एक बार अकाउंट पर नियंत्रण मिल जाने के बाद, उनसे ऐसे पोस्ट किए गए जिनमें फर्जी समाचार रिपोर्ट, संपादित वीडियो और भ्रामक दावे शामिल थे। चूंकि सामग्री भरोसेमंद प्रोफाइल से आती दिखती थी, इसलिए कई उपयोगकर्ता शुरुआत में उसे सही मान लेते थे।
“मैत्र्योश्का” नाम रूस की प्रसिद्ध नेस्टिंग डॉल (एक के अंदर एक गुड़िया) से लिया गया है। शोधकर्ता इस नाम का इस्तेमाल उस रणनीति के लिए करते हैं जिसमें प्रोपेगेंडा को कई परतों के अंदर छिपाकर पेश किया जाता है, ताकि वह वास्तविक और विश्वसनीय लगे।
यह अभियान अक्सर मीडिया संस्थानों, विशेषज्ञों या सरकारी संस्थाओं का रूप धारण करके गलत जानकारी फैलाता है, जिससे लोकतांत्रिक समाजों में भ्रम और अविश्वास पैदा हो।
इस अभियान की प्रमुख रणनीतियाँ आम तौर पर शामिल करती हैं:
इस अभियान का एक खास पहलू है एआई‑जनित या संशोधित वीडियो का इस्तेमाल। विश्लेषकों ने ऐसे वीडियो पहचाने हैं जो पश्चिमी मीडिया चैनलों या समाचार रिपोर्टों की शैली और ब्रांडिंग की नकल करते हैं।
ऐसे वीडियो अक्सर इतने वास्तविक लगते हैं कि वे तेजी से शेयर हो जाते हैं और बाद में ही तथ्य‑जांच करने वाले उन्हें गलत साबित कर पाते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि जनरेटिव एआई तकनीक ने इस तरह की सामग्री बनाना तेज और सस्ता बना दिया है।
Bluesky पर इस गतिविधि की जांच कई संस्थानों और शोध समूहों ने की है।
कुछ रिपोर्टों में इस नेटवर्क को मॉस्को स्थित Social Design Agency से जोड़कर देखा गया है, हालांकि इसे शोधकर्ताओं का आकलन बताया गया है, न कि कोई आधिकारिक कानूनी निष्कर्ष।
मैत्र्योश्का अभियान की गतिविधि सिर्फ Bluesky तक सीमित नहीं रही। इससे पहले भी इसी तरह के नेटवर्क को कई प्लेटफॉर्मों पर देखा गया है, जैसे:
शोधकर्ताओं का कहना है कि जैसे‑जैसे उपयोगकर्ता नए प्लेटफॉर्मों की ओर जाते हैं या मॉडरेशन नीतियां बदलती हैं, वैसे‑वैसे प्रभाव अभियान भी अपने संचालन को नई जगहों पर ले जाते हैं।
कई जांचों के अनुसार इस अभियान को विभिन्न राजनीतिक घटनाओं और संघर्षों से जोड़कर देखा गया है। इनमें शामिल हैं:
इन अभियानों का उद्देश्य अक्सर राजनीतिक बहस को प्रभावित करना, समाज में ध्रुवीकरण बढ़ाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर करना बताया जाता है।
Bluesky ने स्वीकार किया है कि उसके प्लेटफॉर्म पर समन्वित प्रभाव गतिविधि के संकेत मिले हैं। कंपनी के अनुसार उसने इस अभियान से जुड़े हजारों पोस्ट हटा दिए हैं।
प्लेटफॉर्म ने अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट में यह भी कहा कि वह संदिग्ध नेटवर्क की पहचान करने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम, जांच प्रक्रियाओं और विश्लेषण क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।
Bluesky मामले में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि दुष्प्रचार नेटवर्क ने फर्जी बॉट अकाउंट्स की बजाय असली और विश्वसनीय प्रोफाइल का उपयोग किया। इससे सामग्री अधिक भरोसेमंद लगती है और उसे पहचानना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे‑जैसे एआई से नकली मीडिया बनाना आसान हो रहा है, वैसे‑वैसे इस तरह के अभियान और भी जटिल हो सकते हैं—जहां पहचान चोरी, सिंथेटिक मीडिया और कई प्लेटफॉर्मों पर समन्वित प्रचार एक साथ इस्तेमाल किए जाएंगे।
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