1
सुरक्षा टीमों के लिए: सिर्फ खुलासों की संख्या देखकर प्राथमिकता तय न करें। देखें कि प्रभावित सिस्टम इंटरनेट से पहुंच योग्य है या नहीं, संभावित नुकसान कितना है और क्या कमजोरी के शोषण के सबूत हैं। इंटरनेट से जुड़े सिस्टम और AI सॉफ्टवेयर की सूची बनाए रखें, उपलब्ध पैच जल्द लगाएं और पैच आने से पहले शोषित हो रही कमजोरियों के लिए निगरानी तथा अस्थायी बचाव के उपाय तैयार रखें। पहले से ज्ञात कमजोरियों के खुलासे और उन्हें ठीक करने के बीच का समय भी कम करें। 3
8
9
सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए: रिलीज से पहले कमजोरियां खोजने और उनकी पुष्टि करने के लिए AI-सहायता वाले परीक्षणों के साथ मानवीय समीक्षा भी करें। AI घटकों को उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सॉफ्टवेयर जितनी सुरक्षा दें। ग्राहकों को समय पर पैच और ऐसे सुरक्षा निर्देश उपलब्ध कराएं जिनसे वे अपना जोखिम समझकर कार्रवाई कर सकें। GTIG के निष्कर्ष बताते हैं कि खोजों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ मिली कमजोरियों के संभावित असर पर भी ध्यान देना जरूरी है। 4
8
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हर महीने सार्वजनिक हुई कमजोरियों की संख्या 5,045 से बढ़कर 10,740 हुई। वहीं, शोषित कमजोरियों का मासिक औसत 2025 के 10.5 से बढ़कर 18 रहा।
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हर महीने सार्वजनिक हुई कमजोरियों की संख्या 5,045 से बढ़कर 10,740 हुई। वहीं, शोषित कमजोरियों का मासिक औसत 2025 के 10.5 से बढ़कर 18 रहा। Google की Threat Intelligence Group ने जिन कमजोरियों को संभवतः AI से खोजा गया माना, उनमें करीब 50% रिमोट कोड चलाने में सक्षम थीं; अन्य कमजोरियों में यह हिस्सा करीब 26% था।
Zero day कमजोरियों का शोषण कुल शोषण की तुलना में कम तेजी से बढ़ा। इसलिए पहले से ज्ञात कमजोरियों का आकलन और समय पर पैच लगाना भी अहम है।