यह प्रोजेक्ट उनके संयुक्त उद्यम Dongfeng Peugeot Citroën Automobile (DPCA) के माध्यम से संचालित होगा। वुहान स्थित प्लांट में नए EV मॉडल बनाए जाएंगे। इस परियोजना में Stellantis लगभग €130 मिलियन का योगदान देगा।
यह सिर्फ नए मॉडल लॉन्च करने का कदम नहीं है—बल्कि इस बात का संकेत है कि कंपनी चीन को अब केवल बिक्री बाज़ार नहीं, बल्कि विकास और उत्पादन के एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र के रूप में देख रही है।
नई योजना के तहत Stellantis अपने Peugeot और Jeep ब्रांडों के लिए चार नए "न्यू‑एनर्जी वाहन" (EV श्रेणी) चीन में ही बनाएगा।
ये सभी वाहन DPCA के वुहान प्लांट में बनाए जाएंगे।
मुख्य रूप से इन्हें चीनी उपभोक्ताओं के लिए डिजाइन किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इन्हें निर्यात भी किया जा सकता है—जिससे चीन Stellantis के लिए एक संभावित वैश्विक EV उत्पादन केंद्र बन सकता है।
इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है स्थानीय चीनी EV तकनीक का उपयोग—जिसमें बैटरी सप्लाई‑चेन, वाहन प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर समाधान शामिल हो सकते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में चीनी कंपनियों ने कई क्षेत्रों में बढ़त बनाई है, जैसे:
इन स्थानीय क्षमताओं को अपनाकर Stellantis अपने मॉडलों को चीनी ब्रांडों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना चाहता है।
Dongfeng के साथ गहरी साझेदारी इस बात का संकेत है कि Stellantis अब चीन में वही रणनीति अपना रहा है जिसे उद्योग में अक्सर “In‑China, For‑China” कहा जाता है।
इसका मतलब है कि कारें:
DPCA संयुक्त उद्यम भविष्य में Peugeot और Jeep के ऐसे मॉडल बनाएगा जो चीन के लिए तो होंगे ही, साथ ही संभावित रूप से अन्य बाज़ारों में भी निर्यात किए जा सकते हैं।
Stellantis की यह रणनीति सिर्फ एक कंपनी की योजना नहीं है। यह पूरे वैश्विक ऑटो उद्योग में हो रहे बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है।
जहाँ पहले पश्चिमी कंपनियाँ अपनी तकनीक लेकर चीन आती थीं, अब कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड चीनी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रहे हैं और स्थानीय तकनीक अपना रहे हैं।
Peugeot और Jeep के लिए इसका मतलब है—भविष्य की मोबिलिटी में सफल होने के लिए तेज़ विकास, कम लागत और स्थानीय बाज़ार के अनुरूप उत्पाद बनाना। और चीन जैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी EV बाज़ार में यही रणनीति निर्णायक साबित हो सकती है।