ISW का आकलन है कि राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन युद्ध की एक भ्रामक तस्वीर दिखाई गई है और उन्हें भरोसा है कि 2026 की पतझड़ तक पूरा डोनबास जीता जा सकता है, जिसकी वजह वरिष्ठ कमांडरों द्वारा दिखाए जा रहे बेहद बढ़ा चढ़ाकर बन... जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है: 2026 के शुरुआती पाँच महीनों में रूसी सेना ने 2025 की समान अवधि की तु...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Based on the ISW assessment published on May 28, how has Russian President Vladimir Putin likely developed a distorted picture of his milita. Article summary: Here is the synthesized answer based on the ISW May 28 assessment and supporting evidence.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The map displays the control and military engagement zones in Ukraine as of May 6, 2024, with color-coded regions indicating Russian-controlled territory, Ukrainian efforts, and re" Reference image 2: visual subject "Vladimir Putin is seated in front of military personnel, with medals and ribbons on the uniform of the individual behind him, indicating a military performance assessment in May 20" Style: premium digital editorial illustration
इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का एक नया आकलन एक ऐसी तस्वीर पेश करता है जिसमें रूसी हाईकमान नियमित रूप से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध का एक ख़तरनाक रूप से विकृत दृश्य परोस रहा है। नतीजा, विश्लेषकों के अनुसार, एक ऐसा नेता है जो अभी भी "डोनबास में त्वरित जीत के प्रति आश्वस्त है" , जबकि सत्यापित युद्धक्षेत्र डेटा दिखाता है कि उसका अभियान लगभग रुकने की कगार पर है और डेढ़ साल से अधिक समय में पहली बार, उल्टा लौट रहा है।
इस दावे का केंद्रीय प्रमाण 9 अप्रैल, 2026 का एक लीक हुआ रूसी रक्षा मंत्रालय का मानचित्र है, जो 28 मई को ऑनलाइन सामने आया। यह नक्शा कुप्यांस्क क्षेत्र में रूसी सेनाओं को भू-स्थान साक्ष्यों की पुष्टि से कहीं अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण दिखा रहा था। ISW ने अपने आकलन में कहा कि उसने "उस लीक हुए नक्शे पर दिए गए दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं देखा है" । यह कोई अकेली घटना नहीं है बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा युद्धक्षेत्र का एक काल्पनिक संस्करण प्रस्तुत किए जाने के महीनों पुराने पैटर्न की नवीनतम कड़ी है।
ISW की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी जनरल स्टाफ के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव इस झूठी कहानी के प्रमुख वास्तुकार रहे हैं, जिन्होंने "लगातार पाँच महीनों तक अत्यधिक ग़लत युद्धक्षेत्र आकलन" प्रस्तुत किए । उनकी ब्रीफिंग में बार-बार दावा किया गया कि रूसी सेनाएँ कुप्यांस्क के पश्चिम में आगे बढ़ रही हैं, एक ऐसा शहर जिस पर वास्तव में उन्होंने कब्जा नहीं किया है
। मई के मध्य में, गेरासिमोव ने इस झूठ को और बढ़ाते हुए बेतुका दावा कर दिया कि उसकी सेनाओं ने पूरे बोरोवा और 85% लाइमन पर कब्जा कर लिया है – ऐसे दावे जिनके लिए ISW को "कोई सबूत नहीं" मिला
।
यह सुनियोजित विकृति पुतिन की रणनीतिक सोच को आकार देती दिख रही है। राष्ट्रपति की सोच से परिचित सूत्रों का कहना है कि वह "अभी भी आश्वस्त हैं कि उनकी सेना 2026 की पतझड़ तक पूरे दोनेत्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों पर कब्जा कर सकती है" और भविष्य की वार्ताओं में इसे दांव के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है । ISW के विश्लेषक इस भरोसे का कारण सीधे तौर पर उनकी अपनी ही सैन्य कमान द्वारा खिलाए गए बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए नक्शों और ब्रीफिंग को मानते हैं
।
ज़मीनी स्तर पर जो तथ्यात्मक तस्वीर ISW ने दर्ज की है, वो क्रेमलिन के दावों से बिल्कुल भिन्न है।
कुप्यांस्क की लड़ाई क्रेमलिन के झूठ और अग्रिम पंक्ति के सच के बीच की खाई को पूरी तरह से उजागर करती है। रूसी हाईकमान 2025 की देर से गर्मियों से ही शहर पर कब्जे के बारे में लगातार बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रहा है, लेकिन ISW और समर्थक रूसी सैन्य ब्लॉगर्स दोनों ने ही बार-बार इन दावों का खंडन किया है ।
मई 2026 में, एक रूसी मिलब्लॉगर ने बताया कि कुप्यांस्क के सिटी सेंटर में महीनों से घिरे लगभग 20 रूसी सैनिकों के एक छोटे समूह का काफी हद तक सफाया कर दिया गया था, और 23 मई तक भी यूक्रेनी सेनाएँ उनके बचे हुए ठिकानों को निशाना बना रही थीं । ISW का आकलन है कि रूसी सेनाएँ "कुप्यांस्क के भीतर कोई समेकित ठिकाना नहीं रखती हैं" और केवल कुछ अलग-थलग घुसपैठिए बचे हुए हैं, जो क्रेमलिन की कहानी का सीधा खंडन है
।
इस अलगाव का सबसे सटीक सबूत खुद रूस के नेतृत्व का एक निर्देश हो सकता है। 28 मई को, उसी दिन जब लीक हुआ नक्शा सामने आया, रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसोव ने "कुप्यांस्क, बोरोवा और लाइमन में अग्रिम गति बढ़ाने" का आदेश जारी किया ।
ISW का आकलन है कि यह आदेश कोई सामान्य परिचालन निर्देश नहीं बल्कि एक आतंकित कर देने वाला आदेश है जो "वास्तविक युद्धक्षेत्र स्थितियों का क्रेमलिन को पहले ही पेश किए जा चुके बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए नक्शों से मिलान करने के उद्देश्य से दिया गया है" । वरिष्ठ कमांडरों ने, अपने राष्ट्रपति को खुश करने के लिए तेज जीत की एक काल्पनिक दुनिया बनाकर, अब हर कीमत पर इसे सच करने के लिए मजबूर कर दिया गया है। यह आदेश इस बात की एक अप्रत्यक्ष स्वीकृति है कि असली युद्ध, अपने ढहते अभियानों और शुद्ध क्षेत्रीय नुकसान के साथ, व्लादिमीर पुतिन के सामने पेश किए जाने वाले युद्ध से मेल नहीं खाता।
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ISW का आकलन है कि राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन युद्ध की एक भ्रामक तस्वीर दिखाई गई है और उन्हें भरोसा है कि 2026 की पतझड़ तक पूरा डोनबास जीता जा सकता है, जिसकी वजह वरिष्ठ कमांडरों द्वारा दिखाए जा रहे बेहद बढ़ा चढ़ाकर बन...
ISW का आकलन है कि राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन युद्ध की एक भ्रामक तस्वीर दिखाई गई है और उन्हें भरोसा है कि 2026 की पतझड़ तक पूरा डोनबास जीता जा सकता है, जिसकी वजह वरिष्ठ कमांडरों द्वारा दिखाए जा रहे बेहद बढ़ा चढ़ाकर बन... जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है: 2026 के शुरुआती पाँच महीनों में रूसी सेना ने 2025 की समान अवधि की तुलना में 15 गुना कम क्षेत्र हासिल किया और अप्रैल में अगस्त 2024 के बाद पहली बार 116 वर्ग किमी का शुद्ध क्षेत्रीय नुकसान झेला।
यह खाई इतनी गहरी है कि रूसी रक्षा मंत्री को सेना को वास्तविक गति बढ़ाने का सीधा आदेश देना पड़ा, यानी 'फर्जी नक्शों को सच साबित करने की मजबूरी'।