नियामक को नियमित रिपोर्टिंग
प्लेटफॉर्म अब हर तीन महीने में Ofcom को रिपोर्ट देगा, जिसमें बताया जाएगा कि हेट स्पीच और आतंकवाद से जुड़े अवैध कंटेंट से वह कैसे निपट रहा है।
बाहरी विशेषज्ञों की भागीदारी
नई व्यवस्था के तहत X ने यह भी स्वीकार किया है कि वह अवैध हेट और आतंकवादी सामग्री से निपटने के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सलाह और विश्लेषण को अपने मॉडरेशन सिस्टम में शामिल करेगा।
Ofcom पिछले कई महीनों से बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दबाव बना रहा था कि वे यह साबित करें कि उनके पास अवैध ऑनलाइन सामग्री से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था है।
नियामक का कहना है कि ये नई प्रतिबद्धताएँ यूके के उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुरक्षा देने और रिपोर्ट होने के बाद अवैध कंटेंट पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं।
Ofcom ने यह भी कहा है कि उसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आतंकवाद से जुड़े हानिकारक कंटेंट के उदाहरण मिले हैं, जिससे कंपनियों पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा है।
हाल के समय में ऑनलाइन कट्टरपंथी और यहूदी‑विरोधी (antisemitic) पोस्ट को लेकर भी चिंता बढ़ी है। रिपोर्टों के अनुसार, यूके में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं की श्रृंखला के बाद सोशल मीडिया कंपनियों पर अधिक सख्ती से कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया था।
कुछ नागरिक समाज और वकालत समूहों ने इन कदमों का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि ऑनलाइन नफरत और चरमपंथी सामग्री को वास्तव में कम करने के लिए मॉडरेशन को और मजबूत तथा लगातार लागू करना होगा।
यह समझौता यूके की व्यापक ऑनलाइन‑सेफ्टी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार और नियामक डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी बढ़ा रहे हैं।
अधिकारियों ने हाल ही में AI‑जनित डीपफेक और अन्य हानिकारक डिजिटल सामग्री को लेकर भी चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि इस तरह की सामग्री कई मामलों में अवैध हो सकती है और प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वह इसके प्रसार को रोके।
इसी संदर्भ में ब्रिटेन के डेटा संरक्षण नियामक Information Commissioner’s Office (ICO) ने X के Grok AI सिस्टम की भी जांच शुरू की है। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह सिस्टम हानिकारक यौन प्रकृति की छवियाँ बना सकता है और उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा को कैसे संसाधित करता है।
X द्वारा दी गई ये प्रतिबद्धताएँ यूके में अवैध हेट स्पीच और आतंकवादी कंटेंट पर प्लेटफॉर्म की कार्रवाई को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
हालाँकि, इससे नियामकीय जांच समाप्त नहीं हुई है। Ofcom ने स्पष्ट किया है कि X की प्रणालियों और संबंधित तकनीकों की जांच अभी भी जारी है, और उसके परिणामों के आधार पर आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल यह समझौता इस बात का संकेत है कि यूके सरकार और नियामक बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऑनलाइन अवैध सामग्री से निपटने के लिए अधिक जवाबदेह बनाने की कोशिश तेज कर रहे हैं।
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