इसी वजह से कई नियामक बैंकों को निम्न कदम उठाने के लिए कह रहे हैं:
मकसद यह है कि बैंक ऐसे खतरों का सामना कर सकें जो अब मानव गति नहीं बल्कि मशीन की गति से विकसित हो रहे हैं ।
Anthropic ने Claude Mythos Preview को एक उन्नत AI सिस्टम के रूप में पेश किया, जिसका ध्यान खास तौर पर साइबर सुरक्षा पर है। रिपोर्टों के अनुसार, यह मॉडल बड़े सॉफ्टवेयर सिस्टम में छिपी कमजोरियों को ढूंढने और उनका उपयोग करने की क्षमता दिखा चुका है ।
कंपनी के अनुसार इस मॉडल ने "हजारों उच्च‑गंभीरता वाली कमजोरियां" खोजीं, जिनमें प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउज़र भी शामिल हैं ।
एक रिपोर्ट में बताया गया कि इसने OpenBSD ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसी कमजोरी खोजी जो लगभग 27 साल तक नजर नहीं आई थी ।
AI की वजह से साइबर हमलों की पूरी प्रक्रिया तेज़ हो सकती है:
बैंकों के लिए यह खास तौर पर चिंता का विषय है क्योंकि कई संस्थान अभी भी पुराने और जटिल आईटी सिस्टम पर निर्भर हैं, जिनमें ऐसी कमजोरियां हो सकती हैं जिन्हें AI जल्दी खोज सकता है ।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि Mythos की क्षमताओं से जुड़ी कई जानकारी रिपोर्टों और द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, इसलिए कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है ।
इन उभरते जोखिमों के जवाब में तकनीकी कंपनियां ऐसे AI टूल बना रही हैं जो सुरक्षा टीमों की मदद करें। इसी दिशा में OpenAI ने Daybreak नाम की एक साइबर सुरक्षा पहल शुरू की है।
Daybreak का उद्देश्य संगठनों को हमलावरों से पहले सॉफ्टवेयर कमजोरियां खोजने और ठीक करने में मदद करना है ।
यह प्लेटफॉर्म OpenAI के उन्नत AI मॉडल को Codex Security नामक एजेंट‑आधारित सिस्टम के साथ जोड़ता है, जो कोड का विश्लेषण कर सकता है, कमजोरियां पहचान सकता है और उनके समाधान भी सुझा सकता है ।
Daybreak के जरिए सुरक्षा टीम कई काम कर सकती हैं:
OpenAI ने साइबर सुरक्षा के लिए विशेष मॉडल स्तर भी पेश किए हैं, जैसे GPT‑5.5‑Cyber, जिन्हें नियंत्रित एक्सेस के साथ सुरक्षा शोधकर्ताओं और डिफेंस टीमों के लिए उपलब्ध कराया जाता है ।
इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि vulnerability मिलने और उसे ठीक करने के बीच का समय कम से कम हो—क्योंकि AI‑आधारित हमले भी उसी तेजी से विकसित हो सकते हैं ।
Claude Mythos और Daybreak जैसे सिस्टम एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करते हैं। साइबर सुरक्षा अब तेजी से AI बनाम AI की प्रतिस्पर्धा में बदल रही है।
भविष्य में साइबर सुरक्षा का संतुलन इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन‑सा पक्ष—हमलावर या रक्षक—अपनी प्रक्रियाओं को ज्यादा तेजी से स्वचालित कर पाता है।
नियामकों का कहना है कि तकनीक के साथ‑साथ साइबर गवर्नेंस भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। वित्तीय संस्थानों से उम्मीद की जा रही है कि वे AI को अपनाते समय उससे जुड़े जोखिमों का सही प्रबंधन कर सकें।
मुख्य प्राथमिकताएं इस प्रकार उभर रही हैं:
उन्नत AI मॉडल जो सॉफ्टवेयर की गंभीर कमजोरियां खोज सकते हैं, उन्होंने साइबर सुरक्षा की रणनीति को बदल दिया है। Claude Mythos जैसे सिस्टम दिखाते हैं कि कमजोरियां कितनी तेजी से सामने आ सकती हैं, जबकि OpenAI का Daybreak रक्षात्मक पक्ष को उसी स्तर की स्वचालन क्षमता देने की कोशिश करता है।
आने वाले वर्षों में यह तय करेगा कि साइबर सुरक्षा का पलड़ा किस ओर झुकेगा—इस पर निर्भर करेगा कि संस्थान AI‑आधारित सुरक्षा को कितनी जल्दी और जिम्मेदारी से अपनाते हैं।