मैकिंज़ी के अनुसार वैश्विक डेटा सेंटर मांग 2025 के 82 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक करीब 220 गीगावॉट हो सकती है; इससे जीपीयू के साथ ट्रांसफॉर्मर, बिजली वितरण और कूलिंग की जरूरत भी बढ़ेगी। [22] HD Hyundai Electric और Hainan Jinpan को ट्रांसफॉर्मर मांग से लाभ मिल रहा है, जबकि Delta Electronics तथा थर्मल मैनेजमेंट आपूर्तिकर...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How are the global AI and data-centre construction booms benefiting power, transformer, cooling and thermal-management suppliers beyond Nvid. Article summary: The AI buildout is creating a second investment wave beyond GPUs: the scarce, mission-critical infrastructure that delivers electricity, converts it safely, removes heat and enables faster deployment. The strongest benef. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर अब केवल सेमीकंडक्टरों की कहानी नहीं रह गया है। ज्यादा एआई सर्वरों का मतलब है—ग्रिड से बिजली लेना, उसका वोल्टेज बदलना, उसे परिसर में वितरित करना, बैकअप देना और अंततः सर्वरों से निकलने वाली भारी गर्मी को सुरक्षित ढंग से हटाना। यही वजह है कि एनवीडिया जैसे जीपीयू निर्माताओं के अलावा ट्रांसफॉर्मर, पावर-सिस्टम और लिक्विड-कूलिंग आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी बड़ा बाजार खुल रहा है।
मैकिंज़ी के मुताबिक, वैश्विक डेटा-सेंटर मांग 2025 में करीब 82 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक लगभग 220 गीगावॉट हो सकती है। इसमें एआई से जुड़ी मांग 44 गीगावॉट से बढ़कर 155 गीगावॉट—यानी 3.5 गुना—होने का अनुमान है, जबकि गैर-एआई वर्कलोड की मांग 1.7 गुना बढ़ने का अनुमान है। 22
इसी अनुपात में पूंजी खर्च का अनुमान भी विशाल है। मैकिंज़ी का आकलन है कि 2030 तक डेटा सेंटरों को दुनिया भर में 6.7 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें एआई-तैयार क्षमता के लिए 5.2 ट्रिलियन डॉलर शामिल हैं। यह जरूरी पूंजीगत व्यय का अनुमान है, न कि पहले से बुक ऑर्डर या तय निवेश। 28
बढ़ती रैक-डेंसिटी इस असर को पूरी सप्लाई चेन में फैलाती है। रिपोर्टिंग में उद्धृत बैंक ऑफ अमेरिका के एक परिदृश्य के अनुसार, 2030 तक एक एआई रैक की बिजली मांग 1.5 मेगावॉट से अधिक हो सकती है। ऐसा होने पर हर नई तैनाती को पारंपरिक सर्वर वातावरण की तुलना में कहीं अधिक विद्युत ढांचे और ज्यादा सक्षम कूलिंग की जरूरत होगी। 20
ट्रांसफॉर्मर ग्रिड की उच्च-वोल्टेज बिजली को सर्वर, कूलिंग सिस्टम और पावर-डिस्ट्रिब्यूशन उपकरण के उपयोग योग्य स्तर तक लाते हैं। यूटिलिटी कंपनियां और डेटा-सेंटर डेवलपर सीमित उपलब्धता वाले उपकरण सुरक्षित करने के लिए काफी पहले ऑर्डर दे रहे हैं, इसलिए ट्रांसफॉर्मर व्यावहारिक रूप से एक बड़ी बाधा बन गए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, दक्षिण कोरिया की HD Hyundai Electric और चीन की Hainan Jinpan Smart Technology ने 2026 की पहली छमाही में, खासकर उत्तरी अमेरिका की एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से, मजबूत मांग दर्ज की। 1
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HD Hyundai Electric बताती है कि सीमित आपूर्ति का कारोबारी असर कितना बड़ा हो सकता है। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में 1.4 अरब डॉलर से अधिक के नए ऑर्डर और जून के अंत तक करीब 8.5 अरब डॉलर की ऑर्डर बुक रिपोर्ट की। 36 बड़ी ऑर्डर बुक से भविष्य की आय का कुछ अंदाजा मिलता है, लेकिन यह राजस्व के बराबर नहीं है; डिलीवरी की समयसीमा, पुर्जों की लागत और परियोजना पूरी होने पर ही यह कमाई में बदलेगी।
डेटा सेंटर को केवल ग्रिड कनेक्शन नहीं चाहिए। परिसर के भीतर बिजली रूपांतरण, वितरण, बैकअप सिस्टम और नियंत्रण भी आवश्यक हैं। Delta Electronics एआई पावर, कूलिंग और डेटा-सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में मौजूद है। कंपनी ने रॉयटर्स को बताया कि ये समाधान उसके विकास के प्रमुख स्रोत बने हुए हैं और वह थाईलैंड, अमेरिका तथा अन्य स्थानों पर अपना उत्पादन बढ़ा रही है। 1
यह व्यापक मौजूदगी उपयोगी हो सकती है, क्योंकि एकीकृत सिस्टम ग्राहक की समस्या को किसी एक पुर्जे से बेहतर ढंग से हल करते हैं। दूसरी तरफ, सिस्टम आपूर्तिकर्ताओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है और बड़े पैमाने पर भरोसेमंद प्रदर्शन साबित करना होता है।
Asia Vital Components (AVC), Auras Technology और Shenzhen Envicool जैसे थर्मल-मैनेजमेंट आपूर्तिकर्ता ज्यादा घनत्व वाले एआई सिस्टमों की ओर बदलाव से लाभ की स्थिति में हैं। रैक ज्यादा गर्म होने पर अवसर केवल पंखों और हीटसिंक तक सीमित नहीं रहता; इसमें कोल्ड प्लेट, कूलेंट-डिस्ट्रिब्यूशन यूनिट, पंप, मैनिफोल्ड, हीट एक्सचेंजर और पूरे परिसर के थर्मल नियंत्रण शामिल होते हैं।
इस बदलाव के केंद्र में लिक्विड कूलिंग है। माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, पारंपरिक एयर कूलिंग आधुनिक एआई हार्डवेयर की घनत्व जरूरतों को संभाल नहीं सकती; उसके एआई डेटा सेंटरों में सर्वरों तक सीधे ठंडा द्रव पहुंचाया जाता है, जो गर्मी निकालता है। 8 बैंक ऑफ अमेरिका के एक पूर्वानुमान में 2030 तक नए एआई डेटा-सेंटर इंस्टॉलेशन में लिक्विड कूलिंग की हिस्सेदारी करीब 30% से बढ़कर 70% होने की बात कही गई है।
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फिर भी, इसे निश्चित नतीजा नहीं बल्कि एक परिदृश्य के रूप में पढ़ना चाहिए। अपनाने की गति चिप आर्किटेक्चर, रैक घनत्व, विश्वसनीयता की जरूरत, ऑपरेटर की पसंद और योग्य कूलिंग सिस्टम की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का अनुमान है कि वैश्विक डेटा-सेंटर बिजली खपत 2030 तक दोगुनी से अधिक होकर करीब 945 टेरावॉट-आवर हो जाएगी। एजेंसी यह भी मानती है कि यदि ग्रिड संबंधी जोखिम दूर नहीं किए गए, तो लगभग 20% प्रस्तावित डेटा-सेंटर परियोजनाओं में देरी हो सकती है। 43
मुख्य समस्या समय-सीमा का अंतर है। एआई सुविधाओं की योजना और निर्माण कुछ वर्षों में हो सकता है, जबकि ट्रांसमिशन अपग्रेड, सबस्टेशन और ग्रिड इंटरकनेक्शन में अधिक समय लगता है। कई क्षेत्रों में ग्रिड कनेक्शन में चार से 10 वर्ष लग सकते हैं। 53
उपकरण निर्माताओं के लिए इसके दो विपरीत परिणाम हैं:
इसलिए सिर्फ एआई थीम से जुड़ाव पर्याप्त नहीं होगा। मजबूत स्थिति उन कंपनियों की होगी जिनके पास प्रमाणित उत्पाद, भरोसेमंद उत्पादन क्षमता, पुर्जों की उपलब्धता और ग्राहक समय-सीमा पर डिलीवरी की क्षमता होगी।
सॉलिड-स्टेट ट्रांसफॉर्मर और सिलिकॉन-कार्बाइड (SiC) आधारित पावर आर्किटेक्चर भविष्य में अधिक दक्ष, डीसी-केंद्रित डेटा-सेंटर डिज़ाइन में मदद कर सकते हैं। Wolfspeed ने कुछ SiC-सक्षम चरणों के लिए एंड-टू-एंड दक्षता में 5% तक सुधार और कन्वर्ज़न नुकसान में 25% से 40% तक कमी का दावा किया है। ये किसी विक्रेता और विशिष्ट आर्किटेक्चर के दावे हैं, पूरे उद्योग में वास्तविक बचत का सार्वभौमिक पैमाना नहीं। 45
इसी तरह, उपलब्ध साक्ष्य लिक्विड कूलिंग के लिए 27% से अधिक ऊर्जा बचत का कोई सार्वभौमिक आंकड़ा स्थापित नहीं करते। कूलिंग का प्रदर्शन एयर-कूल्ड आधारभूत व्यवस्था, चिप घनत्व, कूलेंट के तापमान, परिसर के डिज़ाइन और वेस्ट-हीट के पुन: उपयोग पर निर्भर करता है। ज्यादा ठोस निष्कर्ष यही है कि उच्च-घनत्व एआई तैनाती लिक्विड कूलिंग की जरूरत बढ़ा रही है; सटीक ऊर्जा लाभ हर साइट पर अलग होगा। 8
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उपलब्ध जानकारी सॉलिड-स्टेट ट्रांसफॉर्मरों की 40% अपनाने की दर को भी स्थापित उद्योग परिणाम नहीं बनाती। पारंपरिक ट्रांसफॉर्मर ग्रिड और डेटा-सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में जरूरी बने रहेंगे, जबकि सॉलिड-स्टेट डिज़ाइनों को लागत, प्रमाणन, विश्वसनीयता और ग्रिड अनुपालन की चुनौतियां पार करनी होंगी।
जब योग्य उत्पादन क्षमता सीमित हो, तो पावर-उपकरण आपूर्तिकर्ताओं को लाभ मिल सकता है। हाई-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर और संबंधित उपकरण विशेषीकृत होते हैं और उनकी डिलीवरी अवधि लंबी होती है; साथ ही पुराने ग्रिड के अपग्रेड और नए डेटा सेंटर, दोनों मांग बढ़ाते हैं। HD Hyundai Electric की ऑर्डर वृद्धि और ऑर्डर बुक इस अनुकूल स्थिति का उदाहरण हैं। 36
थर्मल आपूर्तिकर्ताओं का प्रोफाइल अलग है। लिक्विड कूलिंग से प्रति रैक सामग्री का मूल्य बढ़ता है तथा इंजीनियरिंग, विश्वसनीयता और सिस्टम इंटीग्रेशन को महत्व मिलता है। लेकिन थर्मल इकोसिस्टम प्रतिस्पर्धी है और अलग-अलग पुर्जे पूरे सिस्टम की तुलना में जल्दी कमोडिटी बन सकते हैं। जोखिमों में तेज आर्किटेक्चर बदलाव, कुछ ग्राहकों पर निर्भरता, कीमतों का दबाव और उत्पादन विस्तार के कारण आज की आपूर्ति कमी का कम होना शामिल है।
संभावित विजेताओं को परखने का व्यावहारिक ढांचा यह है कि क्या कोई आपूर्तिकर्ता:
फ्लोटिंग और समुद्र के नीचे बने डेटा सेंटर उन विशेष स्थानों पर मदद कर सकते हैं जहां जमीन, मीठा पानी, कूलिंग या अनुमति संबंधी बाधाएं हों। पानी के नीचे की सुविधाएं आसपास के समुद्री पानी से कूलिंग ले सकती हैं, और चीन ने शंघाई के पास अपतटीय पवन-ऊर्जा से संचालित एक अंडरवॉटर डेटा सेंटर समेत ऐसी परियोजनाओं को वाणिज्यिक संचालन की ओर बढ़ाया है। 4
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फिर भी, ये मुख्यधारा के जमीन-आधारित डेटा-सेंटर परिसरों के विकल्प नहीं, बल्कि सीमित उपयोग वाले समाधान हैं। इनके सामने इंजीनियरिंग, रखरखाव, कनेक्टिविटी और अनुमति संबंधी अपनी चुनौतियां हैं। निकट अवधि में इनका महत्व पारंपरिक निर्माण को बदलने से अधिक इस बात में है कि बिजली, पानी और भूमि की गंभीर कमी होने पर ऑपरेटर किस तरह के विकल्प तलाश सकते हैं।
एआई उछाल जीपीयू से आगे इन्फ्रास्ट्रक्चर का अवसर फैला रहा है। HD Hyundai Electric और Hainan Jinpan जैसे ट्रांसफॉर्मर निर्माता वहां मौजूद हैं जहां ग्रिड उपकरण दुर्लभ हैं; Delta पावर और कूलिंग दोनों स्तरों में सक्रिय है; और AVC, Auras तथा Envicool को उच्च-घनत्व रैक में बढ़ती थर्मल जरूरतों से अवसर मिल रहा है। 1
लंबे समय के विजेता वे आपूर्तिकर्ता होंगे जो मांग को भरोसेमंद डिलीवरी और लाभदायक सिस्टम बिक्री में बदल सकें। लेकिन चेतावनी भी उतनी ही अहम है: ग्रिड तक पहुंच, उपकरणों की लंबी डिलीवरी अवधि और परियोजनाओं का क्रियान्वयन एआई मांग मजबूत रहने पर भी विस्तार की गति धीमी कर सकते हैं। इस चक्र में बिजली पहुंचाना और गर्मी हटाना सहायक काम नहीं, बल्कि एआई क्षमता निर्माण की मूल सीमाएं हैं। 43
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Studio Global AI
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मैकिंज़ी के अनुसार वैश्विक डेटा सेंटर मांग 2025 के 82 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक करीब 220 गीगावॉट हो सकती है; इससे जीपीयू के साथ ट्रांसफॉर्मर, बिजली वितरण और कूलिंग की जरूरत भी बढ़ेगी। [22]
मैकिंज़ी के अनुसार वैश्विक डेटा सेंटर मांग 2025 के 82 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक करीब 220 गीगावॉट हो सकती है; इससे जीपीयू के साथ ट्रांसफॉर्मर, बिजली वितरण और कूलिंग की जरूरत भी बढ़ेगी। [22] HD Hyundai Electric और Hainan Jinpan को ट्रांसफॉर्मर मांग से लाभ मिल रहा है, जबकि Delta Electronics तथा थर्मल मैनेजमेंट आपूर्तिकर्ताओं को अधिक बिजली खपत वाले एआई रैक और लिक्विड कूलिंग के विस्तार से अवसर मिल रहे हैं। [1]
करीब 7 ट्रिलियन डॉलर का अनुमानित डेटा सेंटर निवेश और 2030 तक नई एआई स्थापनाओं में 70% लिक्विड कूलिंग का अनुमान पूर्वानुमान हैं, पक्के ऑर्डर या निश्चित नतीजे नहीं। [28][20]