JPMorgan Chase के CEO Jamie Dimon इस मुद्दे पर काफी सीधे हैं। उनका कहना है कि AI बैंक में लगभग हर नौकरी को किसी न किसी तरह प्रभावित करेगा और समय के साथ कुछ भूमिकाएँ खत्म भी होंगी।
लेकिन Dimon के अनुसार इसका मतलब बड़े पैमाने पर छंटनी नहीं है। JPMorgan ने ऐसे कार्यक्रम बनाए हैं जिनके जरिए AI के कारण प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी के भीतर दूसरी भूमिकाओं में भेजा जा सकता है।
Dimon का अनुमान है कि आने वाले समय में बैंक:
इसके अलावा बैंक में हर साल लगभग 10% कर्मचारी स्वाभाविक रूप से नौकरी छोड़ते हैं, जिससे बिना बड़े पैमाने की छंटनी के भी कार्यबल में बदलाव संभव हो जाता है।
Dimon ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर AI बहुत तेजी से लागू हुआ और समाज कर्मचारियों को नई स्किल्स नहीं सिखा पाया, तो यह एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बन सकता है।
HSBC के CEO Georges Elhedery ने इस बदलाव को सबसे साफ शब्दों में समझाया है। उनका कहना है कि जेनरेटिव AI वित्तीय क्षेत्र में कुछ नौकरियाँ खत्म करेगा और नई नौकरियाँ भी पैदा करेगा।
HSBC का ध्यान इस बदलाव के लिए कर्मचारियों को तैयार करने पर है। बैंक अपने कर्मचारियों को नई तकनीक के साथ काम करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण दे रहा है।
HSBC में दुनिया भर में लगभग 2 लाख कर्मचारी काम करते हैं, और कंपनी चाहती है कि वे AI‑आधारित कार्यप्रणालियों के साथ अधिक उत्पादक बनें।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक बैंक आने वाले वर्षों में लगभग 20,000 भूमिकाओं तक की संभावित कटौती पर विचार कर रहा है—मुख्यतः मिडल‑ऑफिस और बैक‑ऑफिस कार्यों में। हालांकि यह अभी आंतरिक चर्चा के स्तर पर बताया गया है, इसे आधिकारिक लक्ष्य के रूप में घोषित नहीं किया गया है।
इन बैंकों में Standard Chartered ने सबसे स्पष्ट कदम उठाया है। बैंक ने घोषणा की है कि वह 2030 तक 7,000 से अधिक नौकरियाँ कम करेगा, जिनमें से अधिकतर कॉर्पोरेट और सपोर्ट फंक्शन में होंगी।
यह बैंक के कॉर्पोरेट‑फंक्शन कर्मचारियों का 15% से अधिक हिस्सा है, और इसमें ऑटोमेशन और AI मुख्य कारण बताए गए हैं।
CEO Bill Winters ने कहा कि यह केवल लागत घटाने का मामला नहीं है, बल्कि कुछ नियमित कार्यों को तकनीक से बदलकर बैंक की दक्षता बढ़ाने की रणनीति है।
हालांकि बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक का भविष्य अभी भी कुशल कर्मचारियों और प्रतिभा पर निर्भर रहेगा।
इन चार बड़े बैंकों की रणनीतियों में कुछ सामान्य रुझान दिखाई देते हैं:
1. AI कुछ नौकरियाँ जरूर खत्म करेगा।
कई CEOs—जैसे Jamie Dimon और Georges Elhedery—खुलकर स्वीकार करते हैं कि ऑटोमेशन से कुछ भूमिकाएँ खत्म होंगी।
2. बदलाव धीरे‑धीरे होगा।
बैंक बड़े पैमाने की अचानक छंटनी के बजाय धीमी भर्ती, प्राकृतिक कर्मचारी‑टर्नओवर और भूमिका‑पुनर्गठन का इस्तेमाल करेंगे।
3. प्रशिक्षण और पुनःतैनाती अहम रणनीति है।
कई बैंक कर्मचारियों को नई तकनीक सीखने और दूसरी भूमिकाओं में जाने का मौका दे रहे हैं।
4. नई स्किल्स की मांग बढ़ेगी।
भविष्य में इंजीनियर, डेटा वैज्ञानिक और AI विशेषज्ञों की मांग बढ़ने की संभावना है, जबकि कुछ पारंपरिक ऑपरेशनल भूमिकाएँ कम हो सकती हैं।
फिलहाल इन CEOs ने पूरे बैंकिंग उद्योग में AI से कितनी कुल नौकरियाँ खत्म होंगी, इसका कोई एक आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है। अलग‑अलग बैंक अलग रणनीतियाँ अपना रहे हैं और अधिकांश बदलाव कई वर्षों में धीरे‑धीरे होंगे।
अब तक सबसे स्पष्ट आंकड़े ये हैं:
कुल मिलाकर बैंकिंग उद्योग के शीर्ष नेताओं का संदेश यह है कि AI वित्तीय क्षेत्र को बदल देगा—लेकिन यह बदलाव धीरे‑धीरे, असमान रूप से और नई नौकरियों के साथ आएगा, न कि अचानक बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म होने के रूप में।
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