साल के अंत की बिक्री के लिए टीवी तैयार करने का समय है और इसी बीच BOE, TCL CSOT और HKC ने LCD टीवी पैनलों के लिए ऊंची कीमतों की मांग रखी है। Samsung, LG और Sony जैसे ब्रांडों के सामने इससे खरीद लागत का सवाल खड़ा होता है। लेकिन सप्लायर का नोटिस, तय हो चुका सौदा नहीं है: किस ब्रांड को किस आकार के पैनल के लिए कितना भुगतान करना होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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किसने कब कीमत बदलने की बात कही?
BOE ने 15 सितंबर को ग्राहकों को बताया कि वह 2026 की चौथी तिमाही से नई कीमतें लागू करना चाहती है। हर उत्पाद की कीमत पर ग्राहक से अलग बातचीत होगी। TCL CSOT ने 28 अगस्त को चुनिंदा पैनलों के लिए सितंबर से बढ़ोतरी का नोटिस दिया, जबकि HKC ने 8 सितंबर को नोटिस भेजा। तीनों में से किसी ने सभी पैनलों पर लागू होने वाला एक समान वृद्धि प्रतिशत नहीं बताया।
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BOE ने कच्चे माल और आपूर्ति शृंखला की बढ़ती लागत का हवाला दिया। खबरों के मुताबिक, HKC ने ड्राइवर चिप, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और ग्लास सब्सट्रेट की खरीद महंगी होने की बात कही।
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28 बाजार शोध संस्था TrendForce का अनुमान है कि AI से जुड़ी मांग के कारण जरूरी शुरुआती सामग्रियों की उपलब्धता पर दबाव पड़ेगा और चौथी तिमाही में टीवी पैनल बनाने की लागत पिछली तिमाही से 4–7% बढ़ सकती है। यह निर्माण लागत का अनुमान है—पैनल के बिक्री मूल्य में उतनी ही बढ़ोतरी का पूर्वानुमान नहीं।
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कम उत्पादन से मोलभाव की स्थिति कैसे बदलती है?
मांग कमजोर हो तो कंपनियां उत्पादन घटाकर बाजार में उपलब्ध पैनलों की मात्रा सीमित रख सकती हैं। TrendForce के मुताबिक, BOE, TCL CSOT और HKC चीन के अक्टूबर के ‘गोल्डन वीक’ अवकाश के आसपास ग्राहकों की कम मांग को देखते हुए उत्पादन घटाने की योजना बना रही हैं। उसका अनुमान है कि अक्टूबर में पांचवीं पीढ़ी और उससे बड़ी पैनल उत्पादन लाइनों की क्षमता का उपयोग 79.6% रहेगा—सितंबर से 4.2 प्रतिशत अंक कम। यह उद्योग की व्यापक उत्पादन लाइनों का आंकड़ा है; इससे इन तीन सप्लायरों के लिए लगभग 70% उपयोग के दावे की पुष्टि नहीं होती।
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कीमत बढ़ाने की कोशिश और बाजार में कीमत बढ़ जाना अलग बातें हैं। जुलाई और अगस्त में टीवी पैनल सस्ते होने के बाद TrendForce ने सितंबर में सभी स्क्रीन आकारों के पैनल दाम स्थिर रहने का अनुमान लगाया था। उत्पादन घटाने से आगे की गिरावट रोकने में मदद मिल सकती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी हर आकार के पैनल की कीमत बढ़ने का प्रमाण नहीं देती।
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बड़े स्क्रीन वाले पैनलों में इनका पलड़ा भारी क्यों है?
Samsung और LG से जुड़ी डिस्प्ले कंपनियां बड़े आकार के LCD पैनल बनाना छोड़ चुकी हैं। इससे उनके टीवी कारोबार की निर्भरता चीनी कंपनियों सहित बाहरी सप्लायरों पर बढ़ी है।
6 एक रिपोर्ट ने Omdia के अनुमान के हवाले से कहा है कि 65, 75 और 85 इंच के LCD टीवी पैनलों में BOE, TCL CSOT और HKC की संयुक्त हिस्सेदारी 70–85% है। यहां उस अनुमान का मूल बाजार डेटा उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे हर स्क्रीन आकार के लिए स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ा नहीं मानना चाहिए।
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उत्पादन घटने के साथ कीमत बढ़ने की पुरानी मिसाल भी है। The Elec के मुताबिक, 2023 में उत्पादन कटौती के बाद मार्च में 32–55 इंच के टीवी पैनलों के दाम 3–5% और 65 इंच के पैनलों के दाम 7–9% बढ़े थे। अप्रैल में 65 इंच का पैनल 13 डॉलर और महंगा हुआ। हालांकि 2023 का अनुभव यह नहीं बताता कि 2026 की बातचीत का नतीजा भी ऐसा ही होगा।
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ब्लैक फ्राइडे पर टीवी खरीदने वालों के लिए क्या मतलब है?
समय अहम है: ब्रांड ब्लैक फ्राइडे और क्रिसमस की बिक्री के लिए पैनल खरीदकर टीवी का स्टॉक तैयार कर रहे हैं। TrendForce का हवाला देने वाली रिपोर्ट के अनुसार, बड़े टीवी ब्रांडों की तीसरी तिमाही में पैनल खरीद दूसरी तिमाही से 15% अधिक रहने का अनुमान था।
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लागत बढ़ने पर ब्रांड अलग-अलग मॉडल और स्क्रीन आकार के लिए मोलभाव कर सकते हैं, कुछ अतिरिक्त खर्च खुद उठा सकते हैं, खरीद या उत्पादों का मिश्रण बदल सकते हैं, बिक्री के दौरान छूट घटा सकते हैं या लागत का कुछ हिस्सा आगे बढ़ा सकते हैं। पहले खरीदे गए पैनलों से बने टीवी पर असर देर से दिख सकता है। खासकर कम कीमत वाले टीवी में लागत का दबाव संभालना मुश्किल हो सकता है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट उनके मुनाफे का आंकड़ा या ग्राहकों तक पहुंचने वाली संभावित बढ़ोतरी की मात्रा नहीं बताती।
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फिलहाल सबसे ठोस निष्कर्ष यही है: टीवी ब्रांडों पर लागत और छूट का दबाव बढ़ा है, पर त्योहारी सीजन में टीवी के खुदरा दाम बढ़ना तय नहीं है।