Alibaba अपने Qwen AI असिस्टेंट को Taobao और Tmall जैसे ई‑कॉमर्स प्लेटफॉर्म में जोड़ रहा है। इससे यूज़र सर्च बार की बजाय सीधे बातचीत के जरिए प्रोडक्ट खोज सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार Qwen को अरबों प्रोडक्ट लिस्टिंग तक एक्सेस दिया जा रहा है, ताकि AI कैटलॉग ब्राउज़ कर सके, तुलना कर सके और यूज़र को सुझाव दे सके।
Alibaba के कंज़्यूमर ऐप्स में यह असिस्टेंट पहले ही सैकड़ों मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं तक पहुँच चुका है। कई मामलों में प्रोडक्ट तुलना, कूपन लागू करना और भुगतान—सब कुछ चैट इंटरफेस के भीतर ही हो सकता है, अक्सर Alipay के जरिए।
Meituan—जो फूड डिलीवरी, ट्रैवल बुकिंग और लोकल सर्विसेज के लिए चीन का बड़ा सुपर‑ऐप है—ने Xiaomei नाम का AI एजेंट पेश किया है।
मतलब यह सिस्टम सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि काम भी पूरा कर सकता है। उदाहरण के लिए:
"आज मेरा वही लंच ऑर्डर कर दो, लेकिन डिलीवरी 20 मिनट देर से हो।"
AI एजेंट यूज़र की पसंद पहचानता है, सही ऑर्डर चुनता है और प्रक्रिया पूरी कर देता है—कभी‑कभी बिना अतिरिक्त स्क्रीन इंटरैक्शन के।
JD.com भी AI‑आधारित शॉपिंग असिस्टेंट और स्मार्ट प्रोडक्ट गाइड विकसित कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि AI रिटेल ऑपरेशन और ग्राहक इंटरैक्शन दोनों में बड़ी भूमिका निभाए।
पूरे चीनी टेक सेक्टर में अब जिस मॉडल पर प्रतिस्पर्धा हो रही है, उसे कई विश्लेषक “agentic commerce” कहते हैं।
इस मॉडल में सवाल यह नहीं रहता कि किस प्लेटफॉर्म पर सबसे सस्ता या तेज़ डिलीवरी है। असली मुकाबला यह बन जाता है कि कौन सा AI एजेंट ग्राहक की खरीदारी की मंशा को सबसे पहले समझ लेता है।
पारंपरिक ई‑कॉमर्स सर्च मुख्य रूप से कीवर्ड मैचिंग और रैंकिंग एल्गोरिदम पर निर्भर होता है। AI एजेंट इसके बजाय संदर्भ और उद्देश्य को समझते हैं।
मुख्य अंतर:
इससे खरीदारी का अनुभव ऐसा लगता है जैसे किसी जानकार सेल्सपर्सन से सलाह ली जा रही हो।
AI एजेंट एक साथ कई संकेतों का उपयोग कर सकते हैं:
इससे वे सैकड़ों प्रोडक्ट दिखाने की बजाय कुछ मजबूत विकल्पों का सार दे सकते हैं और उनके बीच के फर्क भी समझा सकते हैं। बड़े मार्केटप्लेस में होने वाली “choice overload” समस्या इससे कम हो सकती है।
कुछ प्लेटफॉर्म पहले ही AI का उपयोग करके यूज़र व्यवहार के आधार पर कूपन और ऑफर भी तय कर रहे हैं। परीक्षणों में इससे कन्वर्ज़न रेट बढ़ने की रिपोर्ट है।
AI एजेंट खरीदारी प्रक्रिया को छोटा कर सकते हैं। पहले आम तौर पर यूज़र को यह करना पड़ता था:
AI एजेंट इन कदमों का बड़ा हिस्सा खुद कर सकते हैं—रिव्यू का सार, स्पेसिफिकेशन तुलना, फायदे‑नुकसान समझाना और अंत में खरीदारी पूरी करना।
हालाँकि बातचीत‑आधारित शॉपिंग सुविधा बढ़ाती है, लेकिन इससे एक नया मुद्दा भी सामने आता है: सिफारिशों को नियंत्रित कौन करता है?
जब AI अरबों प्रोडक्ट में से सिर्फ कुछ विकल्प चुनकर दिखाता है, तो उसका प्रभाव बहुत बड़ा हो जाता है। संभावित चिंताएँ शामिल हैं:
इसका मतलब है कि AI असिस्टेंट भविष्य में मार्केटप्लेस और ग्राहक के बीच नया गेटकीपर बन सकता है।
चीन में AI शॉपिंग एजेंट का प्रयोग दिखाता है कि डिजिटल कॉमर्स आगे किस दिशा में जा सकता है।
भविष्य में सर्च बार और प्रोडक्ट ग्रिड की जगह शायद स्मार्ट असिस्टेंट के साथ बातचीत ले ले—जो जरूरत समझें, बड़े कैटलॉग में रास्ता ढूँढें और खरीदारी प्रक्रिया को खुद संभालें।
उस दुनिया में जीत केवल बड़े कैटलॉग या तेज़ लॉजिस्टिक्स की नहीं होगी। असली बढ़त उस प्लेटफॉर्म को मिलेगी जिसके पास सबसे सक्षम AI एजेंट होगा जो यूज़र की खरीदारी यात्रा को मार्गदर्शन दे सके।
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