चीन का प्रस्तावित अंतरिक्ष डेटा सेंटर किसी एक विशाल प्लेटफ़ॉर्म के रूप में नहीं, बल्कि अलग-अलग सैटेलाइट कार्यक्रमों की क्षमताओं के रूप में आकार ले रहा है। एक कार्यक्रम कक्षा में एआई से डेटा प्रोसेसिंग और सैटेलाइटों के बीच संपर्क जाँचता है; दूसरे काम सौंपने, सेवाएँ चलाने और परिणाम तेज़ी से धरती तक पहुँचाने पर केंद्रित हैं। सितंबर 2026 तक उपयोगी क्षमताओं के परीक्षण हुए थे, लेकिन एकीकृत, बड़े पैमाने पर नियमित सेवा देने वाला ‘स्पेस क्लाउड’ साबित नहीं हुआ था।
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थ्री-बॉडी: कक्षा में एआई और सैटेलाइटों के बीच संपर्क
थ्री-बॉडी कंप्यूटिंग कॉन्स्टेलेशन के पहले 12 सैटेलाइट मई 2025 में छोड़े गए। महीनों के परीक्षण के बाद झेजियांग लैब ने बताया कि इस समूह में 10 एआई मॉडल तैनात किए गए और सैटेलाइटों के बीच नेटवर्किंग स्थापित हुई। प्रकाशित विवरणों में 8 अरब पैरामीटर वाले मॉडल और प्रति सैटेलाइट प्रति सेकंड 744 ट्रिलियन ऑपरेशन की बताई गई क्षमता का ज़िक्र है। ये रिपोर्ट की गई क्षमताएँ हैं, पूरे बेड़े की लगातार हासिल की गई सेवा-गति नहीं।
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डेवलपरों के अनुसार, दो सैटेलाइटों के बीच लेज़र लिंक आठ दिन से अधिक समय तक बना रहा और उसकी उपलब्धता 99.99% रही। यह संपर्क का अहम परीक्षण है, पर इससे पूरे समूह के लिए वैसा ही प्रदर्शन साबित नहीं होता। हज़ारों सैटेलाइट और कहीं अधिक कुल कंप्यूटिंग क्षमता की बातें अभी योजनाएँ हैं, पहले 12 सैटेलाइटों की मौजूदा क्षमता नहीं।
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लिजियान-1 Y18: नए नोड, पर साझा कामकाज की परीक्षा बाकी
20 सितंबर 2026 को लिजियान-1 Y18 रॉकेट ने नौ सैटेलाइट कक्षा में पहुँचाए, जिनमें चिनलिंग-1 और चिनलिंग-2 शामिल थे। नए लॉन्च हुए चाओझिसुआन-1 के बारे में रिपोर्ट है कि उसने कक्षा में पृथ्वी-अवलोकन डेटा प्रोसेस करना शुरू किया—इसमें ऑप्टिकल लिंक से दूसरे सैटेलाइटों से मिला डेटा भी शामिल था।
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दूसरे सैटेलाइट का डेटा प्रोसेस करना वितरित कंप्यूटिंग की दिशा में एक कदम है। लेकिन केवल इससे यह साबित नहीं होता कि ये नए पेलोड लगातार काम बाँटकर एक साझा कंप्यूटिंग क्लाउड की तरह चल रहे हैं। इसी लॉन्च में PEGA-SUS1 भी था, जिसे एक ही सैटेलाइट पर संचार, डेटा जुटाने, कंप्यूटिंग और बुद्धिमान प्रोसेसिंग को जोड़ने के परीक्षण के रूप में वर्णित किया गया है।
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तियानसुआन: सेवाएँ चलाने और नेटवर्क सँभालने की परत
तियानसुआन का ज़ोर सॉफ़्टवेयर और संचालन पर है। इसके शोधकर्ताओं ने TY20 सैटेलाइट पर 5G कोर नेटवर्क तैनात करने के परीक्षण का दस्तावेज़ीकरण किया है। इसमें धरती पर मौजूद एक निजी 5G नेटवर्क के साथ सिग्नलिंग भी जाँची गई। यह नेटवर्किंग प्रयोग था, कक्षा से आम उपभोक्ताओं को 5G कवरेज देने का प्रदर्शन नहीं।
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अगस्त 2026 तक तियानसुआन के डेवलपर ने कहा कि उसका अंतरिक्ष कंप्यूटिंग क्लाउड नियमित प्रायोगिक सेवाएँ देने लगा है। बताई गई प्रणाली सैटेलाइट प्लेटफ़ॉर्म, अंतरिक्ष सर्वर, ग्राउंड स्टेशन और धरती के डेटा सेंटरों में काम भेजने, तैनात करने, चलाने और उसकी निगरानी का समन्वय करती है। तियानसुआन-2 के घोषित परीक्षण लक्ष्यों में KubeEdge की मदद से सैटेलाइट पर एआई इन्फ़रेंस, हल्के 5G कोर नेटवर्क का अपडेट और अन्य एज-कंप्यूटिंग सेवाएँ शामिल हैं। घोषित लक्ष्य को पूरा हो चुके कक्षीय परिणाम के बराबर नहीं मानना चाहिए।
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AIRSAT-02: डेटा धरती तक पहुँचाने का तेज़ रास्ता
चाइनीज़ एकेडमी ऑफ़ साइंसेज़ ने AIRSAT-02 से धरती के ग्राउंड स्टेशन तक लेज़र संचार के प्रयोग में 100 Gbps से अधिक और अधिकतम 120 Gbps की गति के साथ स्थिर लिंक की सूचना दी। एक अलग विवरण के मुताबिक, सैटेलाइट के हार्डवेयर को बदले बिना कक्षा में सॉफ़्टवेयर का पुनर्विन्यास करके ऊँची गति हासिल की गई।
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यह नतीजा सैटेलाइट से ग्राउंड स्टेशन तक डेटा भेजने वाले लिंक का है। इससे यह साबित नहीं होता कि हर कंप्यूटिंग सैटेलाइट अपने साथी सैटेलाइटों से 120 Gbps पर जुड़ा है, या कोई अंतरिक्ष डेटा सेंटर काम मिलने से लेकर परिणाम पहुँचाने तक यह गति बनाए रख सकता है।
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असली कसौटी: अलग-अलग सफलताओं को एक सेवा में जोड़ना
इन कार्यक्रमों से प्रस्तावित व्यवस्था की रूपरेखा समझ आती है: डेटा जहाँ इकट्ठा हो, उसके पास ही उसे प्रोसेस करना; सैटेलाइटों और ज़मीनी प्रणालियों के बीच काम बाँटना; और परिणाम तेज़ लिंक से धरती तक भेजना।
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21 लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें बड़े बेड़े में लगातार कंप्यूटिंग प्रदर्शन, भरोसेमंद वितरित शेड्यूलिंग या इन चारों कार्यक्रमों को जोड़ने वाली एक सेवा स्थापित नहीं करतीं। इसलिए परीक्षणों की गति और प्रस्तावित सैटेलाइट संख्या को प्रगति तथा महत्वाकांक्षा के संकेत समझना बेहतर है—पहले से चल रहे पूर्ण अंतरिक्ष डेटा सेंटर की विशिष्टताएँ नहीं।
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