अभी यूरोपीय शेयरों पर सबसे बड़ा बाहरी दबाव तेल बाज़ार से आ रहा है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है। हालिया घटनाक्रम के दौरान ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा।
यूरोप के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि महाद्वीप अभी भी बड़े पैमाने पर आयातित ऊर्जा पर निर्भर है। तेल महंगा होने से:
जब भी तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट या तनाव कम होने की खबर आती है—जैसे हॉर्मुज़ मार्ग के फिर से सुचारू होने की संभावना—तो अक्सर यूरोपीय शेयरों में छोटी रैली देखने को मिलती है।
ऊंची ऊर्जा कीमतें यूरोप में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं।
यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के लिए ब्याज दरें कम करना कठिन हो सकता है। कुछ स्थितियों में नीति को अधिक समय तक सख्त रखना पड़ सकता है। बढ़ती तेल कीमतों ने पहले से ही निकट भविष्य में दर कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है, जिससे शेयर बाज़ार की तेजी सीमित हो सकती है।
बॉन्ड बाज़ार में भी इसका असर दिखा है—कभी‑कभी बढ़ती यील्ड्स ने शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव डाला है, खासकर उन क्षेत्रों में जो ब्याज दरों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
मुद्रा बाज़ार भी इस कहानी का अहम हिस्सा है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक के अनुसार, एक अवधि में यूरो डॉलर के मुकाबले लगभग 1% मजबूत हुआ, लेकिन व्यापक व्यापार‑भारित (nominal effective) आधार पर करीब 0.3% कमजोर हुआ। इसका मतलब है कि डॉलर की कमजोरी ने यूरो की मजबूती का आभास दिया, जबकि व्यापक स्तर पर मुद्रा उतनी मजबूत नहीं थी।
यूरो के कमजोर होने से शेयर बाज़ार पर दो तरह का असर पड़ता है:
यही वजह है कि यूरोपीय बाज़ार अक्सर "खींचतान" वाली स्थिति में दिखाई देते हैं।
हालांकि बाज़ार अभी तक स्थिर है, लेकिन कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि यह तेजी स्थायी नहीं हो सकती।
Bank of America के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर निवेशक आर्थिक वृद्धि को जरूरत से ज्यादा आशावादी मान रहे हैं, तो यूरोपीय शेयरों में 10% से अधिक गिरावट आ सकती है।
इसी तरह, निवेशकों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि कई बाज़ार प्रतिभागियों को लगता है कि नई ऊंचाइयों तक पहुंचने से पहले शेयरों में एक सुधार (correction) आ सकता है।
मुख्य जोखिमों में शामिल हैं:
यूरोपीय शेयर बाज़ार की दिशा अब कुछ प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी।
तेजी के कारक:
कमजोरी के कारक:
अमेरिका–ईरान तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के जोखिमों के बावजूद यूरोपीय शेयर बाज़ार अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं। Stoxx 600 का हालिया उच्च स्तरों के आसपास टिके रहना बताता है कि मजबूत कॉर्पोरेट कमाई और निवेशकों का भरोसा अभी भी बाज़ार को सहारा दे रहा है।
फिर भी संतुलन नाजुक है। यदि तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और महंगाई बढ़ती है, तो यह तेजी रुक सकती है। वहीं यदि ऊर्जा कीमतें कम होती हैं और भू‑राजनीतिक तनाव घटता है, तो यूरोपीय शेयरों में आगे भी बढ़त की संभावना बनी रह सकती है।
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