2024 के मध्य में शुरू किए गए मूल मॉडल में हर पांच मिनट पर एक नया Bitcoin कॉन्ट्रैक्ट खुलता था। ट्रेडर यह अनुमान लगाते थे कि पांच मिनट की अवधि खत्म होने पर Bitcoin की कीमत शुरुआती कीमत से ऊपर होगी या नीचे । सही अनुमान पर कॉन्ट्रैक्ट 1 डॉलर देता था और गलत अनुमान पर उसका मूल्य शून्य हो जाता था।
सेटलमेंट के लिए Chainlink के विकेंद्रीकृत ओरेकल से समाप्ति के ठीक समय का एक सिंगल प्राइस स्नैपशॉट लिया जाता था । यानी परिणाम इस बात पर निर्भर कर सकता था कि उस खास क्षण में संदर्भ कीमत क्या थी।
यही डिजाइन जोखिम का केंद्र बना। कोई ट्रेडर Polymarket पर ‘ऊपर’ या ‘नीचे’ की बड़ी पोजिशन ले सकता था और फिर Binance या Coinbase जैसे बड़े स्पॉट एक्सचेंज पर Bitcoin की कीमत को अंतिम सेकंडों में थोड़ी देर के लिए प्रभावित करने वाली ट्रेडिंग कर सकता था । अगर वह कीमत स्नैपशॉट के समय उसकी पोजिशन के पक्ष में चली जाती, तो Polymarket का कॉन्ट्रैक्ट जीत सकता था—भले ही स्पॉट कीमत का यह उछाल तुरंत वापस क्यों न आ जाए।
जुलाई 2026 में arXiv पर प्रकाशित इस वर्किंग पेपर में करीब दो महीनों के दौरान लगभग 16,000 पांच-मिनट वाले Bitcoin कॉन्ट्रैक्ट्स का विश्लेषण किया गया । शोधकर्ताओं के प्रमुख निष्कर्ष ये थे:
शोधकर्ताओं ने जब 15-मिनट वाले कॉन्ट्रैक्ट्स का विश्लेषण किया, तो ये संदिग्ध पैटर्न पूरी तरह गायब हो गए । इस तरह अध्ययन ने संकेत दिया कि समस्या प्रेडिक्शन मार्केट्स के विचार में नहीं, बल्कि पांच मिनट की अत्यंत छोटी अवधि और एकल क्षण पर होने वाले सेटलमेंट में थी ।
Polymarket का नया सिस्टम 7 अगस्त 2026 को 00:00 UTC से लागू हुआ । अब प्रभावित क्रिप्टो ‘अप/डाउन’ मार्केट्स Chainlink-आधारित TWAP का इस्तेमाल करते हैं । बाजार की अवधि के अनुसार औसत निकालने की विंडो अलग है:
किसी एक क्षण की कीमत को प्रभावित करने के बजाय कई सेकंड की कीमतों का औसत इस्तेमाल करने से अंतिम कीमत को अचानक ऊपर या नीचे धकेलना अधिक कठिन और महंगा हो जाता है। Polymarket ने कहा कि यह बदलाव “मार्केट की अखंडता की रक्षा” के लिए किया गया है ।
संक्रमण के दौरान लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए प्लेटफॉर्म ने अगस्त महीने में प्रभावित मार्केट्स में कुल 1 मिलियन डॉलर के लिक्विडिटी रिवॉर्ड्स की घोषणा की ।
हालांकि, बदलाव पूरी तरह सममित नहीं है। क्लोजिंग कीमत अब औसत से निकाली जाती है, लेकिन ओपनिंग कीमत अभी भी एकल स्नैपशॉट है । इस अंतर पर टिप्पणी हुई है, फिर भी मुख्य सुधार यही है कि सेटलमेंट के अंतिम मूल्य को कुछ सेकंड के लिए मनमाने ढंग से प्रभावित करना अब पहले की तुलना में कठिन होगा।
TWAP बदलाव ऐसे समय में आया है जब Polymarket का अमेरिकी नियामकीय इतिहास लगातार बदल रहा है। इसका केंद्र अमेरिकी Commodity Futures Trading Commission (CFTC) है, जो डेरिवेटिव्स और कुछ प्रेडिक्शन मार्केट्स की निगरानी करती है।
इस मामले से एक अहम बात सामने आती है: ब्लॉकचेन पर लेन-देन पारदर्शी और सार्वजनिक होने के बावजूद बाजार का डिजाइन गलत प्रोत्साहन पैदा कर सकता है। यदि भुगतान का फैसला किसी एक क्षण की कीमत पर निर्भर हो, तो तकनीकी पारदर्शिता अकेले बाजार को निष्पक्ष नहीं बना सकती ।
Stanford/SMU अध्ययन में 15-मिनट वाले कॉन्ट्रैक्ट्स पर हेरफेर के पैटर्न का गायब होना और अब TWAP की ओर Polymarket का कदम यह दिखाता है कि सेटलमेंट विंडो और कीमत तय करने की पद्धति कितनी महत्वपूर्ण हैं।
ट्रेडरों के लिए संदेश सीधा है: पांच-मिनट वाले Bitcoin मार्केट्स भले ही तेज और आकर्षक दिखें, लेकिन उनकी अल्ट्रा-शॉर्ट अवधि ने अनुभवी प्रतिभागियों को कम जानकारी वाले ट्रेडरों के खिलाफ फायदा उठाने का अवसर दिया हो सकता है। नियामकों के लिए यह अध्ययन एक उपयोगी जांच-ढांचा देता है, जिससे दूसरे प्रेडिक्शन मार्केट्स में भी ऐसे डिजाइन जोखिमों को परखा जा सकता है।
Polymarket अब अंतरराष्ट्रीय बाजार और CFTC-नियंत्रित अमेरिकी प्लेटफॉर्म—दोनों के बीच अपना मॉडल विकसित कर रहा है। TWAP बदलाव से पता चलता है कि प्लेटफॉर्म बाजार की निष्पक्षता से जुड़े जोखिमों पर प्रतिक्रिया देने को तैयार है। लेकिन CFTC की अन्य गतिविधियों को लेकर जारी जांच के कारण Polymarket पर नियामकीय और बाजार संबंधी निगरानी अभी खत्म नहीं हुई है।